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सोमवार, 25 जून 2018
मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा :
गुरु नानक देवजी ने भेदभाव मिटाने के लिए कार्य किया
सिख जगत में नयी चेतना जागी
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| प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी रविंदर सिंह मोदी |
प्रधान मंत्री ने साथ ही जलियाँवाला बाग हत्याकांड को वर्ष २०१९ में सौ साल पूर्ण होने की याद में शहीदों के प्रति अपना सम्मान भी व्यक्त किया. मन की बात कार्यक्रम में मोदी जी ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व का जिक्र छेड़कर सिख जगत में एक नयी चेतना का संचार किया. अभी हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर श्री गुरु नानक देवजी के ५५० वें प्रकाशपर्व को मानने के लिए २१४५ करोड़ राशि के पैकेज देने की मांग की थी. साथ ही जलियाँवाला बाग घटना के सौ साल पूर्ण होने के उपलक्ष में कार्यक्रमों और विकास के लिए एक सौ करोड़ के राशि की मांग की थी.
अभी हाल की ही बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंगर सामग्री से जीएसटी हटाने के लिए सकारात्मक कदम उठाया. ये सभी बातें मोदी जी की उस विचारधारा का परिचय देती है जो सिख गुरुओं और उनके इतिहास और बलिदान की क़द्र करती है. मोदी जी का मन हमेशा सिख गुरुओं की विचारधारा से जुड़ा रहे यहीं मनोकामना व्यक्त करता हूँ. मोदी जी को धन्यवाद् और प्रणाम.
रविवार, 24 जून 2018
हजूरी विकास मंच की नयी पहल....!!
रविन्दरसिंघ मोदी
हजूर साहिब, नांदेड़ के सिखों का सबसे बड़ा दुर्भाग्य उनकी गुटबाजी रहीं है. पिछले ६० से ७० वर्षों में कभी भी समाज एकसंघ नहीं रहा है. विचारधारा का टकराव, आपसी मनमुटाव, व्यक्तिगत स्वार्थ, सत्ता की लालसा, दूसरे के प्रति द्वेष और राजनीतिक हस्ताक्षेप के कारण समाज गुटों - गुटों और खेमों में बँटकर रह गया. आज भी गुटबाजी सहित उपर्युक्त सभी मुद्दे कारणीभूत माने जा रहे हैं. गुरुद्वारा बोर्ड की सत्ता पाने और मेम्बरशिप पर कब्ज़ा करने के लिए सभी हैरान - परेशान हैं. साधसंगत की सेवा करने की प्रामाणिक मंशा किसी की भी लग नहीं रही हैं. सभी को चुनावों की जल्दी है. पर बहुत से ऐसे भी सिख हैं जिन्हे दिल से यह लग रहा हैं कि गुरुद्वारा बोर्ड पर स्वच्छ चरित्र और अभ्यासक वृति के लोग आये. चाहे चुनकर या नियुक्त होकर. वहीँ अधिक संख्या में सिख छह रहें हैं कि हजूर साहिब के लोगों की संस्था पर हजूर साहिब के लोग कायम रहें. ऐसे में हजूरी विकास मंच की रविवार (ता. २४ जून, २०१८) को हुई बैठक से एक नहीं पहल शुरू होने की आशा पल्लवित हुई है. सरदार अवतार सिंह पहरेदार ने समाज की बैठक बुलाकर विविध धड़ों और नेताओं को एकत्रित कर गुरुद्वारा बोर्ड में सुधारों को लेकर आंदोलन करने की नीति पर सभी को एकमत करवाया. उनका प्रयास सराहनीय है और वे बधाई के पात्र भी. जो नेता और कार्यकर्ता बैठक में थे उनमें सरकार के उस निर्णय के प्रति रोष नज़र आया जिसमे सरकार ने गुरुद्वारा बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति का अधिकार अपने अधीन कर लिया है. सरकार ने मार्च २०१५ में ये निर्णय लिए था लेकिन उससे पूर्व भाजपा विधायक तारा सिंह की मंशा के अनुरूप गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कानून १९५६ की धारा ११ में छेड़छाड़ (संशोधन) कर लिया था. इस तरह महाराष्ट्र सरकार ने हजूर साहिब की संगत के अधिकारों पर वार करते हुए गुरु घर के प्रबंध के सूत्र अपने हाथ ले लिए थे. जिसके बाद ये प्रचलन शुरू हो गया कि सरकार अपनी मर्जी का अध्यक्ष सीधे नियुक्त कर दे भले फिर वो कोई भी क्यों न हो. संस्था नांदेड़ की, गुरुद्वारा नांदेड़ में, लेकिन अध्यक्ष वो, जो सरकार चाहें. ये घातक निर्णय हजूर साहिब के सिखों की स्वतंत्रता छीननेवाला है. गुरुद्वारा बोर्ड के १७ सदस्यों को ये अधिकार जाता हैं कि वें अपना प्रधान, सचिव, उपाध्यक्ष और सभापति स्वय चुनलें, लेकिन ये अधिकार सरकार के अधीन चले गए हैं. हजूरी विकास मंच की बैठक में आंदोलन को लेकर रूपरेखा ठहराई गई. अब ता. २८ जून, २०१८ को जिलाधीश कार्यालय के सामने आंदोलन जायेगा. धरना धरा जायेगा. समाज के सभी घटक एकत्र आने से आंदोलन मजबूत होगा. ये आंदोलन न हो या कमजोर पड़े इसलिए कुछ राजनीतिक लोग अपने मोहरों को काम पर लगा सकते हैं. या कुछ स्वार्थी लोग जिन्हें स्थानीय सिख समाज के भविष्य से कोई लेना देना नहीं है, केवल मेंबर बनने की मंशा है वे विघ्नसंतोषी धर सकते हैं. इन सब बातों की संभावनाओं के चलते एक नयी पहल की शुरुवात हुई है. मैं इस पहल के लिए मुबारकबाद देता हूँ और अपील करता हूँ कि हजूरी साधसंगत एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होकर शांतिपूर्वक समाधान तलाश करे.
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शनिवार, 23 जून 2018
तीन सिख आईपीएस अधिकारीयों ने
हजुरसाहिब में मत्था टेका
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| सिख आईपीएस अधिकारी धनवंत कौर, अमनजीत कौर और जसमीत सिंघ का सत्कार करते हुए सरदार डी.पी. सिंघ, श्री काकड़े और अन्य। |
हजूर साहिब नांदेड़
हजूर साहिब के श्री गुरु गोबिंदसिंघजी हवाई अड्डे पर फ्लाइट्स शुरू होने के बहुत से लाभ सामने आ रहे हैं. जिनमें एक लाभ तो ये है कि समय बचाने के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो रही है. शनिवार (तारीख २३ जून, २०१८) को सिख समाज के तीन होनहार आईपीएस अधिकारीयों ने अमृतसर से नान्देड़ फ्लाइट्स से यात्रा कर गुरुद्वारा तखत सचखंड साहिब के दर्शन किये.जिनमे अमृतसर की मूल निवासी और बैच वर्ष २००६ की धनप्रीत कौर जो केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री विजय कुमार सापला की सुरक्षा अधिकारी, पंजाब की निवासी लेकिन गुवाहाटी (आसाम) में पुलिस अधीक्षक अमनजीत कौर और दिल्ली के डीसीपी रूप में कार्यरत जसमीत सिंघ (आईपीएस) का समावेश था.
