मंत्रालय से दशहरा हल्ला महल्ला को अनुमति नहीं !!
मुंबई उच्चन्यायालय से उम्मीद
रविंदरसिंघ मोदी
तखत सचखंड श्री हजुरसाहब के तत्वावधान में आयोजित होनेवाले पारंपरिक दशहरा हल्ला महल्ला नगरकीर्तन यात्रा को अनुमति देने के विषय में महाराष्ट्र सरकार के आपत्ति व्यवस्थान विभाग (मंत्रालय) ने बुधवार, ता. 21-10-2020 को अपील को ख़ारिज कर दिया. कोरोना संक्रमण अनियंत्रित अवस्था में होने का हवाला देकर यह अनुमति नकार दी है. जिसके बाद अब इस विषय को लेकर मुंबई उच्चन्यायालय में आशाएं पल्लवित है.
उपर्युक्त संबंध में गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड के समन्वयक सदस्य, पूर्व न्यायाधीश स. परमज्योतसिंघ चाहल ने इस बात का स्पष्टीकरण दिया कि, महाराष्ट्र सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग (मंत्रालय) ने गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड का पक्ष सुनने के बाद महाराष्ट्र सरकार की निर्धारित भूमिका के तहत नगरकीर्तन यात्रा आयोजन को अनुमति नकार दी है.
उल्लेखनीय है कि, गत दिनों गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड नांदेड़ द्वारा देश के सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर 'दशहरा हल्ला महल्ला नगरकीर्तन यात्रा' के आयोजन को अनुमति प्रदान करने की अपील की थीं. यह विषय धार्मिक भावना और मर्यादा अंतर्गत होने के कारण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गुरुद्वारा बोर्ड की अपील पर पूरा ध्यान दिया गया. लेकिन महाराष्ट्र में कोविड 19 कोरोना संक्रमण के हालात को लेकर अंतिम निर्णय महाराष्ट्र सरकार और राज्य के उच्च न्यायालय की सोच पर निर्धारित कर दिया गया.
जिसके तहत संबंधित विषय को लेकर गुरुद्वारा बोर्ड द्वारा मुंबई मंत्रालय अंतर्गत आपत्ति व्यवस्थापन विभाग के सामने अनुमति को लेकर विषय प्रस्तुत किया गया था. विभाग के प्रमुख संचालक अधिकारी श्री किशोर निंबालकर द्वारा उनके न्यायिक कक्ष में गुरुद्वारा बोर्ड का पक्ष सुना गया. स. परमज्योतसिंघ चाहल ने गुरुद्वारा बोर्ड का पक्ष प्रस्तुत करते हुए तखत सचखंड श्री हजूर साहब की मर्यादा और परंपराओं का हवाला देकर सरकार द्वारा दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा को अनुमति देने की अपील की. श्री निंबालकर ने अपने निर्णय में कहा कि, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के हालात अनियंत्रित है जिसके कारण सरकार इस तरह की अनुमति प्रदान करने में असमर्थ है. महाराष्ट्र में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन को फिलहाल अनुमति देना मुनासिब नहीं होगा. श्री निंबालकर ने आपत्ति व्यवस्थापन कानून २००५ की धाराओं के तहत अपना निर्णय स्पष्ट किया. जिसमे कहा गया है कि किसी भी धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम को अभी अनुमति नहीं दी जा सकती. तारीख ३० सितंबर २०२० को सरकार ने आदेश जारी किया हुआ है जिसमे महाराष्ट्र में ३१ अक्टूबर २०२० तक लॉकडाउन घोषित किया हुआ हैं.
श्री चाहल ने इस संदर्भ में बताया कि, अभी हमारे सामने मुंबई उच्चन्यायालय का विकल्प शेष है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने निर्णय मे उच्चन्यायालय का विकल्प निर्देशित किया हुआ है. गुरुद्वारा बोर्ड इस विकल्प को भी आजमाएगा. गौरतलब है कि दशहरा हल्ला महल्ला के आयोजन को लेकर सिख समाज उत्साही हैं. सभी की भावनाएं हैं कि दशहरा हल्ला महल्ला का आयोजन किया जाए. अब उच्चन्यायालय पर सभी की आशाएं केंद्रित होना स्वाभाविक हैं.
मंत्रालय के निर्णय की प्रतियां..... पढियेगा.
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