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बुधवार, 13 जून 2018

जनम दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं 

हेड़ ग्रंथी सिंघसहिब भाई कश्मीर सिंघजी 
तखत सचखंड श्री हजुरसाहिब के हेड़ ग्रंथी आदरणीय सिंघसहिब भाई कश्मीर सिंघजी को जनम दिवस के उपलक्ष में हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ. 
रविंदर सिंघ मोदी 
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धारा ११ को लेकर 
गुरुद्वारा बोर्ड सदस्यों में उदासिनता 


रविंदर सिंह मोदी
गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड, नांदेड़ संस्था के अध्यक्ष की सीधी नियुक्ति निर्देशित करनेवाली वाली बोर्ड कानून १९५६ की धारा ११ (संशोधित) को लेकर गुरुद्वारा तख़त सचखंड बोर्ड के सदस्यों में गहरी उदासिनता देखने को मिली है. इस धारा में महाराष्ट्र सरकार द्वारा तीन वर्ष (फरवरी २०१५) में संशोधन कर गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष की सरकार द्वारा नियुक्ति की प्रणाली शुरू की थी. इसी संशोधित धारा का सहारा लेकर भारतीय जनता पार्टी के मुलुंड - मुंबई के विधायक तारा सिंह ने गुरुद्वारा बोर्ड अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा किया था. शुरुवात में जब संगत द्वारा विरोध हुआ तो तारासिंह ने वायदा किया था की धारा ११ के अध्यादेश को रद्द करवाया जायेगा. तीन सालों में तारासिंह ने अपना वायदा नहीं निभाया. खैर राजनितिक नेता तो अपने स्वार्थ के सामने वायदे करते हैं और परिस्थिति बदलने पर वायदे भूल भी जाते है. फिर तारासिंह को तो गुरुघर में सत्ता करनी थी वो कैसे अपना वायदा निभाते. सत्ता के लिए तो उन्होंने गुरुघर के अध्यक्ष पद का सरकारीकरण कर दिया. उनसे ज्यादा उम्मीद नहीं रख सकते लेकिन अन्य मेंबर साहिबान क्यों अपने जमीर पर तीन वर्षों तक सरकारीकरण का बोझ ढाते रहे और ढा रहे हैं समझ नहीं आता. गुरुघर के सेवक के रूप में अपना परिचय देनेवाले ये लोग अपनी स्वतंत्रता सरकार के अधीन रखें हुए हैं. मेरा सवाल सभी मेंबर साहिबान से है और जो मेंबर बनने के सपने देख रहे हैं उनसे हैं कि, क्या अपने जमीर पर सरकारी नियुक्त अध्यक्ष की गुलामी का बोझ लेकर गुरुघर की सेवा करना चाहते है? गुरुद्वारा बोर्ड के मेंबर साहिबान के अधिकार है कि वे अपना अध्यक्ष खुद चुने. अपने अधिकार छिन जाने का क्या जरा भी मलाल नहीं हो रहा?
इस समय समाज का एक घटक तीन सीटों के चुनावों की मांग लेकर आंदोलन चला रहा है. जो लोग बोर्ड का मेंबर बनने की लालसा लेकर आंदोलन चला रहे हैं, उन्हें कलम ११ को लेकर भी अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए. तीन सालों में किसीने भी इस विषय पर आवाज नहीं उठाई है. क्यों ?

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मंगलवार, 12 जून 2018

गुरुद्वारा लोहगढ़ साहब (लोहा) में : 
भगत धन्ना जी जन्मदिवस उपलक्ष में सालाना जोड़ मेला 
१५ जून को भव्य लंगर प्रसाद कार्यक्रम 
भगत धन्नाजी साधु संतों और भूखों की सेवा करते हुए. 

हजूर साहिब, नांदेड़ - श्री आदि गुरु ग्रन्थ साहिब जी के ३६ गुरुओं में एक गुरु, भगत धन्ना जी के जनम दिवस उपलक्ष्य में गुरुद्वारा लोहगढ़ साहिब (लोहा, लातूर रोड़ ) स्थान पर ता. १३ जून २०१८ से ता. १५ जून २०१८ तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा हैं. 

गुरुद्वारा लंगर साहिब के जत्थेदार संत बाबा नरिंदर सिंघजी कारसेवा वाले और संत बाबा बलविंदर सिंघजी कारसेवा वाले ने यहाँ जानकारी दी कि, भगत धन्ना जी का जनम दिवस हर साल गुरुद्वारा लंगर साहिब द्वारा गुरुद्वारा लोहगढ़ स्थान पर मनाया जाता है. इस साल भी ये तीन दिवसीय समागम बड़ी श्रदा के साथ मनाया जा रहा है.  श्री अखंडपाठ आरंभ होंगे. ता. १५ जून को श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति की जाएगी. 


