न्यू सॉउथ वेल्स के स्कूलों में "कृपाण" पाबंद !
रविंदरसिंह मोदी
ऑस