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रविवार, 1 नवंबर 2020

 पंजाब में समयावधि से पूर्व होंगे चुनाव?

रविंदरसिंह मोदी 

( मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह )

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदरसिंह इस बात पर गहन विचार - विमर्श कर रहे हैं कि पंजाब विधानसभा के चुनाव समयावधि से पूर्व यानी वर्ष 2021 की शुरुआत में ही करवाए जाए. उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से मुलाक़ात का कार्यक्रम भी नियित किया है पंजाब में चुनाव करवाने की पेशकश की जाए. लेकिन इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के विधायक शामिल नहीं होना चाह रहे हैं. पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी के बीस विधायक हैं. यदि वें कांग्रेस के चुनाव प्रस्ताव पर साथ आते हैं तो महामहिम राष्ट्रपति चुनाव आयोग के पास वो प्रस्ताव प्रेषित कर सकते है.

(धरना दें रहे पंजाब के किसान)

पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटों में कांग्रेस पार्टी के 77 विधायक हैं. आम आदमी पार्टी का समर्थन प्राप्त होने पर यह संख्या 97 हो जायेगी. उधर शिरोमणि अकाली दल बादल के पास कुल 15 विधायक हैं और उसकी सहकारी भाजपा के केवल 3 विधायक हैं. कुलमिलाकर कांग्रेस का पलड़ा भारी हैं. पंजाब विधानसभा में कांग्रेस सरकार के पास स्पष्ट बहुमत उपलब्ध हैं. ऐसे में निर्धारित पंचवार्षिक पूर्ण करने के बजाए मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह पंजाब की जनता के सिर चुनाव क्यों लादना चाह रहे हैं? 


इस तरह की सोच के पीछे मुख्य कारण हैं कि, वर्तमान समय में पंजाब के किसान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आंदोलन संचालित कर रहे हैं. किसानों की नाराजगी भांपते हुए शिरोमणि अकाली दल की नेता श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने आनन - फानन में अपने केंद्रीय मंत्री पद का त्यागपत्र सौंप दिया था. पंजाब में जाट किसानों का मतप्रतिशत अधिक होने के कारण सभी समीकरण किसानों के वोटों पर आकर रुक जाते हैं. संभवतः कैप्टेन अमरिंदर सिंह किसानों की केंद्र के प्रति नाराजी को 'कॅश' करना चाहते हैं. वैसे पंजाब विधानसभा की मियाद मार्च 2022 तक हैं यानी अभी पंद्रह महीनों की कालावधि शेष है. चर्चा हैं कि आनेवाले तीन से चार दिनों में कैप्टेन अमरिंदर सिंह दिल्ली का रुख अपना सकते हैं. 

नवज्योतसिंह सिध्दू को मनाने के प्रयास ! 


तेजतर्रार वक्ता एवं राजनेता नवज्योतसिंह सिध्दू ने कैप्टेन अमरिंदरसिंह से नाराजगी के चलते एक वर्ष पूर्व अपने मंत्रीपद का त्यागपत्र सौंप दिया था. पिछले दिनों किसान आंदोलन के समय नवज्योतसिंह सिद्धू के भाषण काफ़ी लोकप्रिय हुए. आमआदमी पार्टी के साथ साथ भाजपा ने भी उन्हें पार्टी में शामिल होने की दावत दीं. शिरोमणि अकाली दल भी उनसे मतभेद भुलाने को तैयार हो गया. समय की गंभीरता देखते हुए कैप्टेन अमरिंदरसिंह ने सिद्धू के सामने दुबारा से कैबिनेट मंत्रीपद स्वीकारने के लिए प्रस्ताव भेज दिया. दीपावली पर्व के बाद पंजाब मंत्रिमंडल का विस्तार संभव हैं ऐसा कहा जा रहा हैं. 


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शनिवार, 31 अक्टूबर 2020

 ख़ुशख़बर !! अमृतसर - नांदेड़ हवाई सेवा होगी शुरू !

सप्ताह में तीन दिन फ्लाइट 

हजुरसाहिब, नांदेड़ 31 अक्टूबर (समाचार)

हजुरसाहिब के निवासियों के लिए सकारात्मक समाचार यह है कि बहुत शीघ्र गुरु की नगरी अमृतसर से श्री हजूरसाहब नांदेड़ के लिए विमान सेवा शुरू हो रहीं हैं. जी हाँ, प्राप्त जानकारी के मुताबिक तिथि 10-11-2020 से अमृतसर से सुबह 11.30 बजे एयर इंडिया का हवाई जहाज नांदेड़ की ओर उड़ान भरेगा. दोपहर 2 बजकर 05 मिनिट पर नांदेड़ के श्री गुरु गोबिंदसिंघजी हवाई अड्डे पर लैंड करेगा. 

यह हवाई यात्रा सप्ताह में तीन दिन चलाई जायेगी. मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को फ्लाइट उपलब्ध होगी जिसके लिए एयर इंडिया ने टिकट बुकिंग शुरू कर दीं हैं. जिस दिन फ्लाइट नांदेड़ पहुंचेगी, उसी दिन दोपहर 3 बजे अमृतसर के लिए वापसी की उड़ान भरेगी. शाम 5.30 बजे यह फ्लाइट अमृतसर पहुंचेगी. उल्लेखनीय हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते गत मार्च माह से अमृतसर और नांदेड़ के बीच हवाई यात्रा बंद हैं. दीपावली और गुरुतागद्दी पर्व के मौके पर हवाई यात्रा का शुरू होना सुखदः माना जा रहा है. 

रविंदरसिंघ मोदी. नांदेड़. 

https://youtu.be/_jfnW-Wk0uU

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 News cutting  - Today 

डेली अजीत समाचार 

(जालंधर)

आज के डेली अजीत समाचार, जालंधर की खबर के मुताबिक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने शुक्रवार (ता. 30-10-20) को मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देकर मांग की कि, गत दिनों एसजीपीसी के दफ़्तर के बाहर अनशन पर बैठी सिख बिरादरी और एसजीपीसी टॉस्क फोर्स के बीच हुईं झड़पों में अनशनकर्ताओं द्वारा हिंसा फैलाकर शिरोमणि कमेटी के अधिकारी, कर्मचारी और सेवादारों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मामले अनशनकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की. 👇👇👇


अजीत समाचार जालंधर 👇👇

केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे पंजाब के किसानों द्वारा भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा गया कि पंजाब में किसान आंदोलन जारी रहेगा. किसान संघठन रेलवे पटरी पर डटकर धरना आंदोलन जारी रखेंगे. 


एक नवम्बर को पंजाब स्थापना दिवस 

सन 1966 में पंजाबी सूबे की मांग स्वीकार कर पंजाब राज्य की स्थापना की गई थी. पंजाबी सूबे पर आधारित प्रदेश रचना को लेकर दिल्ली में व्यापक आंदोलन चलाया गया था. इस समय हरियाणा को पंजाब से निकाल कर अलग राज्य बनाया गया. 👇👇




चंडीगढ़ को सबसे सुसाशित केंद्र शासित प्रदेश का ख़िताब बहाल किया जा रहा है. 👇👇



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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020

नवंबर महीना सिख धर्मियों के त्योहारों का महीना 

लॉकडाउन का सिलसिला समाप्त होने के आसार? 

(तखत स्नान का फाइल फोटो)

रविंदरसिंघ मोदी 

महाराष्ट्र में त्योहारों का अपना एक सांस्कृतिक महत्व हैं. नवंबर का महीना आम तौर पर त्योहारों की दृष्टि से अनेक धर्मियों के लिए व्यस्त महीना साबित होता हैं. सिख धर्मियों के लिए तो यह महीना पूर्णतः धार्मिक आयोजनों का महीना होता हैं. इसलिए यह आशावाद उभर कर सामने आ रहा हैं कि आनेवाले सभी त्योहारों को मनाने के लिए एक स्वतंत्र वातावरण की निर्मिति हो. नागरिक आजादी से लेकिन पूर्ण सावधानीवश अपने त्योहारों का आनंद प्राप्त कर सकें. 

(श्री गुरुग्रंथ साहिब जी गुरुतागद्दी परंपरा की फाइल फोटो)

महाराष्ट्र प्रदेश में गत मार्च - 20 माह से कोविड कोरोना 19 संक्रमण की विभीषिका के कारण लॉकडाउन और अनलॉक का प्रभाव जारी हैं. मुख्यमंत्री के पिछले आदेशानुसार आनेवाली 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन की मियाद कार्यान्वित रहेगी. उसके पश्चात लॉकडाउन बढेगा या नहीं इस विषय में उत्सुकता बनीं हुईं है. जिस तरह से पिछले एक सप्ताह से सरकार की गतिविधियां जारी हैं और कोरोना के वर्तमान हालात पैदा हुए हैं. उसको देख कर तो यहीं लग रहा है कि कुछ भी हो सकता है. आने वाले दो सप्ताह तक लॉकडाउन बढ़ाने के विषय में भी विचार चल रहा है. लेकिन अभी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है और 31 अक्टूबर को ही सरकार का अंतिम निर्णय जारी होगा. 


