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शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

गुरुद्वारा तखत सचखंड मंडल (बोर्ड) के प्रधान 
तारा सिंह ने मुख्यमंत्री को आखिर प्रधानगी का त्यागपत्र सौंपा 
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(तारा सिंह विधायक मुलुंड मुंबई)

रविंदर सिंघ मोदी 
तखत सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब मंडल (बोर्ड) के सरकार नियुक्त प्रधान विधायक तारा सिंह को आखिर अपने प्रधानगी का त्यागपत्र मुख्यमंत्री को सौंपना पड़ा. या यह कहिए मुख्यमंत्री के मांगने पर त्यागपत्र देने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं था. इस त्यागपत्र मामले की दो प्रमुख वजह सामने आ रही हैं. 
एक तो आगामी दिसम्बर माह में गुरुद्वारा मंडल के तीन सदस्य पदों के चुनाव होने का पूर्ण अनुमान है. चुनाव मतदाता सूचियों के निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. चुनाव करवाने के लिए एक्ट १९५६ के तहत बोर्ड बर्खास्त करना अनिवार्य है. बोर्ड बर्खास्त करने के लिए प्रधान और वर्तमान सदस्यों को जिम्मेदारी से मुक्त करना भी आवश्यक हो जाता हैं. 
दूसरी वजह ये है कि विगत तीन साल सात माह और कुछ दिनों के कार्यकाल में तारासिंह खासे विवादित रहे हैं. उनके द्वारा गुरुद्वारा बोर्ड और विधानसभा के कार्यकाल में कोई अंतर नहीं किया गया. एक धार्मिक संस्था की गरिमा को राजनीतिकस्तर प्रदान किया. गुरुद्वारा बोर्ड के कार्यकाल में सर्वाधिक विरोध का सामना करनेवाले वे अग्रणी प्रधान है. उनके ख़िलाफ़ कई आरोप लगे. जिनमें अफरातफरी और धांधलियों के आरोप भी शामिल है. अपने निकटवर्तीय रिश्तेदारों को डायरेक्टर नियक्त कर ६० हजार रुपए वेतन (मानधन) देने का विषय हो, कर्मचारी नियुक्ति और प्रमोशन में अनियमितता का विषय हो अथवा टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हो. या फिर दखनी साधसंगत के विरोध का विषय हो. सबकुछ तारासिंह के विपरीत दिखाई देते हैं. तारासिंह द्वारा गुरुद्वारा बोर्ड में कांग्रेस  स्थानीय पदाधिकारियों और मेम्बरों की ताल में ताल मिलाने के कारण भी मुख्यमंत्री खासे नाराज होने की बात सामने आ रही हैं. स्थानीय भाजपाई इस बात को लेकर परेशान थे कि तारासिंह ने कोंग्रेसियों के हाथ में स्थानीय व्यवस्थाएं सौप दी है. यहाँ तक कि गुरुद्वारा बोर्ड के सदस्यों  भी बोर्ड के कामकाज से दूर कर दिया था. इस विषय में बहुत सी शिकायतें मुंबई पहुँच रही थीं. साथ ही एक अहम् विषय यह भी रहा कि, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस तारीख ३१ दिसम्बर २०१७ के दिन गुरुद्वारा तखत सचखंड श्री हजुरसाहिब में संपन्न हुए एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने भाषण में गुरुद्वारा बोर्ड पर स्थित सरकारी कर्ज की ६२ करोड़ की राशि माफ़ करने का आश्वासन दिया था. विगत दस माह में इस आश्वासन की पूर्ति नहीं हो पायी. हाल ही में यह विषय दैनिक सकाल (सकाळ) समाचार पत्र में प्रकाशित भी हुआ था. इस विषय में भी तारासिंह को जिम्मेदार माना जा रहा है की उन्होंने इस विषय की तकनीकी पहलुओं को सरकार के सामने उजागर नहीं किया.  तारा सिंह का त्यागपत्र एक तरह से सही समय पर आया है. गुरुद्वारा के चुनाव निष्पक्ष हो इस बात के लिए बोर्ड का बर्खास्त होना जरुरी हो गया है. कुछ लोगों ने गुरुद्वारा बोर्ड के सम्भाव्य चुनाव के लिए गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय का जबरदस्त इस्तेमाल शुरू कर दिया था. तारासिंह के त्यागपत्र के बाद गुरुद्वारा प्रशासन अनुशासन से कार्य करने लगेगा ऐसे कयास लगाएं जा रहे हैं. 
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शनिवार, 13 अक्टूबर 2018

: ताजा समाचार : 
नरेंद्र मोदी है भगवान विष्णु का ग्यारहवां अवतार’
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महाराष्ट्र के एक भाजपा प्रवक्ता अवधूत वाघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान विष्णु का ‘ग्यारहवां अवतार’ बताया है. उन्होंने एक ट्वीट किया, ‘सम्मानीय प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी भगवान विष्णु का ग्यारहवां अवतार हैं.’ बाद में एक मराठी चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ‘देश का सौभाग्य है कि हमें मोदी में भगवान जैसा नेता मिला है.’ वाघ के इस बयान के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक गलियारों से अलग-अलग बयान जारी हो रहे हैं. श्री मोदी को देवताओं की कतार में खड़ा कर देने से देशभर में यह विषय सियासी चर्चा का मुद्दा बना रहा. 


वाघ के वक्तव्य पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा कि यह देवताओं का ‘अपमान’ है. उन्होंने कहा, ‘यह वाघ द्वारा खोई हुई राजनीतिक जमीन हासिल करने की कोशिश भी है. मुझे नहीं लगता कि इस टिप्पणी को ज्यादा महत्व देने की जरुरत है.’ लोंधे ने कहा कि यह टिप्पणी सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के अंदर ‘संस्कृति के निम्नस्तर’ की झलक है. विपक्ष में यह विषय छाया हुआ है. 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ‘वाघ वीजेटीआई से अभियांत्रिकी स्नातक हैं. अब इस बात की जांच करने की जरुरत है कि उनका सर्टिफिकेट असली है या नहीं.’

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बेअदबी घटनाओं को लेकर 

AAP विधायक फुल्का ने दिया इस्तीफा

पंजाब में बीते कुछ समय से चल रहे धार्मिक बेअदबी मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक एचएस फुल्‍का ने शुक्रवार को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. फुल्का ने बेदअबी की घटनाओं में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सेवानिवृत्त डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में राज्य सरकार की कथित 'नाकामी' पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दिया है. फुल्का ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, 'मैंने पंजाब विधानसभा के विधायक के पद से अपना इस्तीफा विधानसभाध्यक्ष को ई-मेल से भेज दिया है.' विधानसभा अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने अभी इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं किया है. पंजाब में बेअदबी की घटनाओं को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हैं. 
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हिंदी और संस्कृत का प्रचार प्रसार :-
अमेरिका सरकार द्वारा अमरीका में हिन्दी और संस्कृत भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विविध कदम उठाएं हैं. जिसके अंतर्गत वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने जल्द ही दोनों भाषाओं के लिए नि:शुल्क साप्ताहिक कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की है. दूतावास ने एक बयान में कहा है कि कक्षाएं एक घंटे की होंगी और दूतावास में भारतीय संस्कृति के शिक्षक डॉक्टर मॉक्स राज ये कक्षाएं लेंगे.

कक्षाएं दूतावास परिसर में चलाई जाएंगी. कक्षाएं शुरू करने की तारीख के बारे में जल्द ही घोषणा की जाएगी. बयान में बताया गया है कि हिन्दी की कक्षा हर मंगलवार को शाम छह बजे से सात बजे के बीच होगी और संस्कृत की कक्षा हर गुरुवार को इसी समय पर होगी.

वहीं भारतीय दूतावास ने अन्य जानकारी देते हुए ट्वीटर पर नोटिस की एक कॉपी भी शेयर की है. इसमें दी जानकारी के अनुसार इच्छुक लोग हिंदी और संस्कृत दोनों ही भाषाओं की क्लास कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें केवल अपना नाम, टाइटल, पद और क्लास लिखकर डॉ.मॉक्स राज के ई-मेल पर भेजना होगा. 
अमरीका सरकार ने हिंदी सहित भारतीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए एक बड़ी राशि का प्रावधान अपने राष्ट्रिय बजट में किया हैं. 
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रविंदर सिंह मोदी 
श्री हजूर साहिब, नांदेड़. 

  होली हल्ला महल्ला यात्रा मार्ग की दुरुस्ती करें : मनबीरसिंघ ग्रंथी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार समूह) के युथ प्रदेश सचिव स. मनबीर...