इस अवसर पर तखत सचखंड श्री हजूर साहिब के मुख्य जत्थेदार संत बाबा कुलवंत सिंघजी और पंजप्यारे साहिबान की प्रमुख उपस्थिति होगी. साथ ही गुरुद्वारा माता साहिब और श्रोमणि अकाली बुड्ढा दल (९६ करोड़ी ) के  जत्थेदार संत बाबा प्रेम सिंघजी, ज्ञानी और प्रतिष्ठित नागरिक तथा साध सांगत जी उपस्थित होंगे. 
धार्मिक कीर्तन दरबार और लंगर प्रसाद कार्यक्रमों में समूह साध संगतजी और सर्वधर्मिय श्रद्धालुगण उपस्थित रहें ऐसी अपील संत बाबा नरिंदर सिंघजी और संत बाबा बलविंदर सिंघजी कारसेवा वालों द्वारा की गई है. 

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सोमवार, 11 जून 2018

गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव की मांग लेकर अब आमरण अनशन शुरू 
सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी 
नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा बोर्ड के चुनाव करवाने की माँग लेकर सोमवार को जिलाधीश अरुण डोंगरे को ज्ञापन सौंपते हुए सिख समाज के स्थनीय नेता और कार्यकर्ता. 

 हजूर साहिब नांदेड़ - यहाँ के जिलाधीश कार्यालय के सामने गत एक जून से शुरू चकरी अनशन को सोमवार (ता. ११ जून, २०१८) से आमरण अनशन में परिवर्तित कर चुनाव नहीं करवाने की स्थिति में सामूहिक आत्मदाह करने की चेतावनी दी गई.
इन मांगों का एक ज्ञापन नांदेड़ के जिलाधीश श्री अरुण डोंगरे को एक शिष्टमंडल द्वारा सौंपा गया.  जिलाधीश से जल्द चुनाव करवाने की गुहार लगाई गई है.  इस दौरान चकरी अनशन को आमरण अनशन में रूपांतरित कर दिया गया. मनप्रीत सिंह कुंजीवाले ने सोमवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया.
नांदेड़ के जिलाधीश के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव को लेकर अनशन जारी है. वर्ष २०१२ में बोर्ड के चुनाव हुए थे. तीन साल के बाद चुनाव जरुरी थे. अवधि समाप्त होने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग ने चुनाव करवाए और ना बोर्ड को बर्खास्त किया.

आज धरना अनशन में इंद्रजीत सिंह गल्लीवाले, मोहनसिंह गाड़ीवाले, देवेंद्र सिंह विष्णुपुरिकार, जसपाल सिंह लांगरी, गुरमीत सिंह बेदी, तेजपालसिंह खेड़, बन्दीछोड़सिंघ, शेरसिंघ सिलेदार, मनबीर सिंह ग्रंथि, अवतारसिंह पहरेदार सहित बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग उपस्थित थे.
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रविवार, 10 जून 2018

अमरीका में पहला गुरुद्वारा 

अमरीका जैसे समृद्ध राष्ट्र में सिख समुदाय द्वारा लगभग एक सौ  तीन वर्ष पूर्व स्टॉकटन शहर (कैलिफ़ोर्निया) में पहले गुरुद्वारा की स्थापना की गई. जिसे अमरीका में सिख टेम्पल के नाम से जाना जाने लगा था.  प्रथम विश्व युद्ध प्रारंभ होने के पश्च्यात इंग्लैंड और अन्य देशों में बसें सिख समुदाय अमरीका में पहुँचने लगे थे. ब्रिटिश फ़ौज में कार्यरत सिख भी युद्ध के लिए अमरीका पहुँच गए. अमरीका में भारत से पहुंचे भारतीयों ने और सिखों ने सैनिक सिखों का आदर किया. नियमित पाठपूजा करनेवाले सिख अब सैनिक सिखों के साथ मिलकर खुले में ही श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के स्वरुप को प्रकाशमान कर पूजा पाठ और कीर्तन करने लगे. जिसके बाद सभी ने मिलकर वहां गुरुद्वारा शुरू करने पहल शुरू की. जिसे अमरीका सरकार ने तुरंत मान्यता भी प्रदान कर दी.  भीतर ही दो मंजिला गुरुद्वारा की ईमारत का निर्माण हो गया. सिखों की लगन और समर्पित भक्ति के कारण ही आज अमरीका जैसे राष्ट्र में हर शहर में एक गुरुद्वारा दिखाई देता है. 