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जैसे कि आगामी नवंबर (2020) का महीना, त्योहारों का महीना है. इसलिए प्रदेश की अधिकतर जनता त्योहारों में स्वतंत्र वातावरण की अपेक्षा व्यक्त कर रहीं है. दीवाली, भाऊबीज जैसे बड़े त्यौहार मनाये जाने है. वहीं सिख धर्मियों के तखत स्नान, दीपमाला, हल्ला महल्ला, श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी गुरुतागद्दी, परलोकगमन दशमेश पिताजी और श्री गुरु नानक देवजी जयंती पर्व आदि आनेवाले नवम्बर महीने में मनाये जा रहे हैं. कुलमिलाकर नवंबर का महीना सिखों के आध्यातिमक संप्रभुता के प्रचार - प्रसार का माह हैं. इसलिए लॉकडाउन की मियाद समाप्त हो ऐसी प्रार्थना सभी सिख दिल से कर रहे हैं.  

शिवसेना और भाजपा टकराव में नुकसान : 


भारतीय जनता पार्टी द्वारा पिछले दो - तीन माह से शिवसेना की महाआघाडी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला गया हैं. कोरोना संक्रमण के हालात और आपातकाल में सरकार और विपक्ष को एक साथ, एक राय से नागरिकों के हितों के निर्णय लेने चाहिए. लेकिन भाजपा ने मंदिर खोले जाने के विषय में आक्रामकता का रुख अपनाकर अलग तरह की भूमिका का स्वीकार किया. आक्रामकता को बढ़ावा देकर शिवसेना और महाआघाडी सरकार को चुनौति प्रस्तुत की. धार्मिक स्थल खोले जाने के विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाकर बिहार के चुनावों में वातावरण निर्मिति का प्रयत्न किया गया.

 

चर्चा हैं कि, विपक्ष नेता श्री देवेंद्र फडणवीस का राजनीतिक कद बिहार में वृद्धिगत हो इसलिए महाराष्ट्र की अधिक से अधिक जनता को धार्मिक स्थल खोले जाने के आंदोलन में शामिल करने का प्रयास किया गया. एक तरह से धार्मिक भावनाओं का उपयोग करने की छुपी नीति पर भाजपा ने कार्य को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी कहा जाए तो गलत नहीं होगा. भाजपा ने राष्ट्रीय मीडिया में छाए रहने के लिए मंदिर खोलो आंदोलन को हवा दीं ऐसे आरोप होते रहे हैं. कहा जा रहा हैं कि शिवसेना सरकार ने भाजपा की नीतियों को शिकस्त देने के लिए ही दशहरा त्यौहार के दौरान मंदिर और अन्य धार्मिक आयोजन पर लॉकडाउन का प्रभाव जारी रखा. राजनीतिक पार्टियों के आपसी टकराव से आगे सिख धर्म का कोई भी पर्व प्रभावित ना हो यह सभी की नैतिक जिम्मेदारी हैं. इसलिए अब सिख समाज को किसी भी राजनीतिक पार्टी के धार्मिक एजैंडा से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है. 

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बुधवार, 28 अक्टूबर 2020

 माता साहिब देवजी जन्मोत्सव का समापन 

कीर्तन दरबार, लंगरप्रसाद और नेजाबाजी !

(माता साहिब देवाजी का 339 वां जन्मोत्सव कार्यक्रम)

गुरुद्वारा माता साहिब देवाजी स्थान पर विगत तीन दिनों से मनाये जा रहे 339 वें 'माता साहिब देवाजी जन्मोत्सव' का समापन बुधवार (28-10-2020) की दोपहर श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ. तखत सचखंड श्री हजूरसाहब के मुख्य जत्थेदार संत बाबा कुलवंतसिंघ जी और आदरणीय पंजप्यारे साहिबान की उपस्थिति ने कार्यक्रम की चकाचौंध बढ़ा दीं. कार्यक्रम में सहायक जत्थेदार संत बाबा रामसिंघजी, मीत ग्रंथी भाई गुरमीतसिंघजी, भाई जगिंदरसिंघजी, ज्ञानी भाई अवतारसिंघजी शीतल, कथाकार भाई विजेंद्रसिंघजी, संतबाबा बलविंदरसिंघजी कारसेवा वाले, संतबाबा गुरदेवसिंघजी सहित विविध दल पंथ के जत्थेदार और धार्मिक हस्तियां मंच पर उपस्थित थे. 


(संत बाबा बलविंदरसिंघजी कारसेवा वाले)

ता. 26-10-20 की सुबह माताजी के जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हुईं थीं. आज समापन के दिन (बुधवार) को श्री अखंडपाठ साहब की समाप्ति, पाठ, कथा, कीर्तन दरबार आदि कार्यक्रम संपन्न हुए. इस अवसर पर सहायक जत्थेदार संत बाबा रामसिंघजी ने माता साहिब देवाजी का संक्षिप्त जीवन वृतांत सुनाया. उन्होंने कहा, माताजी ने गुरुद्वारा मातासाहिब देवाजी स्थान पर सतयुग में तपस्या की थी. यह ऐतहासिक और पावन स्थान है. यह खालसा पंथ की माताजी का स्थान हैं. आज उनके जन्मोत्सव को मनाते हुए समूह पंथ को शुभकामनायें. संतबाबा बलविंदरसिंघजी कारसेवा वालों ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया. 



