"अर्नब" के बहाने "सामना" पर निशाना !
रविंदरसिंघ मोदी
रिपब्लिकन भारत चैनल के सर्वोसर्वा अर्नब गोस्वामी के तेवर इन दिनों देखने योग्य हैं. उनकी भाषा की दबंगई और स्वर में ललकार हैं. ये किसी आम इंसान के लिए नहीं बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना के सुप्रीमो श्री उद्धव ठाकरे के लिए प्रयोग हो रहीं हैं. ये भाषा, यह दबंगई प्रदेश के गृहमंत्री श्री अनिल देशमुख के खिलाफ उपयोग में लाई जा रहीं हैं.
पत्रकारिता के शीर्ष पर पहुंचकर अर्नब गोस्वामी का महाराष्ट्र के नेताओं के प्रति यह ढ़ीठ रवैय्या स्पष्ट संकेत कर रहा हैं कि यह बोल किसी ने अर्नब गोस्वामी को उधार में दिए हैं. वहीं महाराष्ट्र विधानसभा अधिवेशन में आज नेता विपक्ष श्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा यह कहकर अर्नब गोस्वामी का बचाव करना कि, दैनिक सामना में भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपमानित भाषा का प्रयोग किया जाता हैं ! यह सुनकर बात स्पष्ट हो जाती है कि "अर्नब' को वहीं से बल मिल रहा है, जहाँ से कंगना को "वाई" सिक्योरिटी मिली हैं.
माजरा स्पष्ट हैं कि दैनिक सामना पर निशाना साधने के लिए अर्नब गोस्वामी के 'बोल' को हथियार बनाया गया हैं. भाजपा के पास महाराष्ट्र की तिकड़ी सरकार को घेरने के लिए एक हाथ में 'अर्नब' तो दूसरे हाथ में 'कंगना' हैं. ये भी तय लग रहा हैं कि 'अर्नब' और 'कंगना' को कमसे कम राज्यसभा का टिकट तो पक्का हो गया हैं. यह दोनों हथियार महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार को जितना "डैमेज" करेंगे, उतना दिल्ली में बैठे मोटा भाई खुश हो जायेंगे. मानना पड़ेगा कि मोटा भाई गजब की राजनीति खेल रहे हैं.
महाराष्ट्र सरकार ने आज अर्नब के खिलाफ विधानसभा में "हक्कभंग" प्रस्ताव पास किया. वहीं कंगना को रोकने के लिए भी कदम उठाये हैं. कल (9 सितम्बर ) को कंगना मुंबई पहुँच रहीं हैं. यदि कंगना मुंबई यात्रा पर पहुँचती हैं तो राजनीतिक उथल पुथल संभव हैं. कल का दिन सामना के संपादक संजय राउत के लिए बहुत अहम हैं. करो अथवा मरो जैसे हालात उनके सामने हैं. देखना होगा कि अब संजय राउत हालात का मुकाबला करने के लिए किस किस हथियार का प्रयोग करते हैं.
लेकिन यहाँ महाराष्ट्र सरकार कुछ घिरी हुई नजर आ रहीं हैं. पत्रकारों के खिलाफ सरकारीस्तर से दबावतंत्र का प्रयोग होने के आरोप दिल्ली का मीडिया लगा रहा हैं. देश के अन्य हिस्सों से भी यहीं सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे अब क्या तिकड़म भिड़ाते हैं देखना होगा. दिल्ली वालों का दांव तो चल गया है. कल क्या होनेवाला है वो भी विशेष ही होगा !
रविंदरसिंघ मोदी

