नांदेड़ के जिला पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रशेखर मीणा ने इन तीनों आईपीएस अधिकारीयों का स्वागतकर उन्हें विशेष वाहन भी मुहैया करवाएं। मिली जानकारी के मुताबिक धनवंत कौर और चंद्रशेखर मीणा एक ही बैच के अधिकारी है.
गुरुद्वारा तखत सचखंड हजूर साहिब में तीनों अधिकारीयों को सिरेपाव देकर सत्कार किया गया. बोर्ड प्रशासकीय अधिकारी सरदार डी.पी. सिंह और अधीक्षक गुरिंदर सिंह वाधवा ने गुरुद्वारा की प्रतिकृति और तलवार प्रदानकर उनका यथोचित सत्कार किया. गुरुद्वारा दर्शन और लंगर प्रसाद ग्रहण करने के बाद फ्लाइट से ये अधिकारी अमृतसर की ओर रवाना हो गए. उन्हें यहाँ वजीराबाद के निरीक्षक काकड़े, गुरमीत सिंह दफेदार, गोबिंदसिंघ और अन्य पुलिस कर्मचारियों ने सहकार्य किया.
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बोर्ड के चुनाव के साथ-साथ
गुरुद्वारा बोर्ड कानून में संशोधन होने की आशंका !
रविंदर सिंह मोदी
हजूर साहिब नांदेड़
गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड संस्था के तीन सीटों के चुनाव करवाने की मांग लेकर सिख समाज का एक घटक पिछले दिनों हड़ताल पर था. पश्च्यात भूख हड़ताल भी की गई. लेकिन उस हड़ताल का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला. सभी बातें सरकार और बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष भाजपा के विधायक तारा सिंह के अनुकूल साबित हुई. दक्षिण भारतीय सिखों की ये संस्था अब सभी के निशाने पर है. हर कोई सरकार की चापलूसी कर गुरुद्वारा बोर्ड का मालिक बनने के प्रयास में है. अब ये भी चर्चा है कि बोर्ड के तीन सीटों के चुनावों के साथ साथ बोर्ड एक्ट १९५६ में फिर से संशोधन कर मुंबई, पुणे, नासिक, औरंगाबाद और नागपुर के सिंघसभा गुरुद्वारों को प्रतिनिधित्व देने की पहल की जा रही हैं.
ता. १ जून २०१८ से १९ जून २०१८ तक सिख समाज के एक समूह द्वारा जिलाधीश कार्यालय के सामने अनशन किया गया था. जिस समय ये अनशन किया जा रहा था उस समय मुंबई में बैठे कुछ स्वार्थी लोग महाराष्ट्र सरकार और विशेष कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह अहसास करवाने में प्रयत्नरत थे कि हजूर साहिब के निवासी एक्ट में बदलाव चाहते है. अनशनकर्ताओं के शिष्टमंडल को भी मुंबई में चर्चा के दौरान एक बड़े महसूल अधिकारी ने कानून में संशोधन की प्रक्रिया शुरू किये जाने की जानकारी दी थी.
दूसरी बात यह है कि, गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष सरदार तारा सिंह को सरकार को पत्र देने की जरुरत ही क्या थी कि तीन सीटों के चुनाव करवाएं जाएं। उनकी मंशा यही है कि मैं प्रधान पद पर कायम रहते हुए अपनी मर्जी के तीन मेंबर चुनकर आये. ताकि आगे किसी तरह का विरोध न झेलना पड़े. सरदार तारासिंह इलेक्टेड मेम्बरों से खासे परेशान बताये जा रहे हैं. तारासिंह संशोधन के पूर्ण पक्षधर लग रहे है.
साथ ही तारा सिंह की ये मंशा भी उजागर हो रही हैं कि वे किसी भी हाल में प्रधानगी से हटना नहीं चाह रहे. वे पद पर बने रहकर चुनाव करवाना छह रहे हैं. शेष बोर्ड उसी तरह रखकर केवल तीन सीटों के चुनाव करवाने से सरकारी गैज़ेट प्रक्रिया में छेड़छाड़ करना होगा. क्या ये जायज होगा.
रही संशोधन करने की बात तो अब हजूर साहिब बचाने की जिम्मेदारी किसकी बनती है ये तय करना चाहिए. यदि कानून में संशोधन किया जायेगा तो हजूर साहिब की सिखो के हाथों में भविष्य में नौकरियां करना भी नहीं रह जायेगा.
आज जो लोग पद बचाने के लिए खामोश चल रहे हैं कल उनकी मेम्बरी कहाँ तक सुरक्षित रहेगी ये भी देखनेवाली बात होगी. क्योंकि पूर्व न्यायधीश भाटिया द्वारा पेश की गई कानून संशोधन सम्बन्धी रिपोर्ट का पिटारा अब खुलने की प्रतीक्षा में है. रिपोर्ट में बाहर शहरों के सिंघसभा गुरुद्वारों को प्रतिनिधित्व देने की सिफारिश की गई हैं ऐसी चर्चा हैं, जो हजूर साहिब के सिखों के लिए बहुत ही नुकसानदायी साबित होगी.
इसलिए सिख समाज के सभी घटकों को एकत्र होकर पहले एक्ट १९५६ की धारा ११ द्वारा सीधे प्रधान नियुक्ति के विषय को लेकर आवाज उठानी होगी. महाराष्ट्र सरकार द्वारा जबरन विधानसभा में धारा ११ में बदलाव कर अध्यक्ष की सीधी नियुक्ति का निर्णय हमपर लादा गया था. अब बाहर के मेंबर भी लादे जा रहे हैं!
मोनी बाबा जी की सालाना बरसी २६ जून को
गुरुद्वारा तपोस्थान साहब में कार्यक्रम
भव्य लंगर प्रसाद
हजूर साहिब, नांदेड़
तखत सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा के पूर्व (साबका) जत्थेदार संतबाबा जोगिन्दर सिंघजी मोनी बाबाजी के सालाना बरसी का कार्यक्रम हजूर साहिब में ता. २६ जून, २०१८ को मनाया जा रहा है.
इस उपलक्ष में बाबाजी के तपस्थान नाम से प्रसिद्ध गुरुद्वारा तपोस्थान साहिब में तखत साहिब के जत्थेदार संत बाबा कुलवंत सिंघजी, मीत जत्थेदार संत बाबा ज्योतिंदर सिंघजी पंजप्यारे साहिबान की सरपरस्ती में और संत बाबा बलविंदर सिंघजी कारसेववाले, संतबाबा प्रेमसिंघजी माता साहेबवाले क्र उपस्थिति में श्रद्धा सहित बरसी का कार्यक्रम संपन्न किया जायेगा. ऐसी जानकारी तपोस्थान साहिब के जत्थेदार बक्षीसिंघजी (बाबाजी) और गुरुद्वारा के प्रधान स. जगिंदर सिंघजी किरोसिनवालों द्वारा दी गई है.
मंगलवार को सुबह ८ बजे से ही धार्मिक कार्योक्रमों की शुरुवात होगी. आसां दी वार के पाठ, श्री सुखमनी साहिब पाठ, कीर्तन और गुरुबाणी पठन जैसे कार्यक्रम संपन्न होंगे. पाठ समापति और हुकुमनामा कार्यक्रम के बाद अरदास होगी उपरांत भव्य लंगर प्रसाद कार्यक्रम होगा. इस अवसर पर धार्मिक क्षेत्र के लोग, गुरुद्वारा बोर्ड साहिबान, बोर्ड के अधिकारी, सभी गणमान्य और हजूरी साध सांगत उपस्थित होगी.
