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रविवार, 29 जनवरी 2023

 बीआरएस किस की नींद उड़ाएगी नांदेड़ में?  

मुख्यमंत्री केसीआर की भव्य सभा की तैयारियां जारी!

रविंदरसिंघ मोदी 

बीआरएस के संस्थापक तेलंगाना के मुख्यमंत्री
श्री चंद्रशेखर राव ! 

भारत की राष्ट्रीय राजनीति में विगत कुछ दिनों से सक्रिय हुईं "भारत राष्ट्रीय समिति" पार्टी अब महाराष्ट्र में पैर पसारने जा रहीं हैं. आनेवाली ता. 5 फरवरी 2023 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री एवं बीआरएस पार्टी के संस्थापक श्री चंद्रशेखरराव के नेतृत्व में नांदेड़ की धरती पर एक भव्य सभा का आयोजन किया जा रहा है. जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में है. बीआरएस की आगामी सभा को लेकर नांदेड़ के नेताओं में उलझन और विचलन दिखाई दें रहा है. 

नांदेड़ में सभा मैदान में रूप रेखा पर चर्चा करते हुए बीआरएस पार्टी के नेतागण दिखाई दें रहे हैं. 

मुख्यमंत्री केसीआर की आगामी सभा को लेकर महाराष्ट्र की विविध राजनीतिक पार्टियां भी सतर्क हो उठीं हैं. उसी तरह से तेलंगाना की सीमा से सटे नांदेड़ जिले के बड़े बड़े नेता भी इस समय "बीआरएस पार्टी की सभा से बिफरे हुए नज़र आ रहे हैं. दूसरी ओर इस विचलन के संबंध में राजनीतिक पंडित अंकों की जोड़ - तोड़ में जुटे हुए हैं कि बीआरएस पार्टी के आगाज से मराठवाड़ा की राजनीति में क्या परिवर्तन आएगा! बीआरएस किस पार्टी का यहाँ खेल बिगाड़ेगी? 


नांदेड़ जिले पर विगत 70 वर्षों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (कांग्रेस) का प्रभाव रहा है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने भी यहाँ की राजनीति प्रभावित कर छोड़ी हैं. पिछले लोकसभा के नतीजे उसका उदाहरण माने जा सकते हैं. सोलह तहसीलों के बड़े जिले में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना (दोनों धड़े), वंचित अघाड़ी जैसी पार्टियां मतदाताओं में बटीं हुईं हैं. हैदराबाद की एआईएमआयएम पार्टी भी राजनीतिक उलटफेर का कभी - कभी हिस्सा बनती देखीं जाती हैं. वहीं राष्ट्रीयस्तर पर उत्तर भारत में सक्रिय आमआदमी पार्टी के यहाँ पैर नहीं जम पाए हैं. 

तेलंगाना नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन स. रविंदरसिंघ 
(करीमनगर) और धर्माबाद के ग्रामीण नेता श्री बाबूराव
जिन्होंने एक माह पूर्व से नांदेड़ जिले में बीआरएस
पार्टी की सभा की तैयारी आरंभ की थी.

बीआरएस पार्टी को महाराष्ट्र में पैर पसारने के लिए कहीं ना कहीं से शुरुआत करनी ही थी. जिसके लिए मुख्यमंत्री केसीआर ने नांदेड़ पर दांव खेला हैं. सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री केसीआर नांदेड़ के स्थापित राजनेताओं को चुनौती दें पाएंगे? नांदेड़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के लगभग सौ से अधिक गांवों में बीआरएस को लेकर आकर्षण का वातावरण है. तेलंगाना सरकार द्वारा प्रजा को प्रदान की जा रहीं सुविधाओं के प्रचार - प्रसार से नांदेड़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के निवासी खासे प्रभावित हैं. 

एक माह पहले की बात है. नांदेड़ के सीमावर्ती जिले के कुछ गांवों की जनता ने जोरशोर से यह मांग उठाई थी कि उनके गांव तेलंगाना राज्य में शामिल कर दिए जाए क्योंकि नांदेड़ जिले में उन्हें पिछड़ा रखा गया हैं. उन्हें अच्छी नागरिक सुविधाओं की पूर्ति नहीं हो पा रहीं हैं. महाराष्ट्र की तुलना में तेलंगाना राज्य में अधिक सुविधाएं मिल रहीं हैं. इसलिए लगभग सौ की संख्या में गांव तेलंगाना में शामिल होना चाहते हैं. किनवट, भोकर, हिमायतनगर, उमरी, धर्माबाद, देगलूर और मुखेड तहसीलों के अनेक ग्रामों की जनता तेलंगाना में जाने के लिए व्याकुल सी दिखाई दीं इसमें कोई संदेह नहीं है. 