Please see the link
The first Gurudwara opened in Stockton, California, America.
(In 1915)






https://twitter.com/IndiaHistorypic/status/1005851359948619777
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का विस्तार शीघ्र 
(File photo of Cabinet)

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इच्छा है कि विधानसभा के आगामी बरसाती अधिवेशन से पूर्व महाराष्ट्र मंत्री मंडल का विस्तार दिया जाए. एक सप्ताह पूर्व भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह ने मुंबई का दौरा किया था. उस दौरे के दौरान अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस में मंत्री मंडल विस्तार  संबंध में विचार विमर्श हुआ. शिवसेना से भी विस्तार को लेकर बात छेड़ी गई थी ऐसी चर्चा है. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को मद्देनजर ये मंत्री मंडल विस्तार का निर्णय लिया गया है. मंत्री मंडल विस्तार के समाचार के साथ ही भाजपा विधायकों में स्फूर्ति छा गई है. कहा जा रहा है कि, नए मंत्रियों की सूचि मुख्यमंत्री की जेब में बनकर तैयार है. अब देखना की डेढ़ वर्ष के लिए किसका भाग्य जागता है. 

मराठवाड़ा में अगले २४ घंटों में 
भारी बरसात की संभावना 

नांदेड़ (हजूरसाहिब) - मराठवाड़ा के नांदेड़ सहित आठ जिलों में और तेलंगाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में अगले २४ घंटों में भारी बरसात होने  संभावना जताई जा रही है. तेज हवा बहने के साथ बड़ी बारिश की उम्मीद है. रविवार (ता. १० जून) की देर शाम नांदेड़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने से शहरी इलाके जलमय हो गए. ग्रामीण क्षेत्र में  बारिश का प्रभाव बना रहा. सोमवार  मंगलवार को बारिश होने के स्पष्ट आसार है. 
हार्दिक शुभकामनाएँ 

सरदार रूपेंद्र सिंघ जी शाहू को 
जन्मदिवस के उपलक्ष में हार्दिक शुभ कामनाएं और बधाई. 
: शुभेच्छुक :
रविंदर सिंह मोदी 
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जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें 


नांदेड़ के व्यावसायी और पूर्व गुरुद्वारा प्रशासकीय समिति सदस्य 
सरदार मोहिंदरपाल सिंघ सब्बरवाल को जन्मदिवस के अवसर पर 
हार्दिक शुभकामनाएं। 
शुभेच्छुक :
 रविंदर सिंह मोदी, 
परमेश्वर पवार, 
बंटी सिंह खालसा, 
सेवक सिंह जहागिरदार 
और मित्र परिवार. 
जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 


(सरदार लड्डू सिंघ  महाजन )

गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड नांदेड़ (हजूरसाहिब) के पूर्व अध्यक्ष 
सरदार लड्डू सिंघ महाजन को जनम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
(संपर्क - 09422172197 )
गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कानून १९५६ की धारा ११ संबंध में अध्यादेश रद्द करने की मांग 
तीन सदस्यों ने कहा, "निष्पक्ष चुनाव करवाए जाए "


दक्षिण भारतीय सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था तखत सचखंड बोर्ड नांदेड़ (हजूरसाहिब) के साधसंगत में से चुनकर आनेवाले तीन सदस्यों के चुनाव करवाने की मांग को लेकर यहाँ चल रहे अनशन में एक जबरदस्त मोड़ आ गया क्योंकि, पिछले चुनाव में निर्वाचित तीनों सदस्यों ने शनिवार (ता. ९ जून, २०१८) को यहाँ एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए  न सिर्फ बोर्ड के निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग की बल्कि वर्ष २०१५ में १८ फरवरी को महाराष्ट्र सरकार द्वारा बोर्ड अध्यक्ष की सीधी नियुक्ति करने के संशोधित अध्यादेश को रद्द करने की भी मांग की है. विज्ञप्ति पर सदस्य गुरुमीत सिंह महाजन, राजेंद्र सिंह पुजारी और शेर सिंह फौजी के दस्तखत है. 
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र विधान सभा में बोर्ड पर सीधी नियुक्ति के लिए अध्यादेश पारित करवाकर भाजपा विधायक सरदार तारा सिंह  तखत सचखंड बोर्ड के सरकार नियुक्त अध्यक्ष बने थे. महाराष्ट्र सरकार द्वारा हजुरसाहिब के सिखों की राय जाने बगैर ही विधान सभा में अध्यक्ष नियुक्ति करने का अध्यादेश पारित कर गुरुद्वारा बोर्ड के सदस्यों के उस मौलिक अधिकार को समापत कर दिया था जिससे वे बहुमत से अपना अध्यक्ष स्वय चुन सकते थे.
वर्ष २०१२ में साधसंगत मतदाताओं में चुनकर आये सदस्यों का कहना है कि वर्ष २०१५ में सरकार ने बोर्ड बनाया. जिसके तीन साल की अवधि समाप्त हो चली है. ऐसे में हर तीन साल बाद बोर्ड बर्खास्त कर चनाव करवाए जाने चाहिए. जैसे कि गुरुद्वारा बोर्ड के चुनावों के लिए चुनाव प्रक्रिया बहुत कठिन है और साधसंगत में निष्पक्ष चुनावों की बात है, वहां गुरुद्वारा बोर्ड के प्रधान द्वारा राजस्व विभाग को पत्र देने से सिख मतदाताओं में एकतरह से संभ्रम की आवस्था बनी हुई है. इस बात को नजर में रखते हुए बोर्ड बर्खास्त कर चुनाव प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए. 
विशेष प्रस्ताव पारित करे सभी सदस्य 
इन सदस्यों ने यह भी मांग की है कि, अति शीघ्र बोर्ड की बैठक आमंत्रित कर बैठक में सभी सदस्यों की आम सहमति से बोर्ड के चुनाव करवाने और बोर्ड बर्खास्त करने के निर्णय पारित किये जाने चाहिए.  इस मांग का एक पत्र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और नांदेड़ के जिला कलेक्टर को भी भेजा जा रहा हैं ऐसी जानकारी सरदार राजेंद्र सिंह पुजारी ने यहाँ दी. 