गुरुद्वारा तपोस्थान साहिब द्वारा अपील की गई है कि इस अवसर सभी साध सांगत जी धार्मिक कार्यक्रमों में उपस्थित रहकर लंगर प्रसाद ग्रहण कर गुरु महाराज जी की खुशियाँ प्राप्त करें।
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संत बाबा जोगिन्दर सिंघजी मोनी १०८
संत बाबा जोगिंदर सिंघजी मोनी लगभग वर्षों तक गुरु घर में विविध पदों पर सेवा में शामिल रहें थे. उन्होंने २५ सालों तक तखतसाहब के मुख्य जत्थेदार पद संभाला था. एक सेवाभावी व्यक्तित्व होने के साथ साथ उन्होंने बहुत से सामाजिक बदलाव भी करने के प्रयास किये थे. बाबाजी को माननेवाला एक बड़ा समूह है.
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शुक्रवार, 22 जून 2018
सिख वेलफेयर असोसिएशन द्वारा
कक्षा दसवीं और बारहवीं के गुणवंतों का सत्कार
ता. १ जुलाई को
हजूर साहिब, नांदेड़
यहाँ की सामाजिक सेवाभावी संस्था सिख वेलफेयर असोसिएशन नांदेड़ के तत्वावधान में आगामी १ जुलाई, २०१८ की सुबह ११ बजे कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के हजूर साहिब स्थित सभी सिख गुणवंत छात्र-छात्राओं के सत्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया है.संस्था के अध्यक्ष डॉ. भगवंत सिंह गुलाटी और सचिव स. लड्डूसिंघ महाजन ने यहाँ बताया कि, संस्था द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री गुरु अंगद देवजी यात्री निवास में होनहार सिख विद्यार्थियों का सत्कार कार्यक्रम तख़्त सचखंड श्री हजूर साहिब के मानयोग जत्थेदार साहिब संत बाबा कुलवंत सिंघजी और गुरुद्वारा लंगर साहिब के संत बाबा बलविंदर सिंघजी (नांदेड़ भूषण) के आशीर्वाद और प्रमुख उपस्थिति में विद्यार्थियों का गौरव किया जायेगा.
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु अथिति के रूप में शहर के उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री अभिजीत फ़ासके और सुप्रसिद्ध वक्ता डॉ. राजेंद्र मूंदड़ा उपस्थित होंगे. साथ ही सिख वेलफेयर असोसिएशन के सभी पदाधिकारी और सदस्यों का सानिध्य प्राप्त होगा.
सभी गुणवंत छात्रों से और अभिभावकों से संस्था द्वारा अनुरोध किया गया है कि तारीख २८ जून, २०१८ तक अपनी गुणपत्रिका की झेरॉक्स प्रति सिख वेलफेयर असोसिएशन के कार्यालय बाफना उड़ानपुल - नंदीग्राम सोसाइटी कार्यालय में लेकर जमा करें. अथवा प्राचार्य गुरबचनसिंघ सिलेदार या पत्रकार रविंदरसिंघ मोदी से संपर्क करें ऐसी अपील की गई है.
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गुरुवार, 21 जून 2018
मृत्युशैय्या पर लेटी प्रधानाध्यापिका बलजीत कौर के लिए कुछ करें सिख समाज
नांदेड़ शहर की जानीमानी शिक्षण संस्था गुजराती हाई स्कूल नांदेड़ की प्रधानाध्यापिका बलजीत कौर सरदार कैंसर रोग से ग्रस्त है और मृत्युशैय्या पर लेटी हुई है. गुजराती हाई स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें जानबूझकर निलंबित किया गया था. पश्च्यात में जिलापरिषद के शिक्षा विभाग ने उनके निलंबन काल का वेतन नहीं दिया. बीमारी से जूझ रही बलजीत कौर के वैद्यकीय बिलों का भुगतान जा रहा है. मृत्यु से लड़ रही इस अध्यापिका को कोई साथ नहीं दे रहा है. बात बेबात राजनीतिक कारणों पर उछलनेवाले कार्यकर्ता कहाँ हैं? आंदोलन की भाषा करनेवाले कहाँ हैं. सेवा की गप्पे मारनेवाले कहाँ हैं.?
मेरी अपील है कि सभी घटक एक होकर बलजीत कौर के लिए कुछ करें. होनहार और अच्छी शिक्षिका को एक संस्था ने राजनीति का शिकार बनाया क्योंकि वो एक अल्पसंख्यक समाज से थी. बलजीत कौर ने गुजराती हाई स्कूल का अच्छे से प्रबंधन किया था. आज भी स्कुल के विद्यार्थी और पूर्व विद्यार्थी उन्हें बेहद चाहते हैं. ऐसी शिक्षिका के लिए एकजुटता से कानूनी रूप से कुछ किया जाना चाहिए. इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिये.
रविंदर सिंह मोदी.
बुधवार, 20 जून 2018
तखत सचखंड गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा सिख विद्यार्थियों को वजीफ़ा देने के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू है. सभी स्कूली विद्यार्थी ता. २५ जून २०१८ तक अपना आवेदन पत्र, मार्कशीट और बोनाफाइड सर्टिफिकेट गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय में जमा करें, ऐसी अपील गुरुद्वारा बोर्ड के अधीक्षक गुरविंदर सिंह वाधवा द्वारा की गई है.
श्री वाधवा ने यहाँ बताया, गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय के रिकॉर्ड सेक्शन में आवेदन प्रारूप उपलब्ध है. विद्यार्थी उस प्रारूप को भरकर प्रधानाध्यापक अथवा प्राचार्य से दस्तखत करवाकर बोनाफाइड जोड़कर कार्यालय में जमा करे. उन्होंने आगे बताया कि, गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा सिख विधार्थियों को इस बार स्कूल और कॉलेज शुरू होते समय ही वजीफ़ा प्रदान करने का निर्णय किया गया है. पूर्व में विद्यार्थियों को सितम्बर अथवा अक्टुम्बर माह में वजीफा दिया जाता था. जबकि स्कूल जून माह में और कॉलेज जुलाई में शुरू होते हैं. वजीफ़ा समय पर मिलने पर उसका उपयोग टूशन फीस अथवा प्रवेश फीस जैसे कार्यों के लिए हो सकता है. अभिभावकों की मांग अनुसार वजीफा जल्दी प्रदान करने के विषय में गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं. सभी इस कार्य के लिए सहयोग करें.
श्री वाधवा ने यहाँ बताया, गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय के रिकॉर्ड सेक्शन में आवेदन प्रारूप उपलब्ध है. विद्यार्थी उस प्रारूप को भरकर प्रधानाध्यापक अथवा प्राचार्य से दस्तखत करवाकर बोनाफाइड जोड़कर कार्यालय में जमा करे. उन्होंने आगे बताया कि, गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा सिख विधार्थियों को इस बार स्कूल और कॉलेज शुरू होते समय ही वजीफ़ा प्रदान करने का निर्णय किया गया है. पूर्व में विद्यार्थियों को सितम्बर अथवा अक्टुम्बर माह में वजीफा दिया जाता था. जबकि स्कूल जून माह में और कॉलेज जुलाई में शुरू होते हैं. वजीफ़ा समय पर मिलने पर उसका उपयोग टूशन फीस अथवा प्रवेश फीस जैसे कार्यों के लिए हो सकता है. अभिभावकों की मांग अनुसार वजीफा जल्दी प्रदान करने के विषय में गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं. सभी इस कार्य के लिए सहयोग करें.
