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मंगलवार, 28 फ़रवरी 2023

 डी.पी. सिंघ चावला बनें हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सी.ई.ओ. 

सरदार डी. पी. सिंघ चावला,
नवनियुक्त सी.ई.ओ., हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति

गुरुद्वारा तखत सचखंड श्री हजुरसाहिब बोर्ड कार्यालय के पूर्व अधीक्षक एवं पूर्व ओ.एस.डी. सरदार देवेंद्रपालसिंघ चावला (डी. पी. सिंघ) की हाल ही में नियुक्ति दी हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अंतर्गत सी. ई. ओ. (जनरल मैनेजर) के पद पर की गईं. हरियाणा की गुरुद्वारा कमेटी के निर्वाचित प्रधान महंत बाबा करमसिंघजी, मीत प्रधान सरदार गुरविंदरसिंघजी धमीजा द्वारा यह जिम्मेदारी सौंपी गईं. 

हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अंतर्गत 70 से ज्यादा ऐतिहासिक गुरुद्वारों का समावेश है. राज्यस्तर पर कार्यरत इस बोर्ड के प्रबंधन का कार्य बहुत बड़ी चुनौतीभरा है. सरदार डी. पी. सिंघ चावला पूर्व में तखत सचखंड श्री हजुरसाहिब बोर्ड अंतर्गत सुपरिन्टेन्डेन्ट (अधीक्षक) पद की जिम्मेदारी संभाल चूके हैं. उन्होंने पश्च्यात में हज़ूर साहिब बोर्ड में ओ. एस. डी. पद पर भी जिम्मेदारी निभाई थीं. उससे पूर्व डी.पी. सिंघ पंजाब एंड सिंध बैंक के विभागीय प्रबंधक भी रह चूके हैं. 

( हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी )

इस नियुक्ति उपरांत सरदार डी. पी. सिंघ चावला को देश और विदेशों से शुभकामनायें और बधाइयाँ मिल रहीं है. हजुरसाहिब में भी उनकी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की गईं. एक अनुभवी और अनुशासित अधिकारी के रूप में परिचित स. डी. पी. सिंघ हरियाणा राज्य अंतर्गत ऐतिहासिक गुरुधामों का प्रबंधन और रखरखाव बेहतर बनाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है. हरियाणा गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन कुछ वर्ष पूर्व ही हुआ है. इससे पूर्व हरियाणा राज्य के सभी गुरुद्वारा एसजीपीसी अमृतसर पंजाब अंतर्गत थे. हरियाणा राज्य में 70 से अधिक ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब विद्यमान है. आशा है डी. पी. सिंघ यहाँ उल्लेखनीय सेवा दर्ज करेंगे. 

सरदार डी. पी. सिंघ ने अपनी नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि, तखत सचखंड श्री हजुरसाहिब में सेवा करने के कारण ही मुझे हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सेवा का अवसर और जिम्मेदारी प्राप्त हुई हैं. श्री गुरु गोबिंदसिंघजी महाराज के आशीर्वाद से यह नियुक्ति मिली है. हजुरसाहिब की साधसंगत की शुभकामनायें मेरे साथ हैं जिस कारण एक बड़े पद की सेवा निभाने का अवसर मुझे मिल रहा है. 

रविंदरसिंघ मोदी.. 

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सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

"रेलवे इंजन" टक्कर नहीं लें पाया "जीप" से

आंदोलन से पहले ही हिरासत में लिए गए पदाधिकारी !

मनसे पदाधिकारी चिखलवाड़ी चौराहा स्थान से
बीआरएस की सभा की ओर जाते समय 

रविंदरसिंघ मोदी 

बीआरएस पार्टी की सभा उलटने की चेतावनी देनेवाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के जिलास्तरीय पदाधिकारियों को वजीराबाद पुलिस द्वारा सभा से पूर्व ही गिरफ्तार हिरासत में रखा गया था. माना जा रहा था कि, राज ठाकरे की पार्टी मनसे बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी. लेकिन पुलिस ने वक़्त रहते मनसे के पदाधिकारियों पर अंकुश कस दिया. जिसके बाद बीआरएस पार्टी की भव्य सभा मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखरराव की प्रमुख उपस्थिति में सम्पन्न हो गईं. 

वजीराबाद पुलिस ने मनसे का रस्ता रोका 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नांदेड़ जिला इकाई अध्यक्ष मोंटीसिंघ जहागीरदार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की ता. 5 फरवरी की सभा उलट देने का वक्तव्य जारी किया था. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि तेलंगाना राज्य द्वारा गोदावरी नदी के जल बटवारा में महाराष्ट्र के हिस्से का पानी महाराष्ट्र को नहीं मिले इसलिए जल बटवारा करार को लेकर गुमराह किया है. वहीं बाभली बांध को लेकर भी महाराष्ट्र के साथ सौतेला व्यवहार किया है. महाराष्ट्र की जनता और किसानों के बारे में द्वेष रखनेवाली पार्टी बीआरएस की सभा महाराष्ट्र में नहीं होनी चाहिए. 


बीआरएस पार्टी का चुनाव चिन्ह "जीप"

मनसे की इस चेतावनी का बीआरएस पार्टी के नांदेड़ कार्यक्रम पर कोई असर होता दिखाई नहीं पड़ा. यदि इस विषय को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे कोई बयान जारी करते तो संभव होता कि मुख्यमंत्री के.सी.आर. भी कोई भाष्य करते. श्री राव ने इस विरोध पर कोई भाव प्रदर्शित नहीं किया. जिसके बाद यहाँ राजनीतिक गलियारे में कहा जा रहा है कि, मनसे का रेलवे इंजन ठीक से बीआरएस की "जीप" से टक्कर नहीं लें पाया. यह टक्कर कमजोर होने की दो वजह बताई जा रहीं है कि, एक तो बीआरएस पार्टी का "मैनेजमेंट" बढ़िया था और उन्होंने हर पहलु पर पहले ही विचार कर छोड़ा हुआ था. दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि, नांदेड़ जिले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ताकत भी कम है. मुंबई और नासिक शहरों में मनसे की ताकत अधिक है. इस कारण नांदेड़ में मनसे की चेतावनी का खासा असर हो नहीं पाया है. स्थानीय वजीराबाद पुलिस ने मनसे जिलाध्यक्ष मोंटीसिंघ जहागीरदार और अन्य पदाधिकारियों को रास्तें में ही रोककर गिरफ्तार कर लिया. सभा के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. 

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 बीआरएस का आगाज़ तो अच्छा हुआ...!

के. सी. आर. ने भाजपा और कांग्रेस की नाकामियां गिनवाई 

श्री के. चंद्रशेखरराव, मुख्यमंत्री - बीआरएस पार्टी प्रमुख 

रविंदरसिंघ मोदी

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की महाराष्ट्र की नांदेड़, महाराष्ट्र में संपन्न ता. 5 फरवरी 2023 की सभा राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बनीं हुई है. बीआरएस चीफ एवं तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री श्री के. चंद्रशेखरराव संपूर्ण विषयों के अभ्यास के साथ नांदेड़ में दाखिल हुए थे. उन्होंने जहाँ, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्तमान प्रशासन पर कई तरह के आक्षेप प्रस्तुत किये वहीं कांग्रेस पार्टी के 55 सालों की सत्ता के दौरान देश को विकासवंचित रखें जाने के कटाक्ष करने से वें पीछे नहीं रहे. बहरहाल, महाराष्ट्र में पहली 'पब्लिक मीटिंग' का आयोजन भव्यता के साथ कर के. चन्द्रशेखरराव ने महाराष्ट्र की जनता को पार्टी में शामिल होने का खुला न्यौता दें दिया. वहीं राजनीति क्षेत्र में कार्यरत कुछ चिरपरिचित चेहरों को बीआरएस में शामिल कर लिया. कुलमिलाकर की इस सभा से बीआरएस पार्टी का आगाज तो बेहतर हुआ है.

श्री राव ने तेलगु भाषिक नेता गोपाल गोरियंटल को
पार्टी में शामिल किया

विशाल मंडप में सभा के दौरान बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखरराव ने भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा केंद्रीय प्रशासन की कामकाज की शैली पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर सरकारी इकाई का निजीकरण करने के पीछे पड़ गए है. एलआईसी इकाई को भी उन्होंने प्रभावित कर देश की जनता को चिंता में डाल दिया है. केंद्र सरकार यदि हर इकाई का निजीकरण करेगी तब सरकार के पास प्रशासकीय काम क्या शेष रह जायेगा. सरकार का "मेक इन इंडिया नहीं, जोक इन इंडिया" चल रहा है. उन्होंने आरोप किया कि, प्रधानमंत्री को अडाणी से नहीं बल्कि किसानों से प्रेम करना चाहिए. 

विदर्भ नेता श्री प्रकाश पोहरे भी बीआरएस में शामिल हुए.

उन्होंने आगे कहा, देश की नदियों में पानी का योग्य संतुलन कायम है. लेकिन उपलब्धता के प्रमाण में पानी का उपयोग सही तरह से उपयोग करने में केंद्र सरकार नाकाम साबित हो रहीं है. हमारे देश में बरसात के दौरान कुल 140 टीएमसी पानी नदियों से बहकर समुद्र में चला जाता है. उस पानी का उपयोग करने की सरकार के पास कोई व्यवस्था ही नहीं है. यदि ठीक से जल नियोजन किया जाए तब आनेवाले सौ सालों तक देश में जल की किल्लत प्रस्तुत नहीं होगी. 

बैठक में उपस्थित बीआरएस के नेतागण 

श्री राव ने महाराष्ट्र का उल्लेख कर कहा कि, महाराष्ट्र में नदियों की संख्या अधिक है. यदि यहाँ की नदियों के पानी का ठीक से सदुपयोग किया जाए तो किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा. यहाँ नदियों पर सिचाई परियोजनाओं को विकसित किया जाना चाहिए. यदि पर्याप्त जल उपलब्ध होगा तब किसान आत्महत्या नहीं करेंगे. यवतमाल जिले में किसानों की सर्वाधिक आत्महत्याएं हुई है. 

नांदेड़ की सभा में उपस्थित
बीआरएस पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता 

तेलंगाना में हमने किसानों की समृद्धि को लेकर काम शुरू कर दिया है. तेलंगाना में किसानों सहित जनता को मुफ्त बिजली दीं जा रहीं हैं. हमारे देश में कोयला बड़ी मात्रा में उपलब्ध है लेकिन बिजली उत्पाद में पिछड़े हुए है. आनेवाले सौ वर्षों तक कोयला उपलब्ध हो इस मात्रा में हमारे पास कोयला होकर भी देश में बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा है. अभी दो लाख 15 हजार मेगावॉट बिजली उत्पाद की क्षमता को 4 लाख मेगावॉट तक बढ़ाया जा सकता है. यदि आनेवाले समय में बीआरएस सत्ता में आई तो किसान और महिलाओं के लिए सुकर शासन स्थापित करेंगे. बीआरएस महिलाओं को भी सत्ता में 33 % भागीदारी प्रदान करेगी.

तेलंगाना की बिजली उत्पादन और सिचाई की
महत्वकांक्षी परियोजना 'कालेश्वरम

उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथों लेकर कहा कि देश में कांग्रेस पार्टी की 54 वर्षों तक सत्ता थी. कांग्रेस पार्टी ने देश को विकास से वंचित रखा. कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण ही आज देश में समस्याएं व्याप्त है. कांग्रेस की नीतियां विकास विरोधी थी. जाहिर है कि नांदेड़ जिला कांग्रेस पार्टी का गढ माना जाता है. इस जिले ने महाराष्ट्र को दो मुख्यमंत्री दिए वहीं केंद्र की राजनीति को भी खासा प्रभावित किया, इस स्थान पर कांग्रेस की आलोचना कर श्री राव ने एक तरह से अप्रत्याशित रूप से नांदेड़ के कांग्रेस नेताओं पर ही निशाना साधा है. 

मुख्यमंत्री केसीआर की सभा को लेकर नांदेड़ शहर में विगत एक माह से उनके पदाधिकारी तैयारी में मशगूल थे. सभा के लिए शहर के हर हिस्से को खंगाला गया था. इस सभा के लिए उचित स्थान बीआरएस को नहीं उपलब्ध हो पा रहा था. कुछ स्थानों पर बीआरएस की सभा के लिए जगह नहीं दिए जाने का विषय भी सामने आया था. आखिर गुरुद्वारा बोर्ड संस्था की जमीन इस सभा के लिए उपलब्ध हो गईं. रविवार की सभा में तेलंगाना, विदर्भ और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे. 

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रविवार, 5 फ़रवरी 2023

 इंदरजीतसिंघ गल्लीवाले युग का अंत ! 

भावभीनी श्रद्धांजलि 

इंदरजीतसिंघ गल्लीवाले पूर्व उपाध्यक्ष
गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड नांदेड़ 

रविंदरसिंघ मोदी 

रविवार, ता. 5 फरवरी, 2023 की सुबह 7.30 बजे हजुरसाहिब नांदेड़ के स्थानीय नेता स. इंदरजीतसिंघजी गल्लीवाले ने अंतिम साँस लीं और दुनिया से विदा हो गए. उनके देहावसान के साथ ही "गल्लीवाले" नाम के सक्रिय राजनीतिक युग का भी अंत हो गया. सिख समाज ने 74 वर्षीय इस नेता को खो दिया जिसकी शोकसंवेदना सामाजिक परिवेश में प्रसारित हो गई है. रविवार की शाम ही उन्हें पंचतत्व में विलीन किया जायेगा. 

स्व. इंदरजीतसिंघ पिता स्व. रतनसिंघ गल्लीवाले यह नाम हजुरसाहिब की स्थानीय राजनीति में विगत 50 वर्षों से चिरपरिचित रहा है. उन्होंने गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड संस्था के चुनाव में जीत हासिल कर बोर्ड के मीत प्रधान के रूप में लंबे समय तक कार्य किया था. सन 1991 से हजुरसाहिब की राजनीति में परिवर्तन आना प्रारंभ हो गया था. उस समय इंदरजीतसिंघ गल्लीवाले ने गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड के पूर्व प्रधान स्व. दलबीरसिंघ जाबिंदा के साथ मिलकर उन्होंने समाज में नया राजनीतिक प्रवाह शुरू किया था. उन्होंने सिख समाज की बेरोजगारी दूर करने में सकारात्मक भूमिका अदा की थी. उनकी एक पहचान यह भी थी कि वें किसी विषय पर अपनी बेबाक राय परचे (पॉम्पलेट) जारी कर बयांन कर देते थे. उनकी यह शैली समाज में काफी चर्चित रहीं थी. वहीं बहुत बार उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ जाता था. 

स्व. इंदरजीतसिंघजी गल्लीवाले युवा आवस्था में पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री स्व. शंकरराव चव्हाण के निकटम कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नांदेड़ शहर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभाई थी. वहीं उन्होंने महानगर पालिका चुनाव जीतकर पार्षद के रूप में भी कार्य किया था. गोदावरी शुद्धिकरण का विषय उन्होंने लंबे समय तक उठाए रखा था. उनके साथ मुझे भी गोदावरी शुद्धिकरण विषय का अभ्यास करने का अवसर प्राप्त हुआ था. 

जिस समय उन्हें महानगर पालिका चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिया गया, उस समय समाज में सक्रिय रहने वाले स. इंदरजीतसिंघ गल्लीवाले कुछ समय तक जनता दल और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ भी सक्रिय रहे थे. उन्होंने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था. लगभग 50 वर्षों तक राजनीतिक क्षेत्र में उन्होंने अपने आपको व्यस्त रखा था. उनके साथ बहुत से युवकों ने भी राजनीति क्षेत्र में कदम रखा था और उपोषण और मोर्चो में शामिल हुए. 