नगर कीर्तन और नेजाबाजी से तीन दिवसीय समागम का समापन किया गया. इस दौरान भव्य लंगर प्रसाद कार्यक्रम हुआ.

(समाप्त)

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सोमवार, 26 अक्टूबर 2020

समाचार :

माता साहब देवाजी जन्मोत्सव प्रारंभ

पाठ, कथा, कीर्तन और धार्मिक दीवान 

(माता साहेब देवाजी 339 वां जन्मोत्सव, गुरुद्वारा माता साहेब)

हजूरसाहब, नांदेड़ 26 अक्टूबर 20

श्री गुरु गोबिंदसिंघजी महाराज के महल माता साहेब देवाजी के 339 वें जन्मोत्सव समारोह तपोस्थान और ऐतिहासिक गुरुद्वारा माता साहब देवा जी स्थान पर सोमवार (ता. 26-10-2020) की सुबह प्रारंभ हुआ. यह समारोह तीन दिनों तक चलेगा. आगामी बुधवार को दोपहर समारोह का समापन होगा. 

तपोस्थान माता साहेब देवा जी 

जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार की सुबह तखत सचखंड श्री हजूर साहब के मीत ग्रंथी भाई गुरमीतसिंघ जी की प्रमुख उपस्थिति में हुईं. इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री लंगर साहब के संत बाबा बलविंदरसिंघजी कारसेवा वाले, गुरुद्वारा माता साहब देवा जी के जत्थेदार संत बाबा तेजासिंघजी और धार्मिक क्षेत्र की हस्तियां उपस्थित थीं. 


गुरुद्वारा माता साहब देवाजी के पूर्व जत्थेदार एवं शिरोमणि पंथ अकाली बूढ़ा दल 96 करोडी के पूर्व मुख्य जत्थेदार सचखंड वासी संतबाबा प्रेमसिंघजी की प्रेरणा अनुसार आज मातासाहब देवाजी का 339 वां जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरुग्रंथ साहब जी के अखण्ड पाठ के पठन से हुईं. अरदास उपरांत धार्मिक दीवान कार्यक्रम शुरू हुए जिसमें भाई जगतेश्वर सिंघजी पटियाला वाले रागी जत्था द्वारा शबद - कीर्तन किया गया. पश्च्यात भाई जीवनसिंघजी व भाई सुखदेवसिंघजी लुधियानावाले रागी जत्था ने भी शब्दकीर्तन प्रस्तुत किया. स्थानीय रागी जत्थों द्वारा भी कीर्तन और पाठ प्रस्तुत किये गए. 
जन्मोत्सव समारोह में आगामी तीन दिनों तक सुप्रसिद्ध रागी, कथाकार, कीर्तनकार और धार्मिक क्षेत्र की हस्तियां, पंजप्यारे साहिबान, निहंग सिंघ दल, पंथ, संप्रदाय और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति होगी. 
कोरोना संक्रमण की परिस्थिती देखते हुए माता साहेब परिसर में विशेष सावधानी बरतीं जा रहीं हैं. परिसर वैद्यकीय सेवा पथक भी नियुक्त किया गया हैं. सोशल डिस्टन्सिंग का विशेष ख्याल रखा गया हैं.  

लंगर प्रसाद : 

मातासाहब गुरुद्वारा में जन्मोत्सव के लिए विशेष लंगर संचालित हो रहा हैं. बाबा लालसिंघजी कारसेवा वाले और गुरुद्वारा लंगर साहेब  के सेवादार अविरत रूप से यहां लंगर सेवा कर रहे हैं. ब्रेड पकोड़े और चाय का लंगर भी संचालित हो रहा हैं.  

पुलिस बंदोबस्त : 

जन्मोत्सव कार्यक्रम के संचालन हेतु मुदखेड पोलिस स्थानके के निरीक्षक श्री सुनील निकाळजे के मार्गदर्शं में भव्य पोलिस बंदोबस्त तैनात किया गया हैं. मातासाहेब परिसर में पुलिस द्वारा कोरोना को लेकर भी सुरक्षा हेतु आवाहन किया जा रहा हैं. 

