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सोमवार, 18 जून 2018

उत्तराखंड पुलिस का निषेध !!

उत्तराखंड पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक सिखों के पवित्र पावन तीर्थस्थल श्री हेमकुंट साहिब के दर्शनों के लिए जा रहें यात्रियों के वाहनों पर लगे निशान साहेब को उतारा जा रहा हैं. यहीं नहीं निशान साहब के कपड़े को ब्लेड़ से काट दिए जाने की घटनाएं पुलिस द्वारा अंजाम दी जा रही है जिससे सिख धर्मियों की भावनाओं को काफी ठेस पहुँच रही हैं.
( बगैर आदेश केवल द्वेष भावना के चलते ये पीएसआई द्वारा उत्तराखंड में निशान साहब निकालकर यूँ काटा जा रहा है. )

पुलिस द्वारा वाहनों को रोककर उसपर लगे छोटे और बड़े सभी निशान को निकालकर जब्त कर लिया जा रहा है. जबकि वरिष्ठों के ऐसे आदेश नहीं हैं. केवल सिखों के प्रति द्वेष भावना के चलते वहाँ ये सब घटित हो रहा हैं. उत्तराखंड के मुख्य मंत्री को तुरंत इस विषय में पुलिस से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए की सिखों के साथ ऐसा सलूक वहाँ क्यों हो रहा हैं.  दिल्ली की साध संगत यदि पीएमओ तक ये शिकायत पहुंचाएं.
इस समय  करीब २२ हजार सिख श्रद्धालु श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर हैं.  केवल जून से अगस्त माह तक ही हेमकुंट साहिब की यात्रा आयोजित होती हैं. पिछले वर्ष भी पुलिस ने वाहनों को रोककर जबरन पैसे मांगे थे. बाढ़ की त्रासदी के समय केवल सिख समुदाय ही उत्तराखंड में सबसे पहले लंगर (भोजन) लेकर पहुंचता है. उस समय तो पुलिस अपना कर्तव्य भूल जाती है.
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जनम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 

ज्ञानी अवतार सिंघजी शीतल 

तखत सचखंड श्री हजूर साहिब के मीत ग्रन्थि 
सिंघसहिब ज्ञानी अवतार सिंघजी शीतल को 
जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 

: शुभेच्छुक :
स. रविंदर सिंघ मोदी. 

Gurudwara board election strike 18 june

अनशन अभी जारी है। ... 




गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड बर्खास्त करने की मांग को लेकर विगत १८ दिनों से महाराष्ट्र के नांदेड़ के जिलाधीश कार्यालय के सामने सिख समाज का एक प्रमुख घटक अनशन पर है.  तारीख १ जून, २०१८ को श्रृंखलाबद्ध सामान्य अनशन शुरू किया गया और तारीख ११ जून को भूख हड़ताल शुरू हुई.  अनशनकर्ताओं  मुख्य मांग  है कि गुरुद्वारा बोर्ड के तीन सदस्यों के पद बर्खास्त कर तीन सीटों पर चुनाव करवाएं जाये. 
इस मांग को गुरुद्वारा बोर्ड अध्यक्ष विधायक तारासिंह ने भी समर्थन देकर तीन सीटों के चुनाव करवाने के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा है. उधर पद पर असिन तीनों निर्वाचित सदस्यों द्वारा बोर्ड बर्खास्त कर निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की है. इस घटनाक्रम में अनशन  तक खींचा चला गया. आमरण हड़ताल पर बैठे मनप्रीत सिंह कुँजीवाले और हड़ताल के संयोजक इंदरजीत सिंह गल्लीवाले प्रशासन की चुप्पी पर परेशां है. 
कुँजीवाले की तबियत नासाज़ होने की ओर अग्रसर है. जिलाधीश कार्यालय के सामने का आज १८ वां दिन है. तारीख २० जून को आत्मदहन करने की पूर्व चेतावनी दी जा चुकी है. हड़ताल एक तरह अपने रंग में है लेकिन उसका हश्र किस ओर जा रहा है ये देखकर चिंता हो रही है. सरकार को अथवा प्रशासन को इस विषय पर स्पष्टीकरण दे देना चाहिए. उसी तरह से ये स्पष्ट करना चाहिए कि जब हालात अनुकूल है तब चुनाव प्रक्रिया शुरू करने अथवा बोर्ड बर्खास्त करने में देरी क्यों हो रही है.

रविंदर सिंह मोदी....
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