दशहरा हल्ला महल्ला निकालने की मांग
सुप्रीम कोर्ट से अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रयास !
रविंदरसिंह मोदी
(तखत सचखंड श्री हजुरसाहब : दशहरा हल्ला महल्ला की फाइल फोटो.)
उपर्युक्त विषय में अधिक जानकारी यह है कि, तखत सचखंड श्री हजूरसाहब के तत्वावधान में आनेवाली तारीख 25-10-2020 को दशहरा का पारंपरिक त्यौहार मनाया जायेगा. सिख धर्म में दशहरा त्यौहार मनाने की परंपरा पुरानी है. दशहरा से पूर्व नौ दिन श्री चंडी साहब का पाठ करवाया जाता है. दशहरावाले दिन पाठ की समाप्ति उपरांत दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा का आयोजन किया जाता है. श्री हजूर साहब में दशहरा हल्ला महल्ला का पारंपरिक महत्त्व होने के कारण यहां यह त्यौहार मनाने हेतु निहंग सिंघों के सशस्त्र दल पहुँचते हैं. हजारों लाखों की संख्या में यहां श्रद्धालु भी पहुँचते हैं. यह त्यौहार परंपरागत होने के कारण वर्षों से चली आ रहीं परंपरा खंडित हो ऐसी भावना स्थानीय सिख समाज द्वारा व्यक्त हो रहीं है.
इस वर्ष कोरोना कोविड 19 वाइरस के संक्रमण के चलते शायद श्रद्धालु अनुपस्थित हो सकते हैं. या उनकी संख्या कम हो सकती हैं. दूसरी ओर स्थानीय साधसंगत में हल्ला महल्ला के आयोजन को लेकर गुरुद्वारा प्रशासन से मांग की जा रहीं है. आनेवाले दशहरा हल्ला महल्ला यात्रा के आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमति प्रदान नहीं की गई जिससे स्थानीय सिख समाज द्वारा नाराजी व्यक्त हो रहीं हैं. इस नाराजी को देखते हुए गुरुद्वारा बोर्ड प्रशासन ने अब सुप्रीम कोर्ट में अनुमति याचिका प्रस्तुत करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं. लेकिन समय की कमी की दिक्कत यहां स्पष्ट रूप से दिखाई दें रहीं है इसमें संदेह नहीं है. गुरुद्वारा बोर्ड द्वारा याचिका प्रस्तुत करने हेतु वकीलों से संपर्क साधा जा रहा हैं. आनेवाला समय ही तय करेगा कि इस विषय में याचिका प्रस्तुत हो पायेगी या नहीं.
उल्लेखनीय हैं कि, सुप्रीम कोर्ट में विषय प्रस्तुत कर ओड़िसा की सुप्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी रथयात्रा के तर्ज पर नांदेड़ की दशहरा यात्रा को अनुमति मिले यह प्रयास किये जा रहे हैं. यदि इस मुद्दे का आधार लिया जाता है तब कुछ शर्तों पर सर्वोच्च न्यायालय अनुमति प्रदान कर सकता हैं.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें