उत्तराखंड पुलिस का निषेध !!
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| ( बगैर आदेश केवल द्वेष भावना के चलते ये पीएसआई द्वारा उत्तराखंड में निशान साहब निकालकर यूँ काटा जा रहा है. ) |
पुलिस द्वारा वाहनों को रोककर उसपर लगे छोटे और बड़े सभी निशान को निकालकर जब्त कर लिया जा रहा है. जबकि वरिष्ठों के ऐसे आदेश नहीं हैं. केवल सिखों के प्रति द्वेष भावना के चलते वहाँ ये सब घटित हो रहा हैं. उत्तराखंड के मुख्य मंत्री को तुरंत इस विषय में पुलिस से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए की सिखों के साथ ऐसा सलूक वहाँ क्यों हो रहा हैं. दिल्ली की साध संगत यदि पीएमओ तक ये शिकायत पहुंचाएं.
इस समय करीब २२ हजार सिख श्रद्धालु श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर हैं. केवल जून से अगस्त माह तक ही हेमकुंट साहिब की यात्रा आयोजित होती हैं. पिछले वर्ष भी पुलिस ने वाहनों को रोककर जबरन पैसे मांगे थे. बाढ़ की त्रासदी के समय केवल सिख समुदाय ही उत्तराखंड में सबसे पहले लंगर (भोजन) लेकर पहुंचता है. उस समय तो पुलिस अपना कर्तव्य भूल जाती है.
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