पिछले कुछ समय से उन्हें स्वास्थ्य की समस्या से त्रासदी थी. हैदराबाद और अन्य स्थानों पर भी उन उपचार जारी था. आखिर उन्होंने जग से विदा होने का निर्णय लें लिया. उनके निधन पर अपनी ओर से गहरी शोकसंवेदना व्यक्त करता हूँ. 

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शनिवार, 4 फ़रवरी 2023

 क्या बीआरएस के मार्ग में रोड़ा अटकाएगी मनसे? 

बीआरएस की सभा उलटने की चेतावनी जारी!

रविंदरसिंघ मोदी

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भारत राष्ट्र समिति पार्टी की पहली पहल में रोड़ा अटकाने की धमकी जारी की है! राज ठाकरे की पार्टी मनसे द्वारा गोदावरी जल बटवारे में मराठवाड़ा की जनता के साथ अन्याय किये जाने का मुद्दा उठाकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखरराव की सभा उलटने की चेतावनी जारी की गई है. जिसके बाद बीआरएस पार्टी की ता. 5 फरवरी को होने वाली सभा को लेकर अशांति का बिगुल बजना शुरू हो गया है. 

मोंटीसिंघ जहागीरदार, मनसे जिलाध्यक्ष नांदेड़

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नांदेड़ अध्यक्ष मोंटीसिंघ जहागीरदार द्वारा हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई. जिसमें कहा गया है कि, तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस पार्टी द्वारा नांदेड़ में ता. 5 फरवरी 2023 को एक सभा का आयोजन किया जा रहा है. लोकलुभावने मुद्दों को आगे रखकर तेलंगाना की यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति में पैर रखने का प्रयास कर रहीं है. लेकिन वास्तव में तेलंगाना इस पार्टी की नीतियां सदैव महाराष्ट्र की जनभावनाओं के खिलाफ रहीं हैं. 

राज ठाकरे, मनसे पार्टी प्रमुख महाराष्ट्र 

प्रेस विज्ञप्ति में मोंटीसिंघ जहागीरदार ने आगे कहा कि, गोदावरी नदी का हिस्सा क्षेत्रफलानुसार महाराष्ट्र में व्याप्त है. महाराष्ट्र में गोदावरी का 49 % प्रमाण व्याप्त है जबकि तेलंगाना की भूमि पर केवल 31 % हिस्सा क्षेत्रफलानुसार विद्यमान है. लेकिन तेलंगाना सरकार द्वारा जल बटवारे को लेकर गलत तथ्य प्रस्तुत किये गए. इस तरह गुमराह किये जाने से तेलंगाना को अधिक पानी का हिस्सा मिल रहा है. सन 1980 में पूर्व न्यायाधीश श्री बच्छाव समिति द्वारा भी इस विषय को अधोरेखित किया था कि गोदावरी नदी के क्षेत्रफल के अनुसार महाराष्ट्र को जल प्राप्ति का अधिकारी मिलना योग्य होगा. लेकिन तेलंगाना (तत्कालीन आंध्रप्रदेश) ने इस विषय में महाराष्ट्र के साथ अन्याय किया. जिससे महाराष्ट्र के किसानों को बार - बार पानी के लिए तरसना पड़ा. इस विषय में नांदेड़ जिले के नेतागण क्यों खामोश है ऐसा प्रश्न भी विज्ञप्ति में उठाया गया है. 

