बीआरएस किस की नींद उड़ाएगी नांदेड़ में?
मुख्यमंत्री केसीआर की भव्य सभा की तैयारियां जारी!
रविंदरसिंघ मोदी
![]() |
| बीआरएस के संस्थापक तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री चंद्रशेखर राव ! |
भारत की राष्ट्रीय राजनीति में विगत कुछ दिनों से सक्रिय हुईं "भारत राष्ट्रीय समिति" पार्टी अब महाराष्ट्र में पैर पसारने जा रहीं हैं. आनेवाली ता. 5 फरवरी 2023 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री एवं बीआरएस पार्टी के संस्थापक श्री चंद्रशेखरराव के नेतृत्व में नांदेड़ की धरती पर एक भव्य सभा का आयोजन किया जा रहा है. जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में है. बीआरएस की आगामी सभा को लेकर नांदेड़ के नेताओं में उलझन और विचलन दिखाई दें रहा है.
![]() |
| नांदेड़ में सभा मैदान में रूप रेखा पर चर्चा करते हुए बीआरएस पार्टी के नेतागण दिखाई दें रहे हैं. |
मुख्यमंत्री केसीआर की आगामी सभा को लेकर महाराष्ट्र की विविध राजनीतिक पार्टियां भी सतर्क हो उठीं हैं. उसी तरह से तेलंगाना की सीमा से सटे नांदेड़ जिले के बड़े बड़े नेता भी इस समय "बीआरएस पार्टी की सभा से बिफरे हुए नज़र आ रहे हैं. दूसरी ओर इस विचलन के संबंध में राजनीतिक पंडित अंकों की जोड़ - तोड़ में जुटे हुए हैं कि बीआरएस पार्टी के आगाज से मराठवाड़ा की राजनीति में क्या परिवर्तन आएगा! बीआरएस किस पार्टी का यहाँ खेल बिगाड़ेगी?
नांदेड़ जिले पर विगत 70 वर्षों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (कांग्रेस) का प्रभाव रहा है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने भी यहाँ की राजनीति प्रभावित कर छोड़ी हैं. पिछले लोकसभा के नतीजे उसका उदाहरण माने जा सकते हैं. सोलह तहसीलों के बड़े जिले में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना (दोनों धड़े), वंचित अघाड़ी जैसी पार्टियां मतदाताओं में बटीं हुईं हैं. हैदराबाद की एआईएमआयएम पार्टी भी राजनीतिक उलटफेर का कभी - कभी हिस्सा बनती देखीं जाती हैं. वहीं राष्ट्रीयस्तर पर उत्तर भारत में सक्रिय आमआदमी पार्टी के यहाँ पैर नहीं जम पाए हैं.
![]() |
| तेलंगाना नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन स. रविंदरसिंघ (करीमनगर) और धर्माबाद के ग्रामीण नेता श्री बाबूराव जिन्होंने एक माह पूर्व से नांदेड़ जिले में बीआरएस पार्टी की सभा की तैयारी आरंभ की थी. |
बीआरएस पार्टी को महाराष्ट्र में पैर पसारने के लिए कहीं ना कहीं से शुरुआत करनी ही थी. जिसके लिए मुख्यमंत्री केसीआर ने नांदेड़ पर दांव खेला हैं. सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री केसीआर नांदेड़ के स्थापित राजनेताओं को चुनौती दें पाएंगे? नांदेड़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के लगभग सौ से अधिक गांवों में बीआरएस को लेकर आकर्षण का वातावरण है. तेलंगाना सरकार द्वारा प्रजा को प्रदान की जा रहीं सुविधाओं के प्रचार - प्रसार से नांदेड़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के निवासी खासे प्रभावित हैं.
एक माह पहले की बात है. नांदेड़ के सीमावर्ती जिले के कुछ गांवों की जनता ने जोरशोर से यह मांग उठाई थी कि उनके गांव तेलंगाना राज्य में शामिल कर दिए जाए क्योंकि नांदेड़ जिले में उन्हें पिछड़ा रखा गया हैं. उन्हें अच्छी नागरिक सुविधाओं की पूर्ति नहीं हो पा रहीं हैं. महाराष्ट्र की तुलना में तेलंगाना राज्य में अधिक सुविधाएं मिल रहीं हैं. इसलिए लगभग सौ की संख्या में गांव तेलंगाना में शामिल होना चाहते हैं. किनवट, भोकर, हिमायतनगर, उमरी, धर्माबाद, देगलूर और मुखेड तहसीलों के अनेक ग्रामों की जनता तेलंगाना में जाने के लिए व्याकुल सी दिखाई दीं इसमें कोई संदेह नहीं है.
यह भी आश्चर्य ही माना जाए कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोकराव चव्हाण के निर्वाचन क्षेत्र भोकर के भी कुछ गांव तेलंगाना में जाने को उत्सुक दिखाई दिए. हालांकि भोकर विधानसभा ने महाराष्ट्र को दो मुख्यमंत्री दिए जिनमें श्री अशोकराव चव्हाण और दूसरे उनके पिता स्व. शंकरराव चव्हाण के नाम दर्ज है. ऐसे स्थान पर विकास की दुहाई देकर जनता (मतदाता) जिला ही नहीं बल्कि राज्य छोड़ने की नौबत पर उतर आये तो उसे बड़ी शोकांतिका कहनी चाहिए. यह बात भारतीय जनता पार्टी के सांसद श्री प्रतापराव पाटिल पर और शिवसेना के हिंगोली (नांदेड़ ) लोकसभा के सांसद श्री हेमंत पाटिल के लिए भी एक तरह से चुनौती ही हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता राज्य सरकार के प्रति असंतोष का भंडा फोड़ने पर उतारू दिखाई दें रहे हैं.
आनेवाली 5 फरवरी के दिन नांदेड़ शहर के हिंगोलीगेट मैदान में बीआरएस पार्टी की भव्य सभा का आयोजन किया जा रहा है. इस सभा के माध्यम से बीआरएस पार्टी एक साथ कांग्रेस, भाजपा और एआईएमआईएम पार्टी को सीधे चुनौती पेश करेंगी. यदि आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों में बीआरएस पार्टी शिरकत करती है तब कांग्रेस और भाजपा के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है इसमें कोई दो राय नहीं है. लेकिन देखना यह होगा कि नांदेड़ जिले में बीआरएस पार्टी में कितने लोग शामिल होते हैं. नांदेड़ के शीर्ष नेतृत्व से सीधा लोहा लें ऐसे नेतृत्व बीआरएस में शामिल होंगे क्या. जरूर भारत राष्ट्रीय समिति का इरादा नांदेड़ सहित महाराष्ट्र के नेताओं की नींद उड़ाना होगा. देखना है इस मिशन में मुख्यमंत्री केसीआर कितना सफल होते हैं.
(शेयर कीजिये)