शनिवार, 9 जून 2018


बारिश से मुंबई नगरी हुई जलमय


तेज बारिश और हवा से मुंबई नगरी का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मुंबई में तेज हवा और कड़कती बिजली के साथ तेज़ बरसात शुरू होने बाद अधिकतर रास्तें जलमय हो गए हैं. शनिवार तड़के ( रात) के करीब तीन बजे से हिंदमाता, दादर, जोगेश्वरी, कुर्ला, सायन और कई दूसरी जगहों पर बारिश अब भी जारी है.  मौसम विभाग ने 9 जून से लेकर 11 जून तक मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर चुका है.



 परिवहन मंडल कर्मचारियों की हड़ताल से 
१५ करोड़ का घाटा 

महाराष्ट्र परिवहन महामण्डल के बस कमर्चारी अघोषित हड़ताल पर हैं. जिसके कारण प्रदेश में सरकारी बस सेवा प्रभावित हुई है. पिछले २४ घंटों की हड़ताल से परिवहन महामण्डल के राजस्व में करीब पंद्रह करोड़ का घाटा होने का अनुमान है. बस कर्मचारियों की इस हड़ताल में शिवसेना के कर्मचारी संघटनों को छोड़कर अन्य सभी संघटन शामिल होने की बात कही जा रही है. दूसरी ओर हड़ताल पर उतरे कर्मचारी संघटनों के नेता और कर्मचारियों की मुंबई में धरपकड़ शुरू होने से हड़ताल का रूप और भी आक्रमक होने के आसार है.
बस कर्मचारियों के हड़ताल के चलते आर.टी.ओ. विभाग द्वारा टैक्सी वाहनों और निजी वाहनों को यात्री वहन की अनुमति प्रदान की गई है.

नांदेड़ शहर में बस सेवा जारी :
नांदेड़ शहर के मध्यवर्ती बस स्थानक द्वारा बस सेवा जारी रखी हुई है. जिससे यात्रियों ने राहत की साँस ली है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के डेपो अंतर्गत आंदोलन का माहौल बना हुआ है. लेकिन सिटी बस और नांदेड़ से बाहर शहरों के लिए सेवा जारी है.

शुक्रवार, 8 जून 2018

नांदेड़ जिले में अतिवृष्टि की चेतावनी 
बारिश से शहर बेहाल, आसना नदी का जलस्तर बढ़ा 
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(नांदेड़ शहर के भीतर से बह रही आसना नदी का जलस्तर बढ़ गया है. नदी उफान पर है. )


महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में विगत दो दिनों की बरसात से मौसम खुशाल हो गया. नदी, नालों और तालाबों के जलस्तर में वृद्धि होने के समाचार है. एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्र में किसानों में खुशाली का वातावरण बना हुआ है वहां नांदेड़ शहर क्षेत्र में लेकिन बारिश का पानी सड़कों पर जमा है. शहर के कई हिस्सें पानी से प्रभावित हुए है और जनजीवन पर खासा असर हुआ है. नांदेड़ शहर के उत्तरी छोर से बह रही आसना नदी का जलस्तर काफी ऊपर चढ़ गया है और नदी किनारे बसें गावों को सतर्क किया गया है. नांदेड़ जिले में दो दिनों में औसतन ६० मीमी बारिश होने के समाचार है. 
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है की आगामी सोमवार यानी ११ जून २०१८ तक नांदेड़ जिले में अतिवृष्टि होने के आसार है. तीन दिनों तक नांदेड़ और आसपास की जिलों को बारिश प्रभावित कर सकती है. 
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(दो दिनों की बारिश से नांदेड़ शहर के रास्तों के बुरे हाल हो गए हैं. 
रास्तों पर पानी जमने के कारण यातायात भी बाधित हो रही है.)
अमित शाह और प्रकाशसिंह बादल की मुलाकात 
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह का सत्कार करते हुए शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान  सरदार प्रकाश सिंह बादल. साथ में सुखबीर सिंह बादल दिखाई दे रहे है. 
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात कर वर्ष २०१९ में होनेवाले लोकसभा चुनावों के संबंध में चर्चा की. इस समय पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी मौजूद थे. 
पंजाब लोकसभा में शिरोमणि अकाली दल के  और भाजपा का  लोकसभा सांसद हैं. जबकि कांग्रेस के  और आम आदमी पार्टी के ४ सांसद है. पंजाब को लेकर भाजपा की चिंता यहाँ बढ़ जाती है. क्योंकि उसकी तैयारी आगामी लोकसभा के चुनावों में ३२५ सीटों को जीतने की हैं. भाजपा जैसे ही हाल अकाली दल के भी है. 
पंजाब में कॉग्रेस की सरकार है. विपरीत परिस्थितियों में पंजाब में सांसदों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रकाश सिंह बादल को नयी नीतियां अपनानी होगी. अमित शाह से बादल की मुलाकात पंजाब की राजनीती को कौनसी दिशा प्राप्त होगी ये आनेवाला समय ही बताएगा. 
गुरुद्वारा बोर्ड के तीन सदस्यों के चुनाव संबंध में
एक सप्ताह में निर्णय होने की संभावना 
तखत सचखंड श्री हजुरसाहिब बोर्ड अंतर्गत तीन सदस्यों के चुनाव करवाने हेतु महाराष्ट्र सरकार का राजस्व मंत्रालय आगामी एक सप्ताह में निर्णय लेने की संभावना है. नांदेड़ जिलाधीश कार्यालय और गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा चुनाव करवाने के लिए अनुकूलता दर्शाई है.
जिलाधीश कार्यालय द्वारा दो बार राजस्व मंत्रालय को चुनाव संबंधी प्रस्ताव भेजा गया था. छह माह में मंत्रालय ने उस ओर कोई पहल नहीं की थी. लेकिन विधायक एव गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष ने सरकार को चुनाव करवाने संबंध पत्र भेजकर सरकार की दुविधा कम कर दी है. जिसके बाद गुरुद्वारा बोर्ड चुनाव क्षेत्र (मराठवाड़ा)  अलग - अलग जिलों के सिख मतदाताओं की सूचि तैयार करने का कार्य किया जायेगा.
अनुमान है कि अगले सितम्बर अथवा अक्टुम्बर माह में बोर्ड के तीन सदस्यों के चुनाव करवाएं जा सकते हैं.  चुनाव दिसम्बर २०१२ में करवाएं गए थे. बोर्ड के चुनावों को लेकर सिख समाज का एक समूह जिलादिश कार्यालय के सामने अनशन पर बैठा हैं.  इस अनशन को कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना और कुछ पार्टियां अपना समर्थन जता चुकी है. 

(नांदेड़ के जिलाधीश कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे अनशनकर्ता इंदरजीत सिंह गल्लीवाले, देवेंद्रसिंह मोटरावाले, मोहनसिह गाड़ीवाले, मनबीर सिंह ग्रंथि, मनप्रीत सिंह कुँजीवाले, अवतारसिंह पहरेदार, तेजपाल सिंह खेड़, कर्नल सिंह गाड़ीवाले, बलजीत सिंह और अन्य. )

