उद्धव ठाकरे : कोरोना की त्सुनामी संभव
लॉकडाउन लगाने का अभी निर्णय नहीं
वाक्सिनेशन आसान नहीं होगा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने रविवार की रात जनता से साधे गए संवाद में चिंता व्यक्त की कि, कोरोना की दूसरी लहर त्सुनामी साबित हो सकती है. उन्होंने आज टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की कि जब तक हाथों में वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक नागरिक न सिर्फ सतर्कता बरतें बल्कि सरकार के सभी निर्देशों का पालन किया जाएं.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, पिछले समय में महाराष्ट्र में श्री गणेशोत्सव, दशहरा और दीपावली जैसे त्यौहार मनाये गए. अभी हाल में ही त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ एकत्रित थीं. लोगों ने सावधानी नहीं बरतीं जिससे मैं नाराज भी हूँ. अब आगे सरकार को क्या कदम उठाना चाहिए! लॉकडाउन और नाईट कर्फ्यू लगाने के लिए सरकार को बाध्य ना करें ऐसी मेरी अपील हैं. कुछ लोग बार बार मांग कर रहें हैं कि यह खोल दिया जाएं, वो खोल दिया जाएं, लेकिन बिगड़े हालात की जिम्मेदारी कौन लेगा? जिम्मेदारी लेने की लिए सामने आये मैं सब कुछ शुरू करने की अनुमति देने के लिए तैयार हूँ. उन्होंने आगे कहा, जनता सरकार की जिम्मेदारी भी समझें.
श्री ठाकरे ने वर्तमान में देश में कोरोना के ताजे हालातों का जायजा लेते हुए कहा अभी हमारे पास वैक्सीन उपलब्ध नहीं हैं. यह वैक्सीन कब हाथ आएगी कहा नहीं जा सकता. इसलिए सभी को सावधानी बरतने के अलावा कोई अन्य विकल्प शेष नहीं हैं. उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में बारह से साढ़े बारह करोड़ नागरिकों को वैक्सीन का टीकाकरण करना आसान बात नहीं हैं. यह प्रक्रिया लंबी चल सकती हैं. इसलिए आज ही हम स्वयं उपाय योजना शुरू कर दें.
मुख्यमंत्री ने स्कूल शुरू करने के विषय में ठोस भाष्य नहीं किया. उन्होंने भाषण के दौरान पुलिस विभाग, स्वस्थ विभाग, राजस्व कर्मचारी और प्रशासन को धन्यवाद दिया. विगत आठ माह से सभी विभाग दिन रात, अपनी जान दांव पर लगाकर कोरोना संक्रमण का मुकाबला कर रहें हैं. उन्हें भी आराम की आवश्यकता हैं लेकिन उनका पेशा उन्हें इस बात की इज्जाजत नहीं देता. यदि कोरोना की अगली लहर आती हैं तो बड़ी तबाही मचेगी. वो त्सुनामी साबित होंगी. इसलिए सभी नागरिक सावधानी बरतें. मास्क का उपयोग करें. धार्मिक स्थानों और बाजारों में भीड़ ना करें. आवश्यक ना हो तो बाहर ना निकले. अन्यथा लॉकडाउन के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.



