तखत साहब की सुरक्षा को लेकर सवाल !
तखतसाहब की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके अंतर्गत
रविंदरसिंघ मोदी
| तखत साहब की सुरक्षा की अंतिम जिम्मेदारी सिखों की ही हैं. पुलिस एक मर्यादा तक सीमित है. |
तखत सचखंड श्री हजूर साहब की सुरक्षा का विषय जितना गंभीर हैं उतना पेचीदा भी. यह विषय यदा कदा चर्चा में लाया जाता है और बगैर किसी निष्कर्ष के भुला भी दिया जाता है. पिछले कुछ समय से हम देख रहें हैं कि धार्मिक स्थलों पर असामाजिक तत्वों द्वारा धार्मिक भावनाएं भड़काने हेतु कोई ना कोई अप्रिय घटना को अंजाम दिया जा रहा हैं. गत दिसंबर माह में श्री हरिमंदर साहब, अमृतसर में घटित घटना ने समस्त सिख जगत को सकते में डाल दिया था. इस विषय में हजुर साहब के निवासी स. परवेंद्रसिंघ शाहू (हीरा - मोती) द्वारा हाल ही में गंभीरतापूर्वक विषय उठाया गया हैं.
| परिसर की निगाबानी किसके हाथ? |
सरदार परवेंद्रसिंघ शाहू द्वारा महाराष्ट्र के गृहमंत्री श्रीमान दिलीप वलसे पाटिल और महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीमान संजय पांडे को ज्ञापन प्रस्तुत कर गुरुद्वारा तखत सचखंड श्री हजूरसाहिब धार्मिक स्थल की सुरक्षा हेतु पर्याप्त कदम उठाने की गुहार लगाई गईं. जिसके पश्च्यात नांदेड़ परिक्षेत्र पुलिस विभाग ने भी उक्त विषय में संज्ञान लेना आरंभ कर दिया हैं. संभवतः पुलिस विभाग और गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड प्रशासन मिलकर उपर्युक्त विषय में संयुक्तरूप से पहल करेंगे. लेकिन यह विषय सार्वजनिक भावनाओं से जुड़ा होने के कारण गुरुद्वारा तखत सचखंड हजुरसाहिब जैसे धार्मिक स्थान के विषय में पहल करना सभी की सामाजिक जिम्मेदारी भी हैं. दूसरे यह कि डेढ़ हजार की कर्मचारी संख्या वाली संस्था सुरक्षा के विषय पर असमर्थ क्यों प्रतीत हो रहीं हैं? इतना मनुष्यबल, तंत्र और साधन होने के बावजूद भी यहाँ की सुरक्षा प्रणाली को लेकर अविश्वास का भाव क्यों बना रहता हैं?
| कौन कहाँ से प्रवेश कर रहा हैं, उसकी स्कैनिंग और जानकारी सेवादारों को होनी चाहिए. |
तखत साहब की सुरक्षा को लेकर पिछले दो दशकों से चिंतन हो रहा हैं. वर्ष 2008 में जिस समय यहाँ श्री गुरु ग्रंथसाहिब जी का त्रिशताब्दी गुरुतागद्दी समागम मनाया था, उस समय भी सुरक्षा को लेकर नांदेड़ पुलिस दल द्वारा परिश्रम किया गया था. तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (पुलिस महानिरीक्षक) डॉ रविंद्र सिंघल द्वारा पुलिस सुरक्षा को लेकर सुरक्षा उपायों पर काम किया गया था. पुलिस कर्मचारियों को पंजाबी भाषा की ट्रेनिंग दिलाई गईं थीं. गुरुतागद्दी त्रिशताब्दी समारोह मनाने के बाद फिर सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतन नहीं किया गया. अभी गुरुद्वारा परिसर के छह प्रवेशद्वारों (गेट) को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है. केवल गुरुद्वारा बोर्ड के सिक्योरिटी विभाग के सेवादार उन्हें प्राप्त साधन श्रीसाहब (तलवार) के और बरछे (भाला) के भरोसे करते हैं. आपातस्थिति को लेकर कोई योजना अमल में नहीं हैं. इस समय स. परवेंद्रसिंघ शाहू द्वारा इस मुद्दें पर की गईं पहल सराहनीय प्रतीत हो रहीं हैं. यह विषय तखत साहब की सुरक्षा को लेकर होने के कारण इस विषय में हजुरसाहिब के स्थानीय निवासियों की राय और उनका सहकार्य महत्वपूर्ण माना जायेगा. पुलिस विभाग की सुरक्षा और उनकी कार्यप्रणाली अलग होती हैं. इसलिए पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी और हजूर साहिब के स्थानीय लोगों को आपस में उक्त विषय पर समन्वय विकसित किया जाना आवश्यक होगा.
| कुछ वर्ष पूर्व इस स्थान पर से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा शाम की आरती के समय विघ्न डालने का प्रयत्न किया गया था. |
हमें सामूहिक रूप से दीर्घकाल के लिए तखत साहब की सेवा हेतु सुरक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी. आधुनिक यंत्रणा और प्रशिक्षित कर्मचारियों की सहायता से ठोस योजना को अमल में लाया जाना चाहिए. दरबार साहब, अमृतसर और अक्षरधाम मंदिर जैसी सुरक्षा प्रणाली का एक बार अभ्यास किया जाना चाहिए. दरबार साहब अमृतसर में प्रत्येक गेट पर चौकसी बरती जाती हैं. वहां सेवा में लापरवाही को स्थान नहीं हैं. गुरुद्वारा बोर्ड के अधिकारी इस विषय का गंभीरता से संज्ञान लेंगे ऐसी उम्मीद की जा सकती हैं.
आतंकवाद का बदलता स्वरुप चिंताजनक : परवेंद्रसिंघ शाहू
विश्व में आतंकवाद का स्वरुप बदल गया हैं. असामाजिक तत्व हिंसा, द्वेष और जातीय उन्माद को बढ़ावा देने हेतु किसी भी हद तक कदम उठा सकते हैं. इसलिए सुरक्षा को लेकर हर पहलु पर विचार किया जाना जरुरी हो जाता हैं. वर्ष 2019 से यह विषय मेरे द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा हैं. इस विषय को लेकर गंभीरता जरुरी हैं. गुरुद्वारा बोर्ड प्रशासन सुरक्षा के विषय में मुगालते में हैं. गुरुद्वारा परिसर, छह गेट, मंदर साहब, गुरु का लंगर आदि स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त साधन जरुरी हैं. पुलिस प्रशासन और सभी राजनीतिक वर्ग भी गुरुद्वारा जैसी संस्था को मदत करेंगे ऐसी आशा हैं.
स. परवेंद्रसिंघ शाहू का निवेदन : 👇
( इस विषय में साधसंगत के कुछ सुझाव हो तो हजुरसाहिब ब्लॉग के साथ साझा कर सकते हैं )
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