बीबी जगीर कौर की वापसी !
एसजीपीसी की तीसरी बार प्रधान बनीं
रविंदरसिंघ मोदी
सिखों की सर्वोच्च शीर्ष धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, अमृतसर के नये प्रधान के रूप में शिरोमणि अकाली दल बादल की तेजतर्रार नेता और विधायक बीबी जगीर कौर का चयन हुआ है. उन्होंने तीसरी बार यह पद प्राप्त किया है. इससे पूर्व बीबी जगीर कौर सन 1999 और वर्ष 2004 में प्रधान पद पर कार्यरत रह चूकी है. यह तीसरा मौका है जब उन्हें प्रधान चुन लिया गया.
शुक्रवार, ता. 27-11-2020 को अमृतसर स्थित तेजसिंघ समुद्री हाल में एसजीपीसी की जनरल बॉडी की बैठक संपन्न हुईं. जिसमें नये प्रधान के चयन का प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ. बैठक में 191 सदस्यों में से 143 उपस्थित थे. कार्यकारी प्रधान अलविन्दर सिंघ पखोके ने प्रधान पद के लिए बीबी जगीर कौर के नाम का प्रस्ताव रखा. उनके विरोध में मिठू सिंघ कहनके का नाम प्रस्तुत हुआ. मतदान के दौरान बीबी जगीर कौर को 122 वोट मिले और उन्हें विजेता घोषित किया गया. मिठूसिंघ कहनके को मात्र 21 वोट ही मिल पाए.
सीनियर मीत प्रधान के रूप में स. सुरजीत सिंघ भिटवड का चयन हुआ. जबकि जूनियर मीत प्रधान के रूप में स. बूटा सिंघ का चयन संपन्न हुआ. स. बलवंत सिंघ सिआलका को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया और कार्यकारिणी सदस्य के रूप में स. बलदेवसिंघ चूंघा, चरणजीत सिंघ जसोवाल, नवतेज सिंघ कावनी, सतविंदरसिंघ तोहरा, अजमेर सिंघ खेड़ा, दर्शनसिंघ शेर खां, भूपिंदर सिंघ भलवान, हरभजन सिंघ समाना, बीबी मलकीत कौर कमालपुरा, मिठू सिंघ कहनके, अमरीक सिंघ शाहपुर की नियुक्ति की गई. पिछले प्रधान भाई गोबिंदसिंघ लोंगोवाल तीन सालों तक प्रधान कार्यरत थे. गत कुछ समय से लोंगोवाल लगातार विवादों में बनें हुए थे.
माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा के आगामी चुनावों की रणनीति के तहत बीबी जगीर कौर की नियुक्ति अहम बताई जा रहीं हैं. उम्मीद की जा रहीं हैं कि पंजाब विधानसभा के चुनाव अवधिपूर्व हो सकते हैं. इसलिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में आमूलाग्र बदलाव किया गया हैं. श्री गुरु ग्रंथसाहिब जी के 328 स्वरूपों के गायब हो जाने के विषय को लेकर साधसंगत में पिछली कार्यकारिणी को लेकर खासा रोष का वातावरण बना हुआ था. भाई गोबिंदसिंघजी लोंगोवाल को हटाए जाने के बाद एसजीपीसी और शिरोमणि अकाली दल को लेकर रोष कम होगा अथवा नहीं यह तो आनेवाला समय ही बताएगा.

