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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022

तेलंगाना में सिख नाबालिगा के साथ हैवानियत !

दुष्कर्मी हत्यारों को फांसी दो !

रविंदरसिंघ मोदी 

(हजूरसाहब, नांदेड़ में हजूरी साधसंगत घटना के प्रति रोषप्रदर्शन करते हुए?!)


हैदराबाद, तेलंगाना स्थित सुभाष नगर में 14 फरवरी की रात एक सतरह वर्षीय लड़की (नाबालिगा) के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्ममता के साथ हत्या कर दी गई. सिख समाज (सिखलीगर) समाज की इस युवती के साथ सामूहिक रूप से बलात्कार की घटना अमानवीय हैं. घटना के 48 घंटे बीत जाने पर भी अपराधी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं. लेकिन इस घटना का संज्ञान अभी तक ना गृह मंत्रालय ने लिया हैं और ना ही महिला आयोग ही जागा हैं. सबसे आश्चर्यकारक बात यह है कि मीडिया में भी यह घटना कहीं सुर्खियों में दिखाई नहीं पड़ रहीं हैं. 

नांदेड़ स्थित जिल्हाधिकारी कार्यालय के सामने रोषप्रदर्शन में शामिल महिला और पुरुष)

उपर्युक्त घटना को लेकर नांदेड़ (महाराष्ट्र) में स्थित सिख समुदाय में रोष का वातावरण बना हुआ हैं. हजूरी सिख संगत के माध्यम से नांदेड़ के जिल्हाधिकारी के नाम ज्ञापन प्रस्तुत कर घटना लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त करवाई करने की मांग की गई. इस विषय में जिल्हाधिकारी कार्यालय के सामने रोष प्रकट किया गया. इस रोष प्रदर्शन के समय महिला, पुरुष और बच्चें भी शामिल थे. 

जिल्हाधिकारी कार्यालय में निवासी उपजिलाधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए साधसंगत)

इस रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ज्ञानी तेगासिंघजी ने सुभाष नगर निवासी नाबालिगा की मौत से जुड़े कईं पहलुओं पर प्रश्नं उपस्थित किये. उन्होंने कहा कि एक नाबालिगा का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया, उसे निर्ममता के साथ मौत के घाट उतारा गया  लेकिन हैदराबाद पुलिस द्वारा मामले की सुध नहीं लीं गईं. इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सजा दीं जानी चाहिए. स. सचिंदरसिंघ शाहू ने भी प्रस्तुत ज्ञापन पर संयुक्त रूप से प्रश्न को प्रस्तुत किया. स. करणसिंघ चंदन ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि, पुलिस चाहे तो एक घंटे में जाँच पूर्ण कर आरोपियों को दबोच सकती हैं. लेकिन एक अल्पसंख्यक समुदाय की बेटी की मौत पर अन्याय किया जा रहा हैं. इसलिए सिखों के रास्तों पर उतरने की प्रतीक्षा ना करें और तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय दिया जाए. स. कश्मीरसिंघ भट्टी ने घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें फांसी की सज़ा देने की मांग की. 

तखत सचखंड श्री हजूर साहब गुरुद्वारा के सामने हुए रोष प्रदर्शन के  अवसर पर स. लड्डूसिंघ काटगर, स. कश्मीरसिंघ भट्टी, स. लखनसिंघ लांगरी, जसबीरसिंघ मल्ली, राजासिंघ बावरी, निरंजनसिंघ कलानी, मीराकौर टाक, सतनामकौर बावरी, गुरविंदरसिंघ रंधावा, हरबंस सिंघ मल्ली, सतबीरकौर गाड़ीवाले, बेबीकौर सिद्धू, पुरबकौर सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे. 

सोनू कौर को न्याय मिलना चाहिए : रविंदरसिंघ मोदी


मृतक सोनुकौर जिस दरिंदगी का शिकार हुईं हैं उसे शब्दों में बयान करने में दिक्कत हो रहीं हैं. अल्पसंख्यक सिख सिखलीगर समुदाय की इस नाबालिग बेटी को इंसाफ दिलाने में मीडिया, समाचार पत्र और सामाजिक संघठन अलिप्त रह गए. हैदराबाद, सिकंदराबाद, आर. आर. जिल्हा सहित तेलंगाना में सिखों की आबादी महज 20 हजार के आसपास हैं. जातीय जनसंख्या का आंकड़ा कमजोर दिखाई देने के कारण और जिस स्थान पर यह घटना घटित हुईं हैं उस परिसर में बाहुबलियों के राजनीतिक प्रभाव के आगे सोनूकौर की मौत केवल एक प्रदर्शन बनकर रह गईं हैं. इस विषय को राष्ट्रीयस्तर पर प्रस्तुत करने के लिए व्यापक जनांदोलन की आवश्यकता हैं. देश में वर्ष 2012 में निर्भया कांड हुआ था. उस समय सारा देश एकजुट हुआ था. तेलंगाना में भी एक वर्ष पूर्व एक डॉक्टर युवती के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद देश दहल गया था. लेकिन सोनुकौर की मौत की घटना पर कोई नहीं जागा. महिला संघटन, महिला आयोग, गृह मंत्रालय, अल्पसंख्यक आयोग ने भी कोई भाव प्रदर्शित नहीं किये हैं. तेलंगाना की साधसंगत के प्रयास सराहनीय हैं कि वें संघर्ष को उठाये रखें हुए हैं. यह विषय न्याय तक पहुँचे यहीं हमारी सभी की सामूहिक मांग हैं. 

(इस पोस्ट को अधिक से अधिक पोस्ट किया जाए)






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