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शनिवार, 4 फ़रवरी 2023

 क्या बीआरएस के मार्ग में रोड़ा अटकाएगी मनसे? 

बीआरएस की सभा उलटने की चेतावनी जारी!

रविंदरसिंघ मोदी

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भारत राष्ट्र समिति पार्टी की पहली पहल में रोड़ा अटकाने की धमकी जारी की है! राज ठाकरे की पार्टी मनसे द्वारा गोदावरी जल बटवारे में मराठवाड़ा की जनता के साथ अन्याय किये जाने का मुद्दा उठाकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखरराव की सभा उलटने की चेतावनी जारी की गई है. जिसके बाद बीआरएस पार्टी की ता. 5 फरवरी को होने वाली सभा को लेकर अशांति का बिगुल बजना शुरू हो गया है. 

मोंटीसिंघ जहागीरदार, मनसे जिलाध्यक्ष नांदेड़

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नांदेड़ अध्यक्ष मोंटीसिंघ जहागीरदार द्वारा हाल ही में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई. जिसमें कहा गया है कि, तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस पार्टी द्वारा नांदेड़ में ता. 5 फरवरी 2023 को एक सभा का आयोजन किया जा रहा है. लोकलुभावने मुद्दों को आगे रखकर तेलंगाना की यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति में पैर रखने का प्रयास कर रहीं है. लेकिन वास्तव में तेलंगाना इस पार्टी की नीतियां सदैव महाराष्ट्र की जनभावनाओं के खिलाफ रहीं हैं. 

राज ठाकरे, मनसे पार्टी प्रमुख महाराष्ट्र 

प्रेस विज्ञप्ति में मोंटीसिंघ जहागीरदार ने आगे कहा कि, गोदावरी नदी का हिस्सा क्षेत्रफलानुसार महाराष्ट्र में व्याप्त है. महाराष्ट्र में गोदावरी का 49 % प्रमाण व्याप्त है जबकि तेलंगाना की भूमि पर केवल 31 % हिस्सा क्षेत्रफलानुसार विद्यमान है. लेकिन तेलंगाना सरकार द्वारा जल बटवारे को लेकर गलत तथ्य प्रस्तुत किये गए. इस तरह गुमराह किये जाने से तेलंगाना को अधिक पानी का हिस्सा मिल रहा है. सन 1980 में पूर्व न्यायाधीश श्री बच्छाव समिति द्वारा भी इस विषय को अधोरेखित किया था कि गोदावरी नदी के क्षेत्रफल के अनुसार महाराष्ट्र को जल प्राप्ति का अधिकारी मिलना योग्य होगा. लेकिन तेलंगाना (तत्कालीन आंध्रप्रदेश) ने इस विषय में महाराष्ट्र के साथ अन्याय किया. जिससे महाराष्ट्र के किसानों को बार - बार पानी के लिए तरसना पड़ा. इस विषय में नांदेड़ जिले के नेतागण क्यों खामोश है ऐसा प्रश्न भी विज्ञप्ति में उठाया गया है. 

: मनसे की चेतावनी :

महाराष्ट्र की जनता के स्थानीय मुद्दों को लेकर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी अक्सर आक्रमक राजनीति का प्रदर्शन करती रहती है. परप्रांतियों के महाराष्ट्र में अतिक्रमण को लेकर राज ठाकरे ने मराठी जनता के अधिकारों की आवाज़ उठाए रखीं है. अब तेलंगाना में स्थापित बीआरएस पार्टी उनके निशाने पर हैं. मनसे के नांदेड़ जिलाध्यक्ष द्वारा चेतावनी जारी की गईं है कि बीआरएस चीफ मुख्यमंत्री केसीआर को सभा के लिए नांदेड़ पहुँचने पर विरोध किया जायेगा. रविवार को होनेवाली यह सभा उलट दिए जाने की भी चेतावनी जारी की गई है जिसके बाद बीआरएस की होनेवाली सभा को लेकर राजनीतिक गलियारे में प्रश्न उठने लगें है. नांदेड़ शहर के बीचोबीच हिंगोलीगेट के पास गुरुद्वारा के मैदान में यह सभा रखीं गई है. सभा के लिए करोड़ों का भव्य मंडप सजाया गया है. सभा में करीब 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गईं हैं. इस सभा के लिए तेलंगाना के 31 जिलों से बीआरएस के पदाधिकारी उपस्थित हो रहे हैं ऐसी भी प्राथमिक जानकारी है. यदि सभास्थल पर मनसे पार्टी विरोध प्रदर्शन करने में सफल हो जाती है, तब बीआरएस पार्टी के पहले ही कदम पर अपशकुन प्रभावित हो सकता है ऐसी चर्चा यहाँ जारी है. आनेवाला समय ही बताएगा की मनसे की चेतावनी में कितना प्रभाव है. 

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 कांग्रेस पार्टी से प्रणीतकौर हुई निष्काषित! 

भाजपा में शामिल होने की घोषणा संभव!

सांसद श्रीमती प्रणीत कौर (पटियाला)

रविंदरसिंघ मोदी

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट का माहौल बन गया है. कांग्रेस पार्टी द्वारा आखिर पटियाला (पंजाब) की सांसद (कांग्रेस) एवं कैप्टन अमरिंदरसिंह की धर्मपत्नी श्रीमती प्रणीतकौर को पार्टी से निष्काषित करने की अधिकृत घोषणा कर दीं गईं. पार्टी विरोधी कार्रवाइयों को अंजाम देने के "आरोपों" के बाद और "कारण दिखाओ" नोटिस का तसल्लीबक्श जवाब नहीं मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा मीडिया के नाम प्रसिद्धी पत्रक जारी कर सांसद प्रणीतकौर के निष्काषण की घोषणा कर दीं गईं. 

सांसद प्रणितकौर !

वैसे कांग्रेस पार्टी को यह कदम पहले ही उठाना चाहिए था जब नवंबर 2022 महीने में प्रणीतकौर द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसायुक्त ट्वीट किये गए थे. लेकिन उस समय कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी द्वारा "भारत जोड़ो यात्रा" का आगाज़ किया गया था. अब जबकि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए 15 महीनों से भी कम का समय शेष है ऐसे समय कांग्रेस पार्टी का यह निर्णय सोचीसमझी राजनीति का हिस्सा हो सकता है. प्रणितकौर ने कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए निष्काषण के निर्णय पर कोई आपत्ती व्यक्त नहीं की है. बल्कि कांग्रेस पार्टी के दायित्व से मुक्त होने का उन्होंने समाधान व्यक्त करना शुरू कर दिया है. जिसका सीधा मतलब यहीं हो सकता है कि आनेवाले सप्ताहभर में श्रीमती भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर सकती है. 


कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी की गईं प्रेस विज्ञप्ति !

कैप्टन अमरिंदरसिंह पिछले वर्ष भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. उनके द्वारा शुरु की गईं "पंजाब लोक कांग्रेस" पार्टी का विलय भी भाजपा में कर दिया गया था. विगत एक सप्ताह से यह भी समाचार सुर्खियों में छाया हुआ है कि कैप्टन अमरिंदरसिंह को महाराष्ट्र का राजयपाल नियुक्त किया जा रहा हैं. इस लिहाज से प्रणीतकौर का भाजपा प्रवेश जल्द हो जाना जायज साबित होगा. आनेवाले 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते कैप्टन अमरिंदरसिंह राज्यपाल पद को लेकर गंभीर नहीं है. लेकिन पंजाब में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए प्रणितकौर बड़ी भूमिका अदा कर सकती है. 

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