माता साहिब देवजी जन्मोत्सव का समापन
कीर्तन दरबार, लंगरप्रसाद और नेजाबाजी !
गुरुद्वारा माता साहिब देवाजी स्थान पर विगत तीन दिनों से मनाये जा रहे 339 वें 'माता साहिब देवाजी जन्मोत्सव' का समापन बुधवार (28-10-2020) की दोपहर श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ. तखत सचखंड श्री हजूरसाहब के मुख्य जत्थेदार संत बाबा कुलवंतसिंघ जी और आदरणीय पंजप्यारे साहिबान की उपस्थिति ने कार्यक्रम की चकाचौंध बढ़ा दीं. कार्यक्रम में सहायक जत्थेदार संत बाबा रामसिंघजी, मीत ग्रंथी भाई गुरमीतसिंघजी, भाई जगिंदरसिंघजी, ज्ञानी भाई अवतारसिंघजी शीतल, कथाकार भाई विजेंद्रसिंघजी, संतबाबा बलविंदरसिंघजी कारसेवा वाले, संतबाबा गुरदेवसिंघजी सहित विविध दल पंथ के जत्थेदार और धार्मिक हस्तियां मंच पर उपस्थित थे.
ता. 26-10-20 की सुबह माताजी के जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हुईं थीं. आज समापन के दिन (बुधवार) को श्री अखंडपाठ साहब की समाप्ति, पाठ, कथा, कीर्तन दरबार आदि कार्यक्रम संपन्न हुए. इस अवसर पर सहायक जत्थेदार संत बाबा रामसिंघजी ने माता साहिब देवाजी का संक्षिप्त जीवन वृतांत सुनाया. उन्होंने कहा, माताजी ने गुरुद्वारा मातासाहिब देवाजी स्थान पर सतयुग में तपस्या की थी. यह ऐतहासिक और पावन स्थान है. यह खालसा पंथ की माताजी का स्थान हैं. आज उनके जन्मोत्सव को मनाते हुए समूह पंथ को शुभकामनायें. संतबाबा बलविंदरसिंघजी कारसेवा वालों ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया.
नगर कीर्तन और नेजाबाजी से तीन दिवसीय समागम का समापन किया गया. इस दौरान भव्य लंगर प्रसाद कार्यक्रम हुआ.
(समाप्त)
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