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मंगलवार, 8 मार्च 2022

गुरुद्वारा बोर्ड बजट में पर्मनन्ट विषय में करें आर्थिक प्रावधान !

रविंदरसिंघ मोदी 

एक एप्रिल की तिथि का प्रसंगावधान बड़ा विचित्र माना जाता हैं. संपूर्ण विश्व में यह तारीख कहीं हास्यास्पद तो कहीं सांसत में चर्चित रहती हैं. इस दिवस को महामूर्ख दिवस के रूप में भी मनाने का प्रचलन है. लेकिन क्या कीजिएगा कि हमारा आर्थिक वर्ष इसी तिथि से प्रारंभ करने की एक प्रथा कार्यरत है. एक एप्रिल तारीख से बजट (आर्थिक प्रावधान प्रकिया) प्रारंभ की जाती है. इसलिए आर्थिक प्रावधान पर सभी की निगाहें टिकी हुईं होती है कि हमें क्या मिलेगा ! निश्चित ही गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कर्मचारियों की निगाहें भी उनके हितों के निर्णय पर टिकी हुईं होगी इसमें कोई दो राय नहीं हैं. 

( फाइल फोटो )

अब कहीं से अंदरूनी रूप इस ख़बर का सूत्रपात हो रहा है कि गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड संस्था में कार्यरत डेलीवेजस कर्मचारियों को सेवा में पक्का (परमानेंट) करने के विषय में बोर्ड पदाधिकारियों और सदस्यों में समन्वय प्रस्थापित हो रहा हैं. खबर सकारात्मक हैं. पचास प्रतिशत मेंबर साहिबान परमानेंट के विषय में सकारात्मक हैं. पिछले एक डेढ़ माह से हजुरसाहिब ब्लॉग पर मेरे द्वारा जो भाव व्यक्त हो रहें हैं, उनको लेकर मुझे सैकड़ों लोगों की प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो रहीं हैं. कर्मचारी ही नहीं आपितु कर्मचारियों के परिवार और साधसंगत में भी डेलीवेजस कर्मचारियों को सेवा में पक्का करने के विषय में चर्चा जारी हैं. कुछ लोग साल भर से यह मांग लेकर बोर्ड से गुहार लगा रहें हैं. कुछ लोग आनेवाले चुनाव पर निगाहें टीकाकार अब कर्मचारियों की बगल में स्थान बनाना चाह रहें हैं. ठीक हैं चुनाव के लिए सब जायज हैं! बेबस कर्मचारियों को सहयोग करना बेहद जरुरी हैं, इसलिए पिछले कुछ समय से इस विषय में मैं, स्पष्ट मत व्यक्त कर रहा हूँ कि डेलीवेजस कर्मचारियों को पक्का कर राहत दी जानी चाहिए. जिन्हें चाहिए वें श्रेय रख लें, पर गरीब कर्मचारी वर्ग का नुकसान ना करें. यदि कुछ करना हो तो तीन से चार दिनों के समय में कीजिये. कलम ग्यारह का विषय अब नतीजे पर आने वाला हैं. अधिवेशन में कानून संशोधन का विषय रंग ला सकता हैं. उससे पूर्व सन्मानीय बोर्ड सदस्यगण आपस में समन्वय प्रस्थापित कर मा. प्रधान साहब को इस विषय पर राजी करें तो बात बन जाएगी. 

( फाइल फोटो )

इसलिए मैं, हमारे तीनों इलेक्टेड मेंबर साहिबान और सचखंड हजूरी खालसा दीवान के मेंबर साहिबान से हाथ जोड़ कर विनम्र प्रार्थना कर रहा हूँ कि आपकी दस्तखतयुक्त एक "कॉमन नोट" बनाकर कर्मचारियों को सेवा में पक्का करने के विषय में आनेवाले आर्थिक वर्ष 2022 - 2023 के आर्थिक प्रारूप बजट में रखकर संभाव्य राशि का प्रावधान करवाएं. निकट भविष्य में बोर्ड की बजट मीटिंग का होना संभव नहीं लग रहा हैं. बोर्ड के प्रधान साहब द्वारा बजट मीटिंग के आयोजन को लेकर कोई पहल नहीं की जा रहीं है. इसलिए हो सकता है कि बोर्ड का बजट इस बार या तो जिलाधीश साहब की अनुमति से पास किया जाए अथवा नया बोर्ड या कमेटी द्वारा ही मान्यता दीं जाए ! बोर्ड के आर्थिक प्रावधान का भविष्यकालीन प्रभाव देखते हुए, समझते हुए और चिंतन करते हुए कर्मचारियों के विषय में प्रलंबित विषय भी नियमानुसार "विशेष कॉमन नोट" की सहायता से प्रधान साहब अथवा कलेक्टर साहब के पास प्रस्तुत किया जाए. यह खुशखबरी होली से पहले कर्मचारियों को मिल जाए तो निश्चित ही बोर्ड के पदाधिकारी और मेंबर साहिबान सत्कार के पात्र होंगे. अन्यथा एक एप्रिल वाली "प्रथा" की बात लागु हो जायेगी. 


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