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रविवार, 25 अक्टूबर 2020

हजूर साहब में दशहरा हल्ला महल्ला उत्साह से मनाया 

रविंदरसिंघ मोदी 

( तखत सचखंड श्री हजूर साहिब में दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा का दृश्य )

तखत सचखंड श्री हजूर साहब में परंपरागत दशहरा हल्ला महल्ला हार उत्साह के साथ मनाया गया. रविवार ता. 25 अक्टूबर 20 को सुबह तड़के तखत साहब के दर्शन शरू हुए. दोपहर दशहरा महात्म श्री चंडी साहब पाठ का समापन संपन्न हुआ. तखत साहब के जत्थेदार संतबाबा कुलवंतसिंघजी और पंजप्यारे साहिबान की उपस्थिति में शास्त्र पूजन किया गया. पश्च्यात अरदास कर पारंपरिक हल्ला महल्ला यात्रा निकाली गई. यात्रा में रागी जत्थे, कीर्तन जत्थे, गुरु महाराज के घोड़े शामिल थे. संतबाबा बलविंदरसिंघ जी यात्रा में उपस्थित थे. यह यात्रा मुख्य डयोढ़ी गेट नंबर एक से गुरुद्वारा मुख्य रोड़, गुरुद्वारा चौराहा से महावीर चौक पहुंची जहाँ प्रथानुसार हल्ला कार्यक्रम संपन्न हुआ. हल्ला कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नौजवानों ने हिस्सा लिया. देर शाम यह यात्रा तखत सचखंड हजूर साहब पहुंची. हल्ला महल्ला यात्रा में हजुरसाहब साधसंगत और नौजवान बड़ी संख्या में उपस्थित थे.  





शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा को 

उच्च न्यायालय की सशर्त अनुमति!

रविंदरसिंघ मोदी  

 
(तखत सचखंड श्री हजूर अबचल नगर साहिब नांदेड़)

सिखों के पावन पवित्र धार्मिक स्थल तखत सचखंड श्री हजूर अबचल नगर साहिब के तत्वावधान में पारंपरिक दशहरा हल्ला महिला यात्रा के आयोजन को मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ द्वारा सशर्त अनुमति प्रदान की गई इस निर्णय के बाद स्थानीय सिख समाज में उत्साह का वातावरण बन गया है. न्यायालय निर्णय के बाद निर्धारित दशहरा के दिन हल्ला महल्ला नगर कीर्तन यात्रा ता. 25-10-2020 निकाली जायेगी. 


( दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा का दृश्य )

शुक्रवार तारीख 23 अक्टूबर 2020 के दिन दोपहर औरंगाबाद उच्च न्यायालय खंडपीठ में माननीय न्यायाधीश श्री एस. वी. गंगापुर कर और माननीय न्यायाधीश एस.डी. कुलकर्णी की विशेष बेंच द्वारा गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड संस्था द्वारा प्रस्तुत याचिका पर कार्रवाई शुरू की गई. इस समय गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड सचिव सरदार रविंद्रसिंह बुंगई बोर्ड के याचिकाकर्ता के रूप में उच्च न्यायालय में उपस्थित थे. गुरुद्वारा बोर्ड के प्रधान स. भूपिंदरसिंघ मनहास द्वारा इस मामले में करवाई हेतु स. रविंदरसिंघ बुंगई को नियुक्त किया गया था. गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड के वकील के रूप में सुप्रसिद्ध अधिवक्ता श्री राजेंद्र देशमुख ने मजबूती के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत किया. उनको अधिवक्ता श्री देवांग ने सहायता की. 

श्री राजेंद्र देशमुख द्वारा अपने अनुभव का उपयोग कर कार्रवाई के दौरान सभी तथ्य प्रस्तुत किये. न्यायालय द्वारा दशहरा हल्ला नगरकीर्तन यात्रा के लिए सशर्त अनुमति देने का निर्णय दिया गया जिसके नियम बहुत ही सख्त होंगे. महाराष्ट्र सरकार ने पहले अनुमति को सिरे से नकार दिया था. न्यायालय द्वारा क्या शर्ते रखीं गई इसका खुलासा नहीं हुआ है क्योंकि निर्णय (जजमेंट) की कॉपी प्राप्त नहीं हो पाई है. इसलिए खुलासा अगले पोस्ट में विस्तार से किया जायेगा. यात्रा में शामिल होने वालों के लिए कोरोना कोविड जाँच अनिवार्य की गई ऐसी प्राथमिक जानकारी मिली है. 

यात्रा के लिए केवल दो ट्रक वाहनों का उपयोग होगा जिस पर यात्रा विराजमान होगी. कोई पैदल नहीं चलेगा ऐसा भी निर्देश दिया गया ऐसी चर्चा हैं. यात्रा मार्ग संक्षिप्त होगा जिसका अंतर डेढ़ किलो मीटर से कुछ ज्यादा होगा. गुरुद्वारा मीठी बाउली साहब के पास से यह यात्रा पंजाब भवन यात्री निवास रोड से गुरुद्वारा साहब की ओर अग्रसर होगी ऐसा कहा जा रहा हैं. जजमेंट कॉपी पढ़ने के बाद ही सत्य परिस्थिति पता चलेगी.