गुरुवार, 7 जून 2018



समाचार : 
गुरुद्वारा बोर्ड के प्रधान तारासिंह का राजस्व मंत्री को पत्र

रविंदर सिंह मोदी

                        
महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर स्थित गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड के सरकार नियुक्त प्रधान श्री तारा सिंह (विधायक, भाजपा) ने ता. ७ जून, २०१८ को महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री श्री चंद्रकांत पाटिल को एक पत्र भेजकर मांग की है कि गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड संस्था के संगत (मतदाताओं) द्वारा चुनकर भेजे गए तीन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण तीन सदस्यों की चयन प्रक्रिया शुरू की जाएं। जिन तीन सदस्यों  कार्यकाल समाप्त होने का जिक्र किया गया है , सदस्य शेर सिंह फौजी, गुरमीत सिंह महाजन और राजेंद्र सिंह पुजारी है. पिछले चुनाव वर्ष २०१२ के दिसंबर माह में संपन्न हुए थे. लेकिन विधायक तारासिंह  महाराष्ट्र सरकार ने फ़रवरी - मार्च २०१५ में सीधे अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति देने के बाद बोर्ड का गठन सरकार द्वारा किया गया था. तारा सिंह की सीधी नियुक्ति और बोर्ड गठन भी तीन साल का समय पूर्ण हो गया है. लेकिन तारासिंह द्वारा बोर्ड बर्खास्त करने की मांग न करते हुए केवल तीन सदस्यों के चुनाव करवाने की सिफारिश की है जो की गुरुद्वारा बोर्ड कानून १९५६ की गरिमा के विपरीत है. 
गुरुद्वारा बोर्ड कानून के तहत मतदाताओं द्वारा निर्वाचित सदस्यों और बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष है. जिसके कारण तीन सदस्यों  चुनाव करवाने के साथ ही बोर्ड भी बर्खास्त किया जाना न्यायसंगत है. गौरतलब कि भाजपा विधायक तारा सिंह अपनी इच्छा सरकार लादकर मनमुताबिक कार्य महाराष्ट्र सरकार से करवा रहे हैं. सरदार तारासिंह पहले भी प्रधान पद पाने के लिए गुरुद्वारा बोर्ड कानून १९५६ में जबरन संशोधन करवाकर बोर्ड का प्रधान सरकार द्वारा नियुक्त करने का कानून पारित करवा चुके हैं. उन्होंने ऐसा करते हुए बोर्ड सदस्यों को मिले अध्यक्ष चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार भी छिन लिया है. पहले मुख्यमंत्री को प्रधान चयन के लोकतान्त्रिक अधिकार को बहाल करना चाहिए ऐसी मांग यहाँ उठ रही है. 
उल्लेखनीय है कि गुरुद्वारा बोर्ड के तीन सदस्यों के चुनाव करवाने की मांग लेकर स्थानीय राजनीती से जुड़े लोग जिलाधीश कार्यालय के सामने अनशन पर है. अनशनकर्ताओं की मांग पर सावधानी बरतते हुए प्रधान तारासिंह द्वारा राजस्व मंत्री को भेजकर चुनाव करवाने की मांग तो की गई पर साथ ही छुपे तौर पर ये भी संकेत डाला कि  "मेरा पद कायम रखते हुए केवल तीन सदस्यों के चुनाव करवाएं जाएं "
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                                                (महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में स्थित पेनगंगा नदी का जलस्तर बारिश के कारण ऊपर चढ़ रहा है.) 

समाचर : 

पेनगंगा नदी  जलस्तर चढ़ा. 
तारीख  ,२०१८ 
नांदेड़ (महाराष्ट्र) में मृग नक्षत्र आरम्भ होने  पूर्व ही बारिश शुरू होने से किसानों के चेहरें खिल उठे हैं.  दो दिनों की मध्यम बरसात से नांदेड़ से यवतमाल (विदर्भा) की ओर बहनेवाली पेनगंगा नदी  जलस्तर ऊपर चढ़ा गया. जिससे  हिमायतनगर तहसील में  एक छोटे पूल का हिस्सा ढह जाने के   समाचार हैं. पूल ढहने के बाद यातायात भी घंटों बाधित रही. पेनगंगा नदी के पानी का लाभ इसापुर बाँध के संग्रहण के लिए होता है. नदी के जलस्तर चढ़ने से नांदेड़ और यवतमाल जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी हुए है. 


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  • सैर के लाभ... 
 रविंदर सिंह मोदी..

मई और जून महीने में भारतीय लोग सैर-सपाटे में समय बिताने की जद्दोजहद में लगे होते हैं. बच्चों के स्कूलों में व्याकेशन होते हैं. अपने घर से चार दिन बाहर बिताकर लोग कुछ समय के लिए काम-धंदे की थकान, कार्यालयीन काम का तनाव भूलने का प्रयास करते हैं. लाखों भारतीय अपना घर छोड़कर कहीं न कहीं की सैर पर हैं. लेकिन यह सब कुछ वर्ष में एक बार व्याकेशन के समय देखने को मिलता हैं. हमारे प्रधान मंत्री भी अक्सर विदेश नीति को मजबूत बनाने के इरादे से विदेशों की सैर कर आते हैं. 
सैर की बात से याद आया कि, सैर करना स्वस्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है. इन दिनों हमारे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी सैर पर है. कल ही उन्होंने मुंबई की राजनीतिक यात्रा के तहत `मातोश्री` पहुंचकर शिवसेना कार्याध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. लता दीदी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई हो लेकिन माधुरी दीक्षित से मिलकर उन्होंने बॉलीवूड पर भी अपनी दृष्टि डाल ही दी. सुना है मुंबई की सैर के तुरंत परिणाम भले ही सामने न आये हो लेकिन उसके दीर्घ परिणाम के लाभ अमित शाह और बहुत हद तक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हक़ में आने की उम्मीद है. अमित शाह ने मातोश्री की यात्रा कर शिवसेना के लिए एक तरह से मुसीबतें बढ़ाने का प्रयत्न किया हैं. 
पालघर के चुनावों में शिवसेना को भले जीत ना मिली हो लेकिन उसने भाजपा का वर्ष २०१९ के चुनावों का रास्ता तंग कर दिया है. जाहिर है कि शिवसेना आगे भी भाजपा पर अपना दायरा कसने का लगातार प्रयास करेगी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हिन्दू मतदाताओं को ये सन्देश देना चाह रहे है कि हिन्दू मत विभाजन से कांग्रेस और अन्य पार्टियां लाभ ले सकती हैं. हिन्दू मतदाताओं की प्रतिक्रियाओं का दबाव शिवसेना पर बढ़ाने की नियत से ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना के साथ गठबंधन की पेशकश की है. 
शिवसेना को महाराष्ट्र में अपना अस्तित्व जीवित रखने के लिए स्वयंबल पर चुनाव लड़ना बेहद जरुरी है. अमित शाह की मातोश्री पर भेट एक तरह से शिवसेना पार्टी में गठबंधन को लेकर आंतरिक कलह और विवाद बढ़ा सकती है. अब अमित शाह पंजाब की सैर कर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ भी चर्चा करने जा रहे है. पंजाब को लेकर अमित शाह की नीति वो नहीं है जो महाराष्ट्र में शिवसेना को लेकर है. यहाँ तो भाजपा को एक ही बात खटक रही है और वो है कांग्रेस की सत्ता. देखना है कि पंजाब की सैर के भाजपा को क्या लाभ होते हैं.  
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मंगलवार, 5 जून 2018


शिलॉन्ग में सिखों पर हो रहे हमलें चिंताजनक 

      पूर्वोतर में मेघालय के शिलॉन्ग शहर में पिछले तीन-चार दिनों से सिख और पंजाबी परिवारों पर सांप्रदायिक हमले हो रहे हैं. सिखों के घरों और व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. पुलिस ने सिखों  को उनके घरों से निकालकर शरणार्थी शिविरों में पहुंचाया है. इन शिविरों में बुजुर्ग, महिला, छोटे बच्चों सहित सात सौ से अधिक सिख अपनी जान बचाएं शरणार्थी बने हुए हैं. सिखों पर त्रासदी छाई हुई है. 
      शिलॉन्ग शहर में विगत ४० वर्षों से सिख पंजाबी परिवार रह रहें हैं. कुछ सेना से सेवानिवृर्त्त सिख यहीं बस गए. तो कुछ परिवार व्यवसाय के के लिए यहाँ आकर बस गए थे. शिलॉन्ग में सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी का ऐतहासिक गुरुद्वारा विद्यमान है. गुरु नानक देव जी अपनी उदासी के दौरान मेघालय में ठहरे थे. उनका ऐतहासिक गुरुद्वारा `श्री नानक दरबार` यहाँ शोभायमान है और सिख बड़ी श्रद्धा के साथ वहां सेवा अर्चना कर  हैं.
      शिलॉन्ग शहर में सिखों की आबादी एक हजार से भी कम बताई जा रही है. बरसों से यहाँ के सिख बड़ा बाज़ार और पंजाबी लाइन में रहते हैं. सिखों पर हो रहें हमलें नियोजित और योजनाबद्ध लग रहे हैं. सिखों की जमीनों और सम्पत्ति पर नज़र रखें हुए कुछ लैंड माफ़िया और कुछ राजनेताओं की मिलीभगत से सिखों पर ये घटनाएं लादी जा रहीं हैं ऐसा आरोप शिलॉन्ग के निवासी सिखों ने लगाया हैं. गुरुद्वारा की डेढ़ एकड़ भूमि लेकर एक मामला उच्च-न्यायालय में चल रहा था जिसके नतीजे गुरुद्वारा के पक्ष में आने के बाद से ही वहां के लैंडमाफ़िया सक्रिय हो उठें. उनके जरिये पहले सिखों के खिलाफ सांप्रदायिक द्वेष फैलाया गया और पश्च्यात सिखों पर हमले शुरू किये गए.
     शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी द्वारा शिलॉन्ग के सिखों के लिए पहल शुरू की गई हैं. एसजीपीसी का एक शिष्टमंडल भी शिलॉन्ग के गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब में उपस्थित है. शिलॉन्ग परिवारों के सुरक्षा की समस्त जिम्मेदारी मेघालय सरकार और केंद्र सरकार की है. मेघालय की सरकार को लैंडमाफ़िया के दबाव में नहीं काम करना चाहिए. सिखों पर किये जा रहे हमलें चिंताजनक तो है साथ ही निंदनीय भी हैं. पूर्वोत्तर राज्यों में सिख परिवार बहुत कम संख्या में है. ऐसे में अल्पसंख्यंक सिखों पर हमलें देश की सरकार  लिए भी चिंता की बात है. सभी धर्मों को एक दूसरे धर्म के साथ आदर और भाईचारे के साथ रहना चाहिए और हमारा संविधान हमें यही सिखाता है. दुआ करों की शिलॉन्ग सरकार का सदविवेक जागृत हो और सिखों की सुरक्षा हो.
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रविंदर सिंह मोदी....  

