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बुधवार, 30 जनवरी 2019

हजूर साहिब रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालु यात्री परेशान 
हजूर साहिब में रेलवे समस्या पर आंदोलन की तैयारी 
रविंदर सिंघ मोदी 

महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर स्थित श्री हजूर साहिब स्टेशन पर पंजाब और अन्य प्रांतों से पहुँचनेवाले श्रद्धालु यात्रीगण यहाँ पहुँचकर खासे परेशान हो रहे हैं. वजह है सभी गाड़ियाँ का प्लेटफार्म पर आगमन. हजूर साहिब के दर्शनों का पहुंचनेवाले यात्रीगण अपना लगेज लेकर तीन प्लेटफार्म लांघकर स्टेशन के बहार पहुंच रहे हैं. छोटे बच्चे और बुजुर्गों के लिए तो यह कसरत से बड़ा काम हो रहा हैं. रेलवे प्रशासन को इस समस्या से बार-बार अवगत करवाने पर भी रेलवे प्रशासन द्वारा इस समस्या पर विचार नहीं किया जा रहा हैं. जिससे हजूर साहिब के सेवाभावी युवक अब इस समस्या को लेकर आंदोलन की राह तलाश रहें है.  
दक्षिण मध्य रेलवे ज़ोन अंतर्गत सचखंड एक्सप्रेस (१२७१५) सबसे सफल रेलवे गाड़ी है जो श्री हजूर साहब नांदेड़ से श्री अमृतसर स्टेशन का रोजाना सफर तय करती हैं. इस रेलवे गाड़ी से रोजाना डेढ़ से दो हजार श्रद्धालु और यात्री यात्रा करते हैं. इस गाड़ी के टिकट आरक्षण में वर्ष भर तेजी रहती हैं. कभी गाड़ी खाली नहीं दौड़ती है. श्री हजूर साहिब के दर्शन हेतु पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश के यात्रियों के लिए सचखंड एक्सप्रेस बहुत अनुकूल है. उसी तरह से महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के यात्रियों के पंजाब और जम्मू के तीर्थस्थलों के दर्शनों के लिए यह रेलवे गाड़ी बहुत उपयोगी है. 


सचखंड एक्सप्रेस १९९५ से नांदेड़ और अमृतसर के बीच दौड़ रही है. पहले साप्ताहिक के रूप में शुरू हुई यह गाड़ी वर्ष १९९७ में सप्ताह में पांच दिन चलाई गई. वर्ष २००७ से यह गाड़ी सप्ताह के सात दिन दौड़ रही है. इस धार्मिक यात्रा में छोटे बच्चें, महिलाएं, बुजुर्ग भी यात्रा करते हैं. यह यात्रा ३६ से ४० घंटों की होती हैं. जिससे यात्रीगण काफी तक जातें हैं. उसी तरह से श्री हजूर साहिब से श्री गंगानगर के बीच भी गाड़ी नंबर १२४८५ दौड़ती है. यह गाड़ी भी अब रोजाना दौड़ रही हैं. 
दोनों रेलगाड़ियों के समस्या लगभग एक जैसी हैं. नांदेड़ के श्री हजूर साहिब रेलवे स्टेशन पर पहुंचनेवाली सभी गाड़ियों का आगमन प्लेटफार्म नंबर चार (४) पर हो रहा हैं. जबकि तखत सचखंड श्री हजूर साहिब तीर्थस्थल प्लेटफार्म नंबर एक (१) की दिशा में हैं. प्लेटफार्म नंबर चार पर सुविधाएँ नहीं हैं. यहाँ से तखत सचखंड पहुँचने के लिए आसान रास्ता उपलब्ध नहीं हैं. गोकुल नगर से विष्णुनगर रस्ते से गुरुद्वारा की बसें गुजरने के लिए दिक्क़ते ही दिक्कतें हैं. बारिश में तो रेलवे अंडर ब्रिज में पानी भरने के कारण चार से पांच माह रास्ता बंद रहता हैं. गोकुल नगर का हिस्सा आपराधिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है. 
दूसरा रास्ता बहुत घुमाकर जाता हैं. स्टेडियम रोड और वी.आई.पी. रोड, से होकर घूमकर जाना होता हैं.  यात्रियों को बसें नहीं मिलती उनको ऑटो रिक्शावाले बहुत परेशान करते हैं. दुगना, तिगना किराया हड़पते हैं. बहुत बार यात्रियों का सामान भी चोरी हो जाता हैं. ऐसी परिस्थिति में ३६ से ४० घंटों की यात्रा करने बाद भी यात्री को बड़ी दिक्कतों को सामना करना पड़ता हैं. यदि यह रेलवे गाड़ियां चार नंबर के बजाय एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुँचती हैं तो यात्रियों को अधिक सुविधाएँ उपलब्ध होगी. लेकिन यह बात दक्षिण मध्य रेल विभाग प्रशासन सुनने को तैयार नहीं हैं. 
इस विषय में हजूर साहिब के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा डी.आर.एम. (नांदेड़) को ज्ञापन प्रस्तुत कर सचखंड एक्सप्रेस और श्री गंगानगर एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर एक पर लेने की मांग की गई हैं. गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कार्यालय द्वारा भी पत्राचार किया गया हैं. संत बाबा बलविंदर सिंघजी ने भी रेलवे के डी.आर.एम. से चर्चा कर मांग प्रस्तुत की लेकिन रेलवे प्रशासन सुनने को तैयार नहीं. इसलिए अब हजुरसाहिब के युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और बोर्ड मेंबर एक सामाजिक आंदोलन करने का विचार कर रहे हैं. 