यह भी आश्चर्य ही माना जाए कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोकराव चव्हाण के निर्वाचन क्षेत्र भोकर के भी कुछ गांव तेलंगाना में जाने को उत्सुक दिखाई दिए. हालांकि भोकर विधानसभा ने महाराष्ट्र को दो मुख्यमंत्री दिए जिनमें श्री अशोकराव चव्हाण और दूसरे उनके पिता स्व. शंकरराव चव्हाण के नाम दर्ज है. ऐसे स्थान पर विकास की दुहाई देकर जनता (मतदाता) जिला ही नहीं बल्कि राज्य छोड़ने की नौबत पर उतर आये तो उसे बड़ी शोकांतिका कहनी चाहिए. यह बात भारतीय जनता पार्टी के सांसद श्री प्रतापराव पाटिल पर और शिवसेना के हिंगोली (नांदेड़ ) लोकसभा के सांसद श्री हेमंत पाटिल के लिए भी एक तरह से चुनौती ही हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता राज्य सरकार के प्रति असंतोष का भंडा फोड़ने पर उतारू दिखाई दें रहे हैं. 

आनेवाली 5 फरवरी के दिन नांदेड़ शहर के हिंगोलीगेट मैदान में बीआरएस पार्टी की भव्य सभा का आयोजन किया जा रहा है. इस सभा के माध्यम से बीआरएस पार्टी एक साथ कांग्रेस, भाजपा और एआईएमआईएम पार्टी को सीधे चुनौती पेश करेंगी. यदि आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में बीआरएस पार्टी शिरकत करती है तब कांग्रेस और भाजपा के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है इसमें कोई दो राय नहीं है. लेकिन देखना यह होगा कि नांदेड़ जिले में बीआरएस पार्टी में कितने लोग शामिल होते हैं. नांदेड़ के शीर्ष नेतृत्व से सीधा लोहा लें ऐसे नेतृत्व बीआरएस में शामिल होंगे क्या. जरूर भारत राष्ट्रीय समिति का इरादा नांदेड़ सहित महाराष्ट्र के नेताओं की नींद उड़ाना होगा. देखना है इस मिशन में मुख्यमंत्री केसीआर कितना सफल होते हैं. 

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शनिवार, 28 जनवरी 2023

 कैप्टन बन सकते है महाराष्ट्र के राज्यपाल!

बेहतर विकल्प 


 रविंदरसिंघ मोदी 

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के सबसे सक्षम प्रभावी नेता कैप्टन अमरिंदरसिंघ महाराष्ट्र के राज्यपाल बनाएं जा सकते है. वर्तमान राज्यपाल महामहीम श्री भगतसिंह कोशियारी द्वारा राजभवन से लौटने की इच्छा जताये जाने के बाद भाजपा नेतृत्व महाराष्ट्र के नये राज्यपाल की खोज में जुट गया था. अब यह विषय सुर्खियों में छाया हुआ है कि अनुभवी नेता कैप्टन अमरिंदरसिंघ को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं. 


राजनीति में वरिष्ठ और अनुभवी नेता कैप्टन अमरिंदरसिंघ वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. विगत दो वर्षों से कैप्टन एकतरह से राजनीति की मुख्यधारा से बाहर है. भारतीय जनता पार्टी भी उनके राजनीतिक कद का लाभ लेने में नाकाम रहीं है. लेकिन जैसे ही यह बात चल पड़ी कि राज्यपाल श्रीमान भगतसिंह कोशियारी राजभवन से लौटने का आग्रह कर रहे, वैसे ही यह समाचार भी सुर्खियों में छा गया कि भाजपा नेतृत्व कैप्टन को शीघ्र ही महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंप सकता है. 

कैप्टन हर दृष्टि से योग्य : 

उल्लेखनीय है कि, स्थानीय पत्रकार स. रविंदरसिंघ मोदी ने तीन माह पूर्व, नवंबर 2022 में ही कैप्टन अमरिंदरसिंह को महाराष्ट्र का राज्यपाल मनोनीत करने की मांग प्रस्तुत की थी. इस आशय के ट्वीट भी जारी किये थे. साथ ही महाराष्ट्र के समाचार पत्रों में भी यह मांग उठाई गई थी.  


यह बेहतर विकल्प है !
कैप्टन अमरिंदरसिंह महाराष्ट्र के राज्यपाल पद के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्तित्व है. इस समय 80 वर्ष की आयु में वें पंजाब की राजनीति में कहाँ तक सक्रिय रह पाएंगे. क्योंकि आनेवाले पांच वर्षों में पंजाब की बहुमत वाली आम आदमी पार्टी की सरकार कार्यरत रहेगी. बढ़ती आयु के करण संभवतः पांच वर्ष बाद अमरिंदरसिंह के पास शायद पंजाब का मुख्यमंत्री बनने का अवसर उपलब्ध नहीं हो. भाजपा में 80 वर्ष के बाद नेताओं को राजनीति में अवसर कम ही दिए जाते हैं यह कड़वा सच है. इस दृष्टि से कैप्टन अमरिंदरसिंह को महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की चुनौति स्वीकार कर लेनी चाहिए ऐसी चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल पड़ी है. 



संभावना व्यक्त हो रहीं है कि आनेवाले एक सप्ताह के भीतर कैप्टन अमरिंदरसिंघ को महाराष्ट्र का राजयपाल बनाया जा सकता है. कैप्टन की संभाव्य नई पारी को लेकर राजनीतिक गलियारे में काफी उत्सुकता छाई हुईं है. 

  होली हल्ला महल्ला यात्रा मार्ग की दुरुस्ती करें : मनबीरसिंघ ग्रंथी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार समूह) के युथ प्रदेश सचिव स. मनबीर...