: मनसे की चेतावनी :

महाराष्ट्र की जनता के स्थानीय मुद्दों को लेकर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी अक्सर आक्रमक राजनीति का प्रदर्शन करती रहती है. परप्रांतियों के महाराष्ट्र में अतिक्रमण को लेकर राज ठाकरे ने मराठी जनता के अधिकारों की आवाज़ उठाए रखीं है. अब तेलंगाना में स्थापित बीआरएस पार्टी उनके निशाने पर हैं. मनसे के नांदेड़ जिलाध्यक्ष द्वारा चेतावनी जारी की गईं है कि बीआरएस चीफ मुख्यमंत्री केसीआर को सभा के लिए नांदेड़ पहुँचने पर विरोध किया जायेगा. रविवार को होनेवाली यह सभा उलट दिए जाने की भी चेतावनी जारी की गई है जिसके बाद बीआरएस की होनेवाली सभा को लेकर राजनीतिक गलियारे में प्रश्न उठने लगें है. नांदेड़ शहर के बीचोबीच हिंगोलीगेट के पास गुरुद्वारा के मैदान में यह सभा रखीं गई है. सभा के लिए करोड़ों का भव्य मंडप सजाया गया है. सभा में करीब 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गईं हैं. इस सभा के लिए तेलंगाना के 31 जिलों से बीआरएस के पदाधिकारी उपस्थित हो रहे हैं ऐसी भी प्राथमिक जानकारी है. यदि सभास्थल पर मनसे पार्टी विरोध प्रदर्शन करने में सफल हो जाती है, तब बीआरएस पार्टी के पहले ही कदम पर अपशकुन प्रभावित हो सकता है ऐसी चर्चा यहाँ जारी है. आनेवाला समय ही बताएगा की मनसे की चेतावनी में कितना प्रभाव है. 

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 कांग्रेस पार्टी से प्रणीतकौर हुई निष्काषित! 

भाजपा में शामिल होने की घोषणा संभव!

सांसद श्रीमती प्रणीत कौर (पटियाला)

रविंदरसिंघ मोदी

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट का माहौल बन गया है. कांग्रेस पार्टी द्वारा आखिर पटियाला (पंजाब) की सांसद (कांग्रेस) एवं कैप्टन अमरिंदरसिंह की धर्मपत्नी श्रीमती प्रणीतकौर को पार्टी से निष्काषित करने की अधिकृत घोषणा कर दीं गईं. पार्टी विरोधी कार्रवाइयों को अंजाम देने के "आरोपों" के बाद और "कारण दिखाओ" नोटिस का तसल्लीबक्श जवाब नहीं मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा मीडिया के नाम प्रसिद्धी पत्रक जारी कर सांसद प्रणीतकौर के निष्काषण की घोषणा कर दीं गईं. 

सांसद प्रणितकौर !

वैसे कांग्रेस पार्टी को यह कदम पहले ही उठाना चाहिए था जब नवंबर 2022 महीने में प्रणीतकौर द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसायुक्त ट्वीट किये गए थे. लेकिन उस समय कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी द्वारा "भारत जोड़ो यात्रा" का आगाज़ किया गया था. अब जबकि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए 15 महीनों से भी कम का समय शेष है ऐसे समय कांग्रेस पार्टी का यह निर्णय सोचीसमझी राजनीति का हिस्सा हो सकता है. प्रणितकौर ने कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए निष्काषण के निर्णय पर कोई आपत्ती व्यक्त नहीं की है. बल्कि कांग्रेस पार्टी के दायित्व से मुक्त होने का उन्होंने समाधान व्यक्त करना शुरू कर दिया है. जिसका सीधा मतलब यहीं हो सकता है कि आनेवाले सप्ताहभर में श्रीमती भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर सकती है. 


कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी की गईं प्रेस विज्ञप्ति !

कैप्टन अमरिंदरसिंह पिछले वर्ष भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. उनके द्वारा शुरु की गईं "पंजाब लोक कांग्रेस" पार्टी का विलय भी भाजपा में कर दिया गया था. विगत एक सप्ताह से यह भी समाचार सुर्खियों में छाया हुआ है कि कैप्टन अमरिंदरसिंह को महाराष्ट्र का राजयपाल नियुक्त किया जा रहा हैं. इस लिहाज से प्रणीतकौर का भाजपा प्रवेश जल्द हो जाना जायज साबित होगा. आनेवाले 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते कैप्टन अमरिंदरसिंह राज्यपाल पद को लेकर गंभीर नहीं है. लेकिन पंजाब में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए प्रणितकौर बड़ी भूमिका अदा कर सकती है. 

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