ता. २९ जनवरी को एक बैठक लेकर तय किया गया कि ता. १ फरवरी , २०१९ को रेलवे डी.आर.एम. को एक ज्ञापन पेशकर आंदोलन के लिए आगाह किया जाए. यह भी तय किया गए कि नांदेड़ से लेकर अमृतसर तक के हर स्टेशन अंतर्गत वहां के सिख रेलवे प्रशासन को ज्ञापन पेशकर मांग करें कि सचखंड एक्सप्रेस गाड़ी को प्लेटफार्म नंबर एक पर ही रोका जाएँ. दिल्ली के सिखों से विशेष निवेदन हैं कि वे रेल मंत्रालय को ज्ञापन देकर मांग प्रस्तुत करें. रेलवे बोर्ड चेयरमैन को भी दिल्ली के सिख ज्ञापन देकर मांग मानवाएँ. 
हजुरसाहिब के सभी सेवाभावी सिख जत्थे, संघटन और युवा मिलकर रूपरेखा के तहत आंदोलन करें. गुरुद्वारा के दर्शनों को आनेवाले यात्रीगण यहाँ की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं. यात्रियों के योगदान से ही गुरुद्वारा के कर्मचारी, आसपास के व्यापारी, रिक्शावाले, टैक्सीवाले और अन्यों के पेट निर्भर हैं. इसलिए रेलवे से आनेवाले यात्रियों को सुविधाएँ दिलवाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके लिए गुरुद्वारा बोर्ड प्रशासन को भी आंदोलन में पूर्ण सहयोग करना चाहिए. साथ ही उधर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर को भी भूमिका लेनी होगी. सभी के सहयोग से यह आंदोलन सफल हो सकता हैं. पहले चरण में ता. १ फ़रवरी को ज्ञापन (निवेदन) प्रस्तुत करने की सभी कृपा करें. सुबह ११. ३० बजे नांदेड़ रेल प्रशासन को ज्ञापन प्रस्तुत करना तय हुआ हैं. नांदेड़ से लेकर दिल्ली तक सभी स्टेशन के परिवेश में रहनेवाले सिख वहां के रेलवे प्रशासन के सामने मांग रखें यह प्राथना हैं. 
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