बीआरएस का आगाज़ तो अच्छा हुआ...!
के. सी. आर. ने भाजपा और कांग्रेस की नाकामियां गिनवाई
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| श्री के. चंद्रशेखरराव, मुख्यमंत्री - बीआरएस पार्टी प्रमुख |
रविंदरसिंघ मोदी
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की महाराष्ट्र की नांदेड़, महाराष्ट्र में संपन्न ता. 5 फरवरी 2023 की सभा राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बनीं हुई है. बीआरएस चीफ एवं तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री श्री के. चंद्रशेखरराव संपूर्ण विषयों के अभ्यास के साथ नांदेड़ में दाखिल हुए थे. उन्होंने जहाँ, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्तमान प्रशासन पर कई तरह के आक्षेप प्रस्तुत किये वहीं कांग्रेस पार्टी के 55 सालों की सत्ता के दौरान देश को विकासवंचित रखें जाने के कटाक्ष करने से वें पीछे नहीं रहे. बहरहाल, महाराष्ट्र में पहली 'पब्लिक मीटिंग' का आयोजन भव्यता के साथ कर के. चन्द्रशेखरराव ने महाराष्ट्र की जनता को पार्टी में शामिल होने का खुला न्यौता दें दिया. वहीं राजनीति क्षेत्र में कार्यरत कुछ चिरपरिचित चेहरों को बीआरएस में शामिल कर लिया. कुलमिलाकर की इस सभा से बीआरएस पार्टी का आगाज तो बेहतर हुआ है.
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श्री राव ने तेलगु भाषिक नेता गोपाल गोरियंटल को पार्टी में शामिल किया |
विशाल मंडप में सभा के दौरान बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखरराव ने भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा केंद्रीय प्रशासन की कामकाज की शैली पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर सरकारी इकाई का निजीकरण करने के पीछे पड़ गए है. एलआईसी इकाई को भी उन्होंने प्रभावित कर देश की जनता को चिंता में डाल दिया है. केंद्र सरकार यदि हर इकाई का निजीकरण करेगी तब सरकार के पास प्रशासकीय काम क्या शेष रह जायेगा. सरकार का "मेक इन इंडिया नहीं, जोक इन इंडिया" चल रहा है. उन्होंने आरोप किया कि, प्रधानमंत्री को अडाणी से नहीं बल्कि किसानों से प्रेम करना चाहिए.
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| विदर्भ नेता श्री प्रकाश पोहरे भी बीआरएस में शामिल हुए. |
उन्होंने आगे कहा, देश की नदियों में पानी का योग्य संतुलन कायम है. लेकिन उपलब्धता के प्रमाण में पानी का उपयोग सही तरह से उपयोग करने में केंद्र सरकार नाकाम साबित हो रहीं है. हमारे देश में बरसात के दौरान कुल 140 टीएमसी पानी नदियों से बहकर समुद्र में चला जाता है. उस पानी का उपयोग करने की सरकार के पास कोई व्यवस्था ही नहीं है. यदि ठीक से जल नियोजन किया जाए तब आनेवाले सौ सालों तक देश में जल की किल्लत प्रस्तुत नहीं होगी.
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| बैठक में उपस्थित बीआरएस के नेतागण |
श्री राव ने महाराष्ट्र का उल्लेख कर कहा कि, महाराष्ट्र में नदियों की संख्या अधिक है. यदि यहाँ की नदियों के पानी का ठीक से सदुपयोग किया जाए तो किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा. यहाँ नदियों पर सिचाई परियोजनाओं को विकसित किया जाना चाहिए. यदि पर्याप्त जल उपलब्ध होगा तब किसान आत्महत्या नहीं करेंगे. यवतमाल जिले में किसानों की सर्वाधिक आत्महत्याएं हुई है.
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नांदेड़ की सभा में उपस्थित बीआरएस पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता |
तेलंगाना में हमने किसानों की समृद्धि को लेकर काम शुरू कर दिया है. तेलंगाना में किसानों सहित जनता को मुफ्त बिजली दीं जा रहीं हैं. हमारे देश में कोयला बड़ी मात्रा में उपलब्ध है लेकिन बिजली उत्पाद में पिछड़े हुए है. आनेवाले सौ वर्षों तक कोयला उपलब्ध हो इस मात्रा में हमारे पास कोयला होकर भी देश में बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा है. अभी दो लाख 15 हजार मेगावॉट बिजली उत्पाद की क्षमता को 4 लाख मेगावॉट तक बढ़ाया जा सकता है. यदि आनेवाले समय में बीआरएस सत्ता में आई तो किसान और महिलाओं के लिए सुकर शासन स्थापित करेंगे. बीआरएस महिलाओं को भी सत्ता में 33 % भागीदारी प्रदान करेगी.
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तेलंगाना की बिजली उत्पादन और सिचाई की महत्वकांक्षी परियोजना 'कालेश्वरम |
उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथों लेकर कहा कि देश में कांग्रेस पार्टी की 54 वर्षों तक सत्ता थी. कांग्रेस पार्टी ने देश को विकास से वंचित रखा. कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण ही आज देश में समस्याएं व्याप्त है. कांग्रेस की नीतियां विकास विरोधी थी. जाहिर है कि नांदेड़ जिला कांग्रेस पार्टी का गढ माना जाता है. इस जिले ने महाराष्ट्र को दो मुख्यमंत्री दिए वहीं केंद्र की राजनीति को भी खासा प्रभावित किया, इस स्थान पर कांग्रेस की आलोचना कर श्री राव ने एक तरह से अप्रत्याशित रूप से नांदेड़ के कांग्रेस नेताओं पर ही निशाना साधा है.
मुख्यमंत्री केसीआर की सभा को लेकर नांदेड़ शहर में विगत एक माह से उनके पदाधिकारी तैयारी में मशगूल थे. सभा के लिए शहर के हर हिस्से को खंगाला गया था. इस सभा के लिए उचित स्थान बीआरएस को नहीं उपलब्ध हो पा रहा था. कुछ स्थानों पर बीआरएस की सभा के लिए जगह नहीं दिए जाने का विषय भी सामने आया था. आखिर गुरुद्वारा बोर्ड संस्था की जमीन इस सभा के लिए उपलब्ध हो गईं. रविवार की सभा में तेलंगाना, विदर्भ और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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