यह विषय धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के कारण इस मामले सभी पहलुओं पर विचार किया गया. साथ ही कोरोना संक्रमण के हालात का जिक्र इसमें किया गया. सभी तरह की स्वस्थ सेवाओं और सुरक्षा को लेकर भी न्यायलय द्वारा निर्देश दिए गए ऐसी जानकारी गुरुद्वारा बोर्ड के सचिव स. रविंदरसिंघ बुंगाई द्वारा दी गई. 

गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड द्वारा दशहरा महल्ला से संबंधित सभी ऐतहासिक दस्तावेजों की पूर्ततः की गई. जिसका लाभ न्यायालय में याचिका करवाई संचालन के दौरान देखने को मिला. पक्ष सुनने के बाद और ऐतिहासिक प्रमाणों की पुष्टि के बाद खंडपीठ द्वारा अपना निर्णय सुनाया गया. निर्णय में सशर्त अनुमति देने की बात मा. न्यायाधीश के पैनल द्वारा की गई.

स. परमज्योतसिंघ चाहल ने बताया कि, इस याचिका के कार्यान्वयन में गुरुद्वारा बोर्ड के प्रधान स. भूपिंदरसिंघ मनहास का मुख्य मार्गदर्शन था. श्री मनहास ने भी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की. दशहरा की परंपरा अखंडित रखने का हमारा प्रयास सफल रहा ऐसी बात उन्होंने कहकर लगातार प्रयास के लिए परमज्योतसिंघ चाहल और रविंदरसिंघ बुंगाई की उन्होंने सराहना की. 



हमारे देश पर कोरोना की आफत मुफ्त में आई है..! 

वोटों के लिए कोरोना टीके का वास्ता दिया जाए, ये तो ठीक नहीं !!

रविन्दरसिंह मोदी 

(प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बिहार चुनाव अंगर्गत सासाराम विधानसभा में प्रचार रैली में )

 भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार के लिए बिहार विधानसभा चुनाव कितने महत्वपूर्ण हैं इसका अंदाजा इस बात से हो जाता है कि, भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में कोरोना संक्रमण टीका (वैक्सीन) मुफ्त में उपलब्ध करवाने का मुद्दा शामिल किया. क्या कोरोना बीमारी का भी राजनीतिकरण करना योग्य हैं? क्या भारत की जनता को मुफ्त टीका नहीं मिलेगा? क्या टीका पाने के लिए भाजपा को वोट देना जरुरी हैं? चुनावी सभाओं में कोरोना और रोकथाम टीके की बातें कहकर सहानुभूति बटोरनेवाली राजनीतिक पार्टियों को यह तो विचार करना चाहिए कि, भारत की जनता को तो कोरोना कोवीड १९ संक्रमण तो मुफ्त में मिला हैं! यह बीमारी पाने के लिए किसी भी भारतीय नागरिक ने वोट नहीं दिया था! जब बीमारी मुफ्त में मिली है तो टीका भी मुफ्त में ही मिलना चाहिए ना? केंद्र सरकार की कोरोना संक्रमण को लेकर "वोट के बदले वैक्सीन" का चुनावी घोषणा पत्र जारी करते समय सरकार ने क्या केवल भावनाओं की असंवेदनाओं की हद्दें नहीं लांघी? क्या सरकार ने सरकारी दायित्व को ही चुनावी मुद्दे के रूप में शामिल नहीं किया? 

(भारतीय पार्टी का बिहार चुनावी घोषणा पात्र जारी करते समय नेतागण)

शुक्रवार, ता. २३ अक्टूबर २०२० को प्रधानमंत्री ने बिहार के सासाराम चुनावी सभा के माध्यम से बिहार की जनता को संबोधित किया. उन्होंने बिहार में कोरोना संक्रमण से लड़ रही नितीश कुमार सरकार की सराहना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कोरोना काल में सरकार के कार्यों का जिक्र कर अपने सरकार  केंद्र सरकार की पीठ थपथपाली. ऐसे समय प्रधानमंत्री भूल गए कि देश में कोरोना से किस राज्य की जनता सबसे अधिक पीड़ित और त्रस्त हैं. देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या ७७ लाख ६२ हजार से अधिक हो गईं हैं. देश में अब तक कोरोना संक्रमण से एक लाख १७ हजार ३०६ मौतें दर्ज हो चुकी हैं. जिन्होंने प्राण गंवाएं हैं उन्होंने तो मुफ्त में ही गंवाएं. इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या केंद्र सरकार ने कोरोना से मरने वालों के परिवारों को कोई आर्थिक सहायता प्रदान की ? क्या संक्रमित मरीजों को फिर से उबरने के लिए मुफ्त दवाइयां या कोरोंटीन समय का वेतन अदा किया? नहीं! अब वैक्सीन मुफ्त में देकर केंद्र सरकार क्या सन्देश देना चाह रहीं हैं? 

