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मंगलवार, 5 जून 2018


शिलॉन्ग में सिखों पर हो रहे हमलें चिंताजनक 

      पूर्वोतर में मेघालय के शिलॉन्ग शहर में पिछले तीन-चार दिनों से सिख और पंजाबी परिवारों पर सांप्रदायिक हमले हो रहे हैं. सिखों के घरों और व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. पुलिस ने सिखों  को उनके घरों से निकालकर शरणार्थी शिविरों में पहुंचाया है. इन शिविरों में बुजुर्ग, महिला, छोटे बच्चों सहित सात सौ से अधिक सिख अपनी जान बचाएं शरणार्थी बने हुए हैं. सिखों पर त्रासदी छाई हुई है. 
      शिलॉन्ग शहर में विगत ४० वर्षों से सिख पंजाबी परिवार रह रहें हैं. कुछ सेना से सेवानिवृर्त्त सिख यहीं बस गए. तो कुछ परिवार व्यवसाय के के लिए यहाँ आकर बस गए थे. शिलॉन्ग में सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी का ऐतहासिक गुरुद्वारा विद्यमान है. गुरु नानक देव जी अपनी उदासी के दौरान मेघालय में ठहरे थे. उनका ऐतहासिक गुरुद्वारा `श्री नानक दरबार` यहाँ शोभायमान है और सिख बड़ी श्रद्धा के साथ वहां सेवा अर्चना कर  हैं.
      शिलॉन्ग शहर में सिखों की आबादी एक हजार से भी कम बताई जा रही है. बरसों से यहाँ के सिख बड़ा बाज़ार और पंजाबी लाइन में रहते हैं. सिखों पर हो रहें हमलें नियोजित और योजनाबद्ध लग रहे हैं. सिखों की जमीनों और सम्पत्ति पर नज़र रखें हुए कुछ लैंड माफ़िया और कुछ राजनेताओं की मिलीभगत से सिखों पर ये घटनाएं लादी जा रहीं हैं ऐसा आरोप शिलॉन्ग के निवासी सिखों ने लगाया हैं. गुरुद्वारा की डेढ़ एकड़ भूमि लेकर एक मामला उच्च-न्यायालय में चल रहा था जिसके नतीजे गुरुद्वारा के पक्ष में आने के बाद से ही वहां के लैंडमाफ़िया सक्रिय हो उठें. उनके जरिये पहले सिखों के खिलाफ सांप्रदायिक द्वेष फैलाया गया और पश्च्यात सिखों पर हमले शुरू किये गए.
     शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी द्वारा शिलॉन्ग के सिखों के लिए पहल शुरू की गई हैं. एसजीपीसी का एक शिष्टमंडल भी शिलॉन्ग के गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब में उपस्थित है. शिलॉन्ग परिवारों के सुरक्षा की समस्त जिम्मेदारी मेघालय सरकार और केंद्र सरकार की है. मेघालय की सरकार को लैंडमाफ़िया के दबाव में नहीं काम करना चाहिए. सिखों पर किये जा रहे हमलें चिंताजनक तो है साथ ही निंदनीय भी हैं. पूर्वोत्तर राज्यों में सिख परिवार बहुत कम संख्या में है. ऐसे में अल्पसंख्यंक सिखों पर हमलें देश की सरकार  लिए भी चिंता की बात है. सभी धर्मों को एक दूसरे धर्म के साथ आदर और भाईचारे के साथ रहना चाहिए और हमारा संविधान हमें यही सिखाता है. दुआ करों की शिलॉन्ग सरकार का सदविवेक जागृत हो और सिखों की सुरक्षा हो.
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रविंदर सिंह मोदी....  

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