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मंगलवार, 19 जून 2018
श्री गुरु नानक देवजी के ५५० वें प्रकाशपर्व के लिए
सिख जगत के लिए यह एक सुखद समाचार है कि पंजाब सरकार श्री गुरु नानक देवजी के ५५० वें प्रकाश पर्व लेकर अभी से गंभीर है. पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से प्रकाशपर्व मनाने के लिए पंजाब प्रदेश को २१४५ करोड़ का विकास पैकेज देने की गुहार लगाई. सोमवार (१८ जून, २०१८) को दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें वर्ष २०१९ में श्री गुरु नानकदेवजी का प्रकाश पर्व मनाने को लेकर प्रस्तावित योजना पर विचार-विमर्श किया.
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| कॅप्टन अमरिंदर सिंह (मुख्यमंत्री) |
उल्लेखनीय है कि गुरु नानक देवजी के प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार ने दो वर्ष पूर्व ही तैयारी शुरू कर दी थी. पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल ने भी प्रधान मंत्री से प्रकाशपर्व के विषय में चर्चा की थी. श्री गुरु नानक देवजी महाराज का ५५० वां जन्मदिवस पंजाब में हर्ष और उत्साह से मनाने की तैयारी में सरकार जुट गई है. लेकिन सरकार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के बीच प्रकाश पर्व मनाने को लेकर अभी तक भी सामंजस्य दिखाई नहीं दे रहा है. अमरिंदर सिंह की पहल सराहनीय है. अब केंद्र सरकार पर निर्भर करता है कि किस तरह से वे विकासराशि का वितरण करते हैं.
सोमवार, 18 जून 2018
उत्तराखंड पुलिस का निषेध !!
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| ( बगैर आदेश केवल द्वेष भावना के चलते ये पीएसआई द्वारा उत्तराखंड में निशान साहब निकालकर यूँ काटा जा रहा है. ) |
पुलिस द्वारा वाहनों को रोककर उसपर लगे छोटे और बड़े सभी निशान को निकालकर जब्त कर लिया जा रहा है. जबकि वरिष्ठों के ऐसे आदेश नहीं हैं. केवल सिखों के प्रति द्वेष भावना के चलते वहाँ ये सब घटित हो रहा हैं. उत्तराखंड के मुख्य मंत्री को तुरंत इस विषय में पुलिस से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए की सिखों के साथ ऐसा सलूक वहाँ क्यों हो रहा हैं. दिल्ली की साध संगत यदि पीएमओ तक ये शिकायत पहुंचाएं.
इस समय करीब २२ हजार सिख श्रद्धालु श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर हैं. केवल जून से अगस्त माह तक ही हेमकुंट साहिब की यात्रा आयोजित होती हैं. पिछले वर्ष भी पुलिस ने वाहनों को रोककर जबरन पैसे मांगे थे. बाढ़ की त्रासदी के समय केवल सिख समुदाय ही उत्तराखंड में सबसे पहले लंगर (भोजन) लेकर पहुंचता है. उस समय तो पुलिस अपना कर्तव्य भूल जाती है.
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Gurudwara board election strike 18 june
अनशन अभी जारी है। ...
गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड बर्खास्त करने की मांग को लेकर विगत १८ दिनों से महाराष्ट्र के नांदेड़ के जिलाधीश कार्यालय के सामने सिख समाज का एक प्रमुख घटक अनशन पर है. तारीख १ जून, २०१८ को श्रृंखलाबद्ध सामान्य अनशन शुरू किया गया और तारीख ११ जून को भूख हड़ताल शुरू हुई. अनशनकर्ताओं मुख्य मांग है कि गुरुद्वारा बोर्ड के तीन सदस्यों के पद बर्खास्त कर तीन सीटों पर चुनाव करवाएं जाये.
इस मांग को गुरुद्वारा बोर्ड अध्यक्ष विधायक तारासिंह ने भी समर्थन देकर तीन सीटों के चुनाव करवाने के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा है. उधर पद पर असिन तीनों निर्वाचित सदस्यों द्वारा बोर्ड बर्खास्त कर निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की है. इस घटनाक्रम में अनशन तक खींचा चला गया. आमरण हड़ताल पर बैठे मनप्रीत सिंह कुँजीवाले और हड़ताल के संयोजक इंदरजीत सिंह गल्लीवाले प्रशासन की चुप्पी पर परेशां है.
कुँजीवाले की तबियत नासाज़ होने की ओर अग्रसर है. जिलाधीश कार्यालय के सामने का आज १८ वां दिन है. तारीख २० जून को आत्मदहन करने की पूर्व चेतावनी दी जा चुकी है. हड़ताल एक तरह अपने रंग में है लेकिन उसका हश्र किस ओर जा रहा है ये देखकर चिंता हो रही है. सरकार को अथवा प्रशासन को इस विषय पर स्पष्टीकरण दे देना चाहिए. उसी तरह से ये स्पष्ट करना चाहिए कि जब हालात अनुकूल है तब चुनाव प्रक्रिया शुरू करने अथवा बोर्ड बर्खास्त करने में देरी क्यों हो रही है.
रविंदर सिंह मोदी....
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रविवार, 17 जून 2018
आज पितृत्व दिवस है...
२० वीं सदी में फादर्स डे की शुरुवात हुई थी. पिता-पुत्र के रिश्तों में प्यार, स्नेह, आदर और अपनापन उत्पन्न हो. बच्चों में परिवार के प्रति अपनापन जरुरी है. भारत में बच्चें अपने माता - पिता का बहुत आदर करते हैं. ये परंपरा दीर्घकाल चले इसी मंशा के साथ सभी पिता वर्ग को शुभकामनाएं देता हूँ. सभी मनाएं फादर्स डे.
शनिवार, 16 जून 2018
Shahid sartaj guru Arjun Dev ji.
शहीद सरताज गुरु अर्जुन देवजी
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| ( शहीद सरताज श्री गुरु अर्जुन देव जी ) |
श्री गुरु अर्जुन देव जी की सबसे बड़ी उपलब्धि ये रही कि उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी की विरासत संभालकर गुरुबाणी को रागबद्ध करवाकर उसे श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी का स्वरूप प्रदान किया. इसी स्वरुप को श्री हरिमंदर साहिब में प्रकाशित करवाया गया, जिससे उस दौर में जातीय भेदभाव मिटाने की पहल मानी गई. आज हम गुरु अर्जुन देवजी का स्मरण कर उन्हें शत - शत प्रणाम करते हैं.
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ईद-उल-फ़ित्र के मौके पर
हार्दिक बधाई !!
रविंदर सिंह मोदी
भारत ही नहीं बल्कि विश्व के असंख्य देश आज रमजान ईद यानी ईद-उल-फ़ित्र का त्योहार माना रहे हैं. यह त्योहार जीवन में सवाब कमाने का एक सुअवसर माना जाता है. एक माह तक रमजान माह में रोज़ा (उपवास) किया जाता है. रोज़ा शरीर, मन और आत्मा को विकारों से खाली कर उन्हें पाक (पवित्र) करता है. संयम सिखाता है. जिससे मनुष्य को सम्पूर्ण वर्ष परिश्रम करने की ऊर्जा प्राप्त होती है. ईद का संबंध जीवन की खुशहाली और खुशियों से भी जुड़ा है. किसी भी कार्य की शुरुवात रमजान ईद को सुअवसर माना जाता है. भारत देश में ईद पर बहुत खुशग़वार माहौल हो जाता है. मेरे सभी मुस्लिम भाई मुझसे बहुत ही गर्मजोशी और उत्साह मिलते हैं. उनके दमकतें चेहरों से मुझे भी अनुभूति मिलती है की त्यौहार को किस गहराई से स्वीकार करना चाहिए. भारत एक परम्पराओं वाला, संस्कृति और उत्सवों से लबालब ऐसा देश है. यहाँ मनाएं जानेवाले त्यौहार समस्त विश्व को भाईचारा और सद्धभावना का सन्देश देते हैं. हमें ईद से भी सिखने बहुत कुछ है.