शनिवार, 2 जून 2018

भविष्य के लिए निर्णय : 
लंगर सेवा की सामग्री जीएसटी से मुक्त करना मानवी सवेंदनाओं को सन्मान देना और सामाजिक सदभाव को बढ़ावा देना है. भारत सरकार के जीएसटी हटाने के निर्णय से भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में भविष्य में एक अनूठी क्रांति का सूत्रपात होगा. आज भले ही लंगर सेवा गुरुद्वारों में संचालित होती है अथवा किसी आपात स्थिति में इसका प्रयोग होता है. लेकिन विशाल जनसंख्यावाले इस देश में भविष्य में भूखमरी, दरिद्रता, गरीबी से लड़ने के लिए भी लंगर सेवा कारगर साबित होगी. भारत  देश में सिखों की जनसंख्या डेढ़ प्रतिशत के लगभग है. देश स्वतंत्र होने के बाद ७० वर्षों में सिखों की जनसंख्या पांच से छह करोड़ रहनी चाहिए थी. लेकिन सिखों की संख्या सिमित ही नहीं सिमटकर रह गई. बँटवारे के समय लाखों निर्दोष सिखों की हत्या हुई. स्वतंत्र भारत में भी सिखों की हत्याओं का दौर नहीं थमा. देश की सुरक्षा में अग्रणी सिख स्वंत्रता आंदोलन में भी जान न्यौछावर करते रहें, आज भी सीमा की रक्षा में जान न्यौछावर कर रहे हैं. ऐसे सिख धर्म अथवा जाति में लंगर सेवा की प्रथा महान सिख गुरुओं ने शुरू की और सिख गुरुओं की महान सेवा की विरासत आज भी कर्तव्य परायणता के रूप में निभाई जा रही है. यदि सिख धर्म को उसके इतिहास, बलिदान और सेवाभाव के बदले में लंगर सामग्री खरीदने या खरीदने के बाद चुकाई गई जीएसटी रिफंड करने का निर्णय सरकार ने किया है तो एक तरह से सिखों को न्याय को न्याय मिला है. जीएसटी माफ़ करने के लिए हर जगह से मांग उठ रही थी. सरकार ने मांग पर सकारात्मक विचार किया ऐसा मुझे लगता है. 
रविंदर सिंह मोदी.... 

hajursahibblogspot.com: हजूर साहिब, नांदेड़ की पवन धरती से यह ब्लॉग शुरू कर...

hajursahibblogspot.com: हजूर साहिब, नांदेड़ की पवन धरती से यह ब्लॉग शुरू कर...: हजूर साहिब, नांदेड़ की पवन धरती से यह ब्लॉग शुरू कर रहा हूँ. यह ब्लॉग वर्तमान का अवलोकन होगा और बीतें पलों की समीक्षा होगी. विषय का कोई बंधन...

बुधवार, 30 मई 2018

हजूर साहिब, नांदेड़ की पवन धरती से यह ब्लॉग शुरू कर रहा हूँ. यह ब्लॉग वर्तमान का अवलोकन होगा और बीतें पलों की समीक्षा होगी. विषय का कोई बंधन नहीं होगा. राष्ट्रवाद और नागरिकत्व मेरे लिए महत्वपूर्ण है. विश्वाभाईचारा, मानवता और पत्रकारिता जैसे तत्व मेरी विचारधारा में प्रमुख हैं. आशा है आप समय समय पर मेरी भावनाओं को सराहेंगे और मुझे सलाह भी आवश्य देंगे. यह मेरा पहला पोस्ट है. 
रविंदर सिंह मोदी....  

  होली हल्ला महल्ला यात्रा मार्ग की दुरुस्ती करें : मनबीरसिंघ ग्रंथी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार समूह) के युथ प्रदेश सचिव स. मनबीर...