(प्रधानमंत्री ने अभी तक कोई वैक्सीन को अधिकृत नहीं किया हैं. फिर घोषणापत्र में उसे शामिल क्यों किया गया है?)

वर्तमान समय में महाराष्ट्र कोरोना संक्रमण के हालात अकथनीय हैं. केंद्र सरकार ने कभी महाराष्ट्र के कोरोना हालातों की समीक्षा नहीं की हैं. प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या १६ लाख २५ हजार से अधिक हैं. पिछले २४ घंटों में ७ हजार ५३९ नए मामले दर्ज हुए हैं वही चौबीस घंटों में १९८ लोगों ने जान भी गंवाई हैं. आइसीएमआर के निर्देशों के तहत वैक्सीन का कार्य जारी हैं लेकिन प्रभावशाली वैक्सीन कब उपलब्ध होगी उस संबंध कोई ठोस जानकारी अभी उपलब्ध नहीं हैं. केंद्र सरकार ने भी वैक्सीन को लेकर तिथि घोषित नहीं की हैं कि कब वैक्सीन उपचार का हिस्सा बनेगी. वैक्सीन तो उपलब्ध नहीं है फिर वो विषय घोषणापत्र का हिस्सा क्यों? इसीलिए की मतदाता कोरोना संक्रमण का भय भूलकर घरों से बाहर निकल आये. यदि मतदाता घरों से बाहर नहीं निकलेंगे तो सरकार कैसे बनेगी? 

(अब विपक्ष इस तरह से भाजपा को आड़े हाथों ले रहा हैं) 

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल 

शुक्रवार को दशहरा हल्ला महल्ला आयोजन पर निर्णय 

रविन्दरसिंघ मोदी 

 ( तखत सचखंड श्री हजुरसाहब दशहरा महल्ला )

सिखों के पवित्र पावन स्थान तखत सचखंड श्री हजुरसाहब की पुरानी परंपरा के तहत यहां दशहरा हल्ला महल्ला नगरकीर्तन यात्रा के आयोजन को अनुमति देने के संबंध गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड द्वारा गुरुवार, ता. २२ अक्टूबर २०२० को मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका प्रस्तुत की गई. जिसे न्यायालय द्वारा स्वीकार कर लिया गया. गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड के सचिव स. रविंदर सिंघ बुंगाई ने यह याचिका गुरुद्वारा बोर्ड के याचिकाकर्ता  के रूप में प्रस्तुत की. जिस पर न्यायालय द्वारा शुक्रवार ता. २३ अक्टूबर २०२० के दिन सुनवाई होगी. 

 गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड की ओर से विधितज्ञ एडवोकेट श्री राजेंद्र देशमुख याचिका पर अपना पक्ष रख रहें हैं. संभवतः शुक्रवार को दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा को सशर्त अनुमति मिलने की उम्मीद हैं. लेकिन इस विषय में महाराष्ट्र सरकार किस तरह से पक्ष रखती है उस पर बहुत कुछ निर्भर होगा. स्वाभाविक हैं कि इस विषय में नांदेड़ के जिल्हाधिकारी और नांदेड़ महानगर पालिका को भी उच्च न्यायालय द्वारा प्रश्न किया जायेगा. महाराष्ट्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए अनुमति देने के लिए असमर्थता व्यक्त की थीं.

 
(औरंगाबाद उच्च न्यायालय खंडपीठ)

 उल्लेखनीय है कि बुधवार, ता. २१ अक्टूबर को मुंबई मंत्रालय के आपत्ति व्यवस्थापन मंत्रालय द्वारा कोरोना कोवीड १९ के हालातों का जिक्र कर अनुमति देने से इंकार कर दिया था. जिसके बाद गुरुद्वारा बोर्ड ने आज सर्वोच्च न्यायालय नियमों अंतर्गत मुंबई उच्च न्यायालय के औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका प्रस्तुत की. यह याचिका फास्टट्रैक कोर्ट के विशेष कक्ष में सुनी जाएगी और २३ अक्टूबर को दोपहर तक कोई नतीजा निकलकर सामने आएगा. स. रविन्दरसिंघ बुंगाई ने फ़ोन पर जानकारी देते हुए आशा जताई कि कल सारी परिस्थिति अनुकूल हो और दशहरा हल्ला महल्ला की परंपरा के तहत  नगरकीर्तन यात्रा को अनुमति मिल जाये. दूसरी ओर हजुरसाहब की साधसंगत की निगाह भी अनुमति की ओर लगी हुई हैं.

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बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

मंत्रालय से दशहरा हल्ला महल्ला को अनुमति नहीं !!

मुंबई उच्चन्यायालय से उम्मीद 

रविंदरसिंघ मोदी 

(दशहरा महोत्सव फाइल फोटो)

तखत सचखंड श्री हजुरसाहब के तत्वावधान में आयोजित होनेवाले पारंपरिक दशहरा हल्ला महल्ला नगरकीर्तन यात्रा को अनुमति देने के विषय में महाराष्ट्र सरकार के आपत्ति व्यवस्थान विभाग (मंत्रालय) ने बुधवार, ता. 21-10-2020 को अपील को ख़ारिज कर दिया. कोरोना संक्रमण अनियंत्रित अवस्था में होने का हवाला देकर यह अनुमति नकार दी है. जिसके बाद अब इस विषय को लेकर मुंबई उच्चन्यायालय में आशाएं पल्लवित है. 

उपर्युक्त संबंध में गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड के समन्वयक सदस्य, पूर्व न्यायाधीश स. परमज्योतसिंघ चाहल ने इस बात का स्पष्टीकरण दिया कि, महाराष्ट्र सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग (मंत्रालय) ने गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड का पक्ष सुनने के बाद महाराष्ट्र सरकार की निर्धारित भूमिका के तहत नगरकीर्तन यात्रा आयोजन को अनुमति नकार दी है. 


उल्लेखनीय है कि, गत दिनों गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड नांदेड़ द्वारा देश के सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर 'दशहरा हल्ला महल्ला नगरकीर्तन यात्रा' के आयोजन को अनुमति प्रदान करने की अपील की थीं. यह विषय धार्मिक भावना और मर्यादा अंतर्गत होने के कारण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गुरुद्वारा बोर्ड की अपील पर पूरा ध्यान दिया गया. लेकिन महाराष्ट्र में कोविड 19 कोरोना संक्रमण के हालात को लेकर अंतिम निर्णय महाराष्ट्र सरकार और राज्य के उच्च न्यायालय की सोच पर निर्धारित कर दिया गया. 

जिसके तहत संबंधित विषय को लेकर गुरुद्वारा बोर्ड द्वारा मुंबई मंत्रालय अंतर्गत आपत्ति व्यवस्थापन विभाग के सामने अनुमति को लेकर विषय प्रस्तुत किया गया था. विभाग के प्रमुख संचालक अधिकारी श्री किशोर निंबालकर द्वारा उनके न्यायिक कक्ष में गुरुद्वारा बोर्ड का पक्ष सुना गया. स. परमज्योतसिंघ चाहल ने गुरुद्वारा बोर्ड का पक्ष प्रस्तुत करते हुए तखत सचखंड श्री हजूर साहब की मर्यादा और परंपराओं का हवाला देकर सरकार द्वारा दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा को अनुमति देने की अपील की. श्री निंबालकर ने अपने निर्णय में कहा कि, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के हालात अनियंत्रित है जिसके कारण सरकार इस तरह की अनुमति प्रदान करने में असमर्थ है. महाराष्ट्र में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन को फिलहाल अनुमति देना मुनासिब नहीं होगा. श्री निंबालकर ने आपत्ति व्यवस्थापन कानून २००५ की धाराओं के तहत अपना निर्णय स्पष्ट किया. जिसमे कहा गया है कि किसी भी धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम को अभी अनुमति नहीं दी जा सकती. तारीख ३० सितंबर २०२० को सरकार ने आदेश जारी किया हुआ है जिसमे महाराष्ट्र में ३१ अक्टूबर २०२० तक लॉकडाउन घोषित किया हुआ हैं.

श्री चाहल ने इस संदर्भ में बताया कि, अभी हमारे सामने मुंबई उच्चन्यायालय का विकल्प शेष है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने निर्णय मे उच्चन्यायालय का विकल्प निर्देशित किया हुआ है. गुरुद्वारा बोर्ड इस विकल्प को भी आजमाएगा. गौरतलब है कि दशहरा हल्ला महल्ला के आयोजन को लेकर सिख समाज उत्साही हैं. सभी की भावनाएं हैं कि दशहरा हल्ला महल्ला का आयोजन किया जाए. अब उच्चन्यायालय पर सभी की आशाएं केंद्रित होना स्वाभाविक हैं. 

मंत्रालय के निर्णय की प्रतियां..... पढियेगा. 









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