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अकबर से महान थे महाराणा प्रतापसिंह जी - योगी
महाराणा प्रतापसिंह जी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुगल बादशाह अकबर के बजाय
राजपूत शासक महाराणा प्रताप को महान महान बताया है.
उन्होंने उत्तरप्रदेश में महाराणा प्रतापसिंह जी के जन्मदिन पूर्व संध्या पर कहा कि महाराणा ने उस
वक्त की सबसे बड़ी सैन्य ताकत के सामने जिस शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया
था, उसका उदाहरण बिरले ही मिलता है. विपरीत हालात में और परिस्थितियों से संघर्ष कर उन्होंने मातृभूमि की सेवा की. इसीलिए महाराणा प्रतापसिंह जी अधिक महान प्रतीत होते है.
तारीख - १६ जून २०१८ को देश में क्षत्रिय स्वाभिमान और महान योद्धा महाराणा प्रताप सिंह जी की जयंती मनाई जा रही है. ऐसे समय में योगी का ये बयान बहुत मायने रखता है.
(ब्लॉग के बारे में आपकी राय नीचे लिखिए)
शुक्रवार, 15 जून 2018
आयु नहीं, मानिसकता में बदलाव जरुरी है
आयु नहीं, मानिसकता में बदलाव जरुरी है
पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय कि, "गर्ल्स स्कूलों में ५० वर्ष आयु से अधिक ही बतौर अध्यापक पढ़ाएंगे" खासा चर्चाओं में है. अध्यापकों के होश उड़े हुए हैं. शिक्षा क्षेत्र में पुरुष और महिला का लिंगभेद बहुत से शिक्षाविदों के गले नहीं उतर रहा.
पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चिट्ठी लिखकर शिक्षा विभाग के उस फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है.
उन्होंने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते उठाया कि पहले सरकार तय करे कि क्या गर्ल्स स्कूलों में पुरुषों को नियुक्ति दी जाये अथवा नहीं. चावला ने सरकार के फैसले पर कड़ी नराजगी जताते हुए गुरू की मर्यादा का हनन बताया है।
उनका कहना है कि, पंजाब सरकार का सद्भावना से लिया गया यह फैसला कि लड़कियों के स्कूलों में 50 वर्ष की आयु से अधिक पुरुष अध्यापक ही पढ़ाएंगे वास्तव में अध्यापकों के सम्मान के विरुद्ध फैसला है। सरकार अपने अध्यापकों पर अविश्वास कर रही है. स्कूलों में विशेषकर गांवों में सह शिक्षा का प्रचलन है. पहली कक्षा से बारहवीं तक लड़के-लड़कियां इकटठे पढ़ सकते है. ऐसे में सरकार का पुरुष अध्यापक लड़कियों के स्कूल में नहीं पढ़ा सकते ये निर्णय यह एक भद्दा मजाक नहीं तो क्या है।
उल्लेखनीय है कि अमृतसर के ही कुछ सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के विषय में यह मांग की गई थी कि ये स्कूल लड़के और लड़कियों के लिए अलग अलग कर दिए जाएं. ये स्कूल आज भी अच्छे से चल रहे हैं.
पंजाब सरकार का ये निर्णय विचित्र है और उसमे पिछड़ापन नज़र आ रहा है. महिला छेड़छाड़ का कानून सख़्त होना चाहिए. कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा समिति होनी चाहिए. अश्लीलता रोकने हेतु दिशा निर्देश होने चाहिए. साथ ही अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों को छेड़छाड़ और अश्लीलता को रोकने के लिए आधार देना चाहिए. बच्चों को ओछी हरकतों के संबंध में शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
हर जिला पुलिस मुख्यालय में महिला सुरक्षा समिति नियुक्त होती है, उनकी सहायता ली जा सकती है. प्रदेश में राज्य महिला आयोग भी कार्यरत है उसे भी लड़कियों के साथ स्कूलों में हो रहे दुर्व्यवहार प्रति बताना चाहिए. पुरुष और महिला शिक्षक की आयु से परिणाम नहीं निकलता है बल्कि अश्लील मानसिकता दूर झटकने के लिए क्या विकल्प तलाशें जाएं उस संबंध सरकार को कदम उठाना चाहिए.
रविंदर सिंह मोदी..
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गुरुवार, 14 जून 2018
सिख विधार्थी वजीफ़ा लेने के लिए आवेदन करें
गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय इस बार जल्दी देगा वजीफ़ा
- हजूर साहिब, नांदेड़ -
तखत सचखंड गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा सिख विद्यार्थियों को वजीफ़ा देने हेतु की गई पहल सराहनीय है. प्रशासकीय अधिकारी देवेन्द्रपाल सिंह चावला और अधीक्षक गुरिंदर सिंह वाधवा द्वारा इस निर्णय से अवगत कराया गया कि, गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा सिख विधार्थियों को इस बार स्कूल और कॉलेज शुरू होते ही वजीफ़ा प्रदान कर दिया जायेगा. इससे पूर्व में विद्यार्थियों को सितम्बर अथवा अक्टुम्बर माह में वजीफा मिलता रहा था. जबकि स्कूल जून माह में और कॉलेज जुलाई में शुरू हो जाते हैं. अब वजीफ़ा टूशन फीस अथवा प्रवेश फीस जैसे कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है. अभिभावकों की ये मांग थी कि वजीफा जल्दी दिया जाएं. बोर्ड द्वारा मांग पर विचार कर निर्णय लिया गया.
गुरुद्वारा बोर्ड द्वारा ये सराहनीय पहल करते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि स्कूल और कॉलेज शुरू होते ही बोनाफाइड, फोटो, मार्क शीट और गुरुद्वारा कार्यालय द्वारा दिया जानेवाला आवेदन पत्र अटेस्टेड करवाकर बोर्ड के रिकॉर्ड कार्यालय में जमा करवाएं।
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समाचार अथवा शुभकामना सन्देश देने संपर्क करे ravindersinghmodi2015@gmail.com
बुधवार, 13 जून 2018
धारा ११ को लेकर
गुरुद्वारा बोर्ड सदस्यों में उदासिनता
रविंदर सिंह मोदी
गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड, नांदेड़ संस्था के अध्यक्ष की सीधी नियुक्ति निर्देशित करनेवाली वाली बोर्ड कानून १९५६ की धारा ११ (संशोधित) को लेकर गुरुद्वारा तख़त सचखंड बोर्ड के सदस्यों में गहरी उदासिनता देखने को मिली है. इस धारा में महाराष्ट्र सरकार द्वारा तीन वर्ष (फरवरी २०१५) में संशोधन कर गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष की सरकार द्वारा नियुक्ति की प्रणाली शुरू की थी. इसी संशोधित धारा का सहारा लेकर भारतीय जनता पार्टी के मुलुंड - मुंबई के विधायक तारा सिंह ने गुरुद्वारा बोर्ड अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा किया था. शुरुवात में जब संगत द्वारा विरोध हुआ तो तारासिंह ने वायदा किया था की धारा ११ के अध्यादेश को रद्द करवाया जायेगा. तीन सालों में तारासिंह ने अपना वायदा नहीं निभाया. खैर राजनितिक नेता तो अपने स्वार्थ के सामने वायदे करते हैं और परिस्थिति बदलने पर वायदे भूल भी जाते है. फिर तारासिंह को तो गुरुघर में सत्ता करनी थी वो कैसे अपना वायदा निभाते. सत्ता के लिए तो उन्होंने गुरुघर के अध्यक्ष पद का सरकारीकरण कर दिया. उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं रख सकते लेकिन अन्य मेंबर साहिबान क्यों अपने जमीर पर तीन वर्षों तक सरकारीकरण का बोझ ढाते रहे और ढा रहे हैं समझ नहीं आता. गुरुघर के सेवक के रूप में अपना परिचय देनेवाले ये लोग अपनी स्वतंत्रता सरकार के अधीन रखें हुए हैं. मेरा सवाल सभी मेंबर साहिबान से है और जो मेंबर बनने के सपने देख रहे हैं उनसे हैं कि, क्या अपने जमीर पर सरकारी नियुक्त अध्यक्ष की गुलामी का बोझ लेकर गुरुघर की सेवा करना चाहते है? गुरुद्वारा बोर्ड के मेंबर साहिबान के अधिकार है कि वे अपना अध्यक्ष खुद चुने. अपने अधिकार छिन जाने का क्या जरा भी मलाल नहीं हो रहा?
इस समय समाज का एक घटक तीन सीटों के चुनावों की मांग लेकर आंदोलन चला रहा है. जो लोग बोर्ड का मेंबर बनने की लालसा लेकर आंदोलन चला रहे हैं, उन्हें कलम ११ को लेकर भी अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए. तीन सालों में किसीने भी इस विषय पर आवाज नहीं उठाई है. क्यों ?
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मंगलवार, 12 जून 2018
गुरुद्वारा लोहगढ़ साहब (लोहा) में :
भगत धन्ना जी जन्मदिवस उपलक्ष में सालाना जोड़ मेला
१५ जून को भव्य लंगर प्रसाद कार्यक्रम
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| भगत धन्नाजी साधु संतों और भूखों की सेवा करते हुए. |
हजूर साहिब, नांदेड़ - श्री आदि गुरु ग्रन्थ साहिब जी के ३६ गुरुओं में एक गुरु, भगत धन्ना जी के जनम दिवस उपलक्ष्य में गुरुद्वारा लोहगढ़ साहिब (लोहा, लातूर रोड़ ) स्थान पर ता. १३ जून २०१८ से ता. १५ जून २०१८ तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा हैं.
गुरुद्वारा लंगर साहिब के जत्थेदार संत बाबा नरिंदर सिंघजी कारसेवा वाले और संत बाबा बलविंदर सिंघजी कारसेवा वाले ने यहाँ जानकारी दी कि, भगत धन्ना जी का जनम दिवस हर साल गुरुद्वारा लंगर साहिब द्वारा गुरुद्वारा लोहगढ़ स्थान पर मनाया जाता है. इस साल भी ये तीन दिवसीय समागम बड़ी श्रदा के साथ मनाया जा रहा है. श्री अखंडपाठ आरंभ होंगे. ता. १५ जून को श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति की जाएगी.
इस अवसर पर तखत सचखंड श्री हजूर साहिब के मुख्य जत्थेदार संत बाबा कुलवंत सिंघजी और पंजप्यारे साहिबान की प्रमुख उपस्थिति होगी. साथ ही गुरुद्वारा माता साहिब और श्रोमणि अकाली बुड्ढा दल (९६ करोड़ी ) के जत्थेदार संत बाबा प्रेम सिंघजी, ज्ञानी और प्रतिष्ठित नागरिक तथा साध सांगत जी उपस्थित होंगे.
धार्मिक कीर्तन दरबार और लंगर प्रसाद कार्यक्रमों में समूह साध संगतजी और सर्वधर्मिय श्रद्धालुगण उपस्थित रहें ऐसी अपील संत बाबा नरिंदर सिंघजी और संत बाबा बलविंदर सिंघजी कारसेवा वालों द्वारा की गई है.
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सोमवार, 11 जून 2018
गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव की मांग लेकर अब आमरण अनशन शुरू
सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी
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| नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा बोर्ड के चुनाव करवाने की माँग लेकर सोमवार को जिलाधीश अरुण डोंगरे को ज्ञापन सौंपते हुए सिख समाज के स्थनीय नेता और कार्यकर्ता. |
इन मांगों का एक ज्ञापन नांदेड़ के जिलाधीश श्री अरुण डोंगरे को एक शिष्टमंडल द्वारा सौंपा गया. जिलाधीश से जल्द चुनाव करवाने की गुहार लगाई गई है. इस दौरान चकरी अनशन को आमरण अनशन में रूपांतरित कर दिया गया. मनप्रीत सिंह कुंजीवाले ने सोमवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया.
नांदेड़ के जिलाधीश के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव को लेकर अनशन जारी है. वर्ष २०१२ में बोर्ड के चुनाव हुए थे. तीन साल के बाद चुनाव जरुरी थे. अवधि समाप्त होने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग ने चुनाव करवाए और ना बोर्ड को बर्खास्त किया.
आज धरना अनशन में इंद्रजीत सिंह गल्लीवाले, मोहनसिंह गाड़ीवाले, देवेंद्र सिंह विष्णुपुरिकार, जसपाल सिंह लांगरी, गुरमीत सिंह बेदी, तेजपालसिंह खेड़, बन्दीछोड़सिंघ, शेरसिंघ सिलेदार, मनबीर सिंह ग्रंथि, अवतारसिंह पहरेदार सहित बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग उपस्थित थे.
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रविवार, 10 जून 2018
अमरीका में पहला गुरुद्वारा
अमरीका जैसे समृद्ध राष्ट्र में सिख समुदाय द्वारा लगभग एक सौ तीन वर्ष पूर्व स्टॉकटन शहर (कैलिफ़ोर्निया) में पहले गुरुद्वारा की स्थापना की गई. जिसे अमरीका में सिख टेम्पल के नाम से जाना जाने लगा था. प्रथम विश्व युद्ध प्रारंभ होने के पश्च्यात इंग्लैंड और अन्य देशों में बसें सिख समुदाय अमरीका में पहुँचने लगे थे. ब्रिटिश फ़ौज में कार्यरत सिख भी युद्ध के लिए अमरीका पहुँच गए. अमरीका में भारत से पहुंचे भारतीयों ने और सिखों ने सैनिक सिखों का आदर किया. नियमित पाठपूजा करनेवाले सिख अब सैनिक सिखों के साथ मिलकर खुले में ही श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के स्वरुप को प्रकाशमान कर पूजा पाठ और कीर्तन करने लगे. जिसके बाद सभी ने मिलकर वहां गुरुद्वारा शुरू करने पहल शुरू की. जिसे अमरीका सरकार ने तुरंत मान्यता भी प्रदान कर दी. भीतर ही दो मंजिला गुरुद्वारा की ईमारत का निर्माण हो गया. सिखों की लगन और समर्पित भक्ति के कारण ही आज अमरीका जैसे राष्ट्र में हर शहर में एक गुरुद्वारा दिखाई देता है.
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अमरीका जैसे समृद्ध राष्ट्र में सिख समुदाय द्वारा लगभग एक सौ तीन वर्ष पूर्व स्टॉकटन शहर (कैलिफ़ोर्निया) में पहले गुरुद्वारा की स्थापना की गई. जिसे अमरीका में सिख टेम्पल के नाम से जाना जाने लगा था. प्रथम विश्व युद्ध प्रारंभ होने के पश्च्यात इंग्लैंड और अन्य देशों में बसें सिख समुदाय अमरीका में पहुँचने लगे थे. ब्रिटिश फ़ौज में कार्यरत सिख भी युद्ध के लिए अमरीका पहुँच गए. अमरीका में भारत से पहुंचे भारतीयों ने और सिखों ने सैनिक सिखों का आदर किया. नियमित पाठपूजा करनेवाले सिख अब सैनिक सिखों के साथ मिलकर खुले में ही श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के स्वरुप को प्रकाशमान कर पूजा पाठ और कीर्तन करने लगे. जिसके बाद सभी ने मिलकर वहां गुरुद्वारा शुरू करने पहल शुरू की. जिसे अमरीका सरकार ने तुरंत मान्यता भी प्रदान कर दी. भीतर ही दो मंजिला गुरुद्वारा की ईमारत का निर्माण हो गया. सिखों की लगन और समर्पित भक्ति के कारण ही आज अमरीका जैसे राष्ट्र में हर शहर में एक गुरुद्वारा दिखाई देता है.
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The first Gurudwara opened in Stockton, California, America.
(In 1915)
https://twitter.com/IndiaHistorypic/status/1005851359948619777
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इच्छा है कि विधानसभा के आगामी बरसाती अधिवेशन से पूर्व महाराष्ट्र मंत्री मंडल का विस्तार दिया जाए. एक सप्ताह पूर्व भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह ने मुंबई का दौरा किया था. उस दौरे के दौरान अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस में मंत्री मंडल विस्तार संबंध में विचार विमर्श हुआ. शिवसेना से भी विस्तार को लेकर बात छेड़ी गई थी ऐसी चर्चा है. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को मद्देनजर ये मंत्री मंडल विस्तार का निर्णय लिया गया है. मंत्री मंडल विस्तार के समाचार के साथ ही भाजपा विधायकों में स्फूर्ति छा गई है. कहा जा रहा है कि, नए मंत्रियों की सूचि मुख्यमंत्री की जेब में बनकर तैयार है. अब देखना की डेढ़ वर्ष के लिए किसका भाग्य जागता है.
मराठवाड़ा में अगले २४ घंटों में
भारी बरसात की संभावना
नांदेड़ (हजूरसाहिब) - मराठवाड़ा के नांदेड़ सहित आठ जिलों में और तेलंगाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में अगले २४ घंटों में भारी बरसात होने संभावना जताई जा रही है. तेज हवा बहने के साथ बड़ी बारिश की उम्मीद है. रविवार (ता. १० जून) की देर शाम नांदेड़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने से शहरी इलाके जलमय हो गए. ग्रामीण क्षेत्र में बारिश का प्रभाव बना रहा. सोमवार मंगलवार को बारिश होने के स्पष्ट आसार है.
गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कानून १९५६ की धारा ११ संबंध में अध्यादेश रद्द करने की मांग
तीन सदस्यों ने कहा, "निष्पक्ष चुनाव करवाए जाए "
दक्षिण भारतीय सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था तखत सचखंड बोर्ड नांदेड़ (हजूरसाहिब) के साधसंगत में से चुनकर आनेवाले तीन सदस्यों के चुनाव करवाने की मांग को लेकर यहाँ चल रहे अनशन में एक जबरदस्त मोड़ आ गया क्योंकि, पिछले चुनाव में निर्वाचित तीनों सदस्यों ने शनिवार (ता. ९ जून, २०१८) को यहाँ एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए न सिर्फ बोर्ड के निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की बल्कि वर्ष २०१५ में १८ फरवरी को महाराष्ट्र सरकार द्वारा बोर्ड अध्यक्ष की सीधी नियुक्ति करने के संशोधित अध्यादेश को रद्द करने की भी मांग की है. विज्ञप्ति पर सदस्य गुरुमीत सिंह महाजन, राजेंद्र सिंह पुजारी और शेर सिंह फौजी के दस्तखत है.
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधान सभा में बोर्ड पर सीधी नियुक्ति के लिए अध्यादेश पारित करवाकर भाजपा विधायक सरदार तारा सिंह तखत सचखंड बोर्ड के सरकार नियुक्त अध्यक्ष बने थे. महाराष्ट्र सरकार द्वारा हजुरसाहिब के सिखों की राय जाने बगैर ही विधान सभा में अध्यक्ष नियुक्ति करने का अध्यादेश पारित कर गुरुद्वारा बोर्ड के सदस्यों के उस मौलिक अधिकार को समापत कर दिया था जिससे वे बहुमत से अपना अध्यक्ष स्वय चुन सकते थे.
वर्ष २०१२ में साधसंगत मतदाताओं में चुनकर आये सदस्यों का कहना है कि वर्ष २०१५ में सरकार ने बोर्ड बनाया. जिसके तीन साल की अवधि समाप्त हो चली है. ऐसे में हर तीन साल बाद बोर्ड बर्खास्त कर चनाव करवाए जाने चाहिए. जैसे कि गुरुद्वारा बोर्ड के चुनावों के लिए चुनाव प्रक्रिया बहुत कठिन है और साधसंगत में निष्पक्ष चुनावों की बात है, वहां गुरुद्वारा बोर्ड के प्रधान द्वारा राजस्व विभाग को पत्र देने से सिख मतदाताओं में एकतरह से संभ्रम की आवस्था बनी हुई है. इस बात को नजर में रखते हुए बोर्ड बर्खास्त कर चुनाव प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए.
विशेष प्रस्ताव पारित करे सभी सदस्य
इन सदस्यों ने यह भी मांग की है कि, अति शीघ्र बोर्ड की बैठक आमंत्रित कर बैठक में सभी सदस्यों की आम सहमति से बोर्ड के चुनाव करवाने और बोर्ड बर्खास्त करने के निर्णय पारित किये जाने चाहिए. इस मांग का एक पत्र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और नांदेड़ के जिला कलेक्टर को भी भेजा जा रहा हैं ऐसी जानकारी सरदार राजेंद्र सिंह पुजारी ने यहाँ दी.
शनिवार, 9 जून 2018
बारिश से मुंबई नगरी हुई जलमय
तेज बारिश और हवा से मुंबई नगरी का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मुंबई में तेज हवा और कड़कती बिजली के साथ तेज़ बरसात शुरू होने बाद अधिकतर रास्तें जलमय हो गए हैं. शनिवार तड़के ( रात) के करीब तीन बजे से हिंदमाता, दादर, जोगेश्वरी, कुर्ला, सायन और कई दूसरी जगहों पर बारिश अब भी जारी है. मौसम विभाग ने 9 जून से लेकर 11 जून तक मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर चुका है.
परिवहन मंडल कर्मचारियों की हड़ताल से
१५ करोड़ का घाटा
महाराष्ट्र परिवहन महामण्डल के बस कमर्चारी अघोषित हड़ताल पर हैं. जिसके कारण प्रदेश में सरकारी बस सेवा प्रभावित हुई है. पिछले २४ घंटों की हड़ताल से परिवहन महामण्डल के राजस्व में करीब पंद्रह करोड़ का घाटा होने का अनुमान है. बस कर्मचारियों की इस हड़ताल में शिवसेना के कर्मचारी संघटनों को छोड़कर अन्य सभी संघटन शामिल होने की बात कही जा रही है. दूसरी ओर हड़ताल पर उतरे कर्मचारी संघटनों के नेता और कर्मचारियों की मुंबई में धरपकड़ शुरू होने से हड़ताल का रूप और भी आक्रमक होने के आसार है.
बस कर्मचारियों के हड़ताल के चलते आर.टी.ओ. विभाग द्वारा टैक्सी वाहनों और निजी वाहनों को यात्री वहन की अनुमति प्रदान की गई है.
नांदेड़ शहर में बस सेवा जारी :
नांदेड़ शहर के मध्यवर्ती बस स्थानक द्वारा बस सेवा जारी रखी हुई है. जिससे यात्रियों ने राहत की साँस ली है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के डेपो अंतर्गत आंदोलन का माहौल बना हुआ है. लेकिन सिटी बस और नांदेड़ से बाहर शहरों के लिए सेवा जारी है. शुक्रवार, 8 जून 2018
नांदेड़ जिले में अतिवृष्टि की चेतावनी
बारिश से शहर बेहाल, आसना नदी का जलस्तर बढ़ा
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(नांदेड़ शहर के भीतर से बह रही आसना नदी का जलस्तर बढ़ गया है. नदी उफान पर है. )
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में विगत दो दिनों की बरसात से मौसम खुशाल हो गया. नदी, नालों और तालाबों के जलस्तर में वृद्धि होने के समाचार है. एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्र में किसानों में खुशाली का वातावरण बना हुआ है वहां नांदेड़ शहर क्षेत्र में लेकिन बारिश का पानी सड़कों पर जमा है. शहर के कई हिस्सें पानी से प्रभावित हुए है और जनजीवन पर खासा असर हुआ है. नांदेड़ शहर के उत्तरी छोर से बह रही आसना नदी का जलस्तर काफी ऊपर चढ़ गया है और नदी किनारे बसें गावों को सतर्क किया गया है. नांदेड़ जिले में दो दिनों में औसतन ६० मीमी बारिश होने के समाचार है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है की आगामी सोमवार यानी ११ जून २०१८ तक नांदेड़ जिले में अतिवृष्टि होने के आसार है. तीन दिनों तक नांदेड़ और आसपास की जिलों को बारिश प्रभावित कर सकती है.
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(दो दिनों की बारिश से नांदेड़ शहर के रास्तों के बुरे हाल हो गए हैं.
रास्तों पर पानी जमने के कारण यातायात भी बाधित हो रही है.)
अमित शाह और प्रकाशसिंह बादल की मुलाकात
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह का सत्कार करते हुए शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान सरदार प्रकाश सिंह बादल. साथ में सुखबीर सिंह बादल दिखाई दे रहे है.
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात कर वर्ष २०१९ में होनेवाले लोकसभा चुनावों के संबंध में चर्चा की. इस समय पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी मौजूद थे.
पंजाब लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल के ४ और भाजपा का १ लोकसभा सांसद हैं. जबकि कांग्रेस के ४ और आम आदमी पार्टी के ४ सांसद है. पंजाब को लेकर भाजपा की चिंता यहाँ बढ़ जाती है. क्योंकि उसकी तैयारी आगामी लोकसभा के चुनावों में ३२५ सीटों को जीतने की हैं. भाजपा जैसे ही हाल अकाली दल के भी है.
पंजाब में कॉग्रेस की सरकार है. विपरीत परिस्थितियों में पंजाब में सांसदों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रकाश सिंह बादल को नयी नीतियां अपनानी होगी. अमित शाह से बादल की मुलाकात पंजाब की राजनीती को कौनसी दिशा प्राप्त होगी ये आनेवाला समय ही बताएगा.
पंजाब लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल के ४ और भाजपा का १ लोकसभा सांसद हैं. जबकि कांग्रेस के ४ और आम आदमी पार्टी के ४ सांसद है. पंजाब को लेकर भाजपा की चिंता यहाँ बढ़ जाती है. क्योंकि उसकी तैयारी आगामी लोकसभा के चुनावों में ३२५ सीटों को जीतने की हैं. भाजपा जैसे ही हाल अकाली दल के भी है.
पंजाब में कॉग्रेस की सरकार है. विपरीत परिस्थितियों में पंजाब में सांसदों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रकाश सिंह बादल को नयी नीतियां अपनानी होगी. अमित शाह से बादल की मुलाकात पंजाब की राजनीती को कौनसी दिशा प्राप्त होगी ये आनेवाला समय ही बताएगा.
गुरुद्वारा बोर्ड के तीन सदस्यों के चुनाव संबंध में
एक सप्ताह में निर्णय होने की संभावना
एक सप्ताह में निर्णय होने की संभावना
तखत
सचखंड श्री हजुरसाहिब बोर्ड अंतर्गत तीन सदस्यों के चुनाव करवाने हेतु
महाराष्ट्र सरकार का राजस्व मंत्रालय आगामी एक सप्ताह में निर्णय लेने की
संभावना है. नांदेड़ जिलाधीश कार्यालय और गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा
चुनाव करवाने के लिए अनुकूलता दर्शाई है.
जिलाधीश कार्यालय द्वारा दो बार राजस्व मंत्रालय को चुनाव संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था. छह माह में मंत्रालय ने उस ओर कोई पहल नहीं की थी. लेकिन विधायक एव गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष ने सरकार को चुनाव करवाने संबंध पत्र भेजकर सरकार की दुविधा कम कर दी है. जिसके बाद गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव क्षेत्र (मराठवाड़ा) अलग - अलग जिलों के सिख मतदाताओं की सूचि तैयार करने का कार्य किया जायेगा.
जिलाधीश कार्यालय द्वारा दो बार राजस्व मंत्रालय को चुनाव संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था. छह माह में मंत्रालय ने उस ओर कोई पहल नहीं की थी. लेकिन विधायक एव गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष ने सरकार को चुनाव करवाने संबंध पत्र भेजकर सरकार की दुविधा कम कर दी है. जिसके बाद गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव क्षेत्र (मराठवाड़ा) अलग - अलग जिलों के सिख मतदाताओं की सूचि तैयार करने का कार्य किया जायेगा.
अनुमान
है कि अगले सितम्बर अथवा अक्टुम्बर माह में बोर्ड के तीन सदस्यों के चुनाव
करवाएं जा सकते हैं. चुनाव दिसम्बर २०१२ में करवाएं गए थे. बोर्ड के
चुनावों को लेकर सिख समाज का एक समूह जिलादिश कार्यालय के सामने अनशन पर
बैठा हैं. इस अनशन को कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना और
कुछ पार्टियां अपना समर्थन जता चुकी है.
(नांदेड़ के जिलाधीश कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे अनशनकर्ता इंदरजीत सिंह गल्लीवाले, देवेंद्रसिंह मोटरावाले, मोहनसिह गाड़ीवाले, मनबीर सिंह ग्रंथि, मनप्रीत सिंह कुँजीवाले, अवतारसिंह पहरेदार, तेजपाल सिंह खेड़, कर्नल सिंह गाड़ीवाले, बलजीत सिंह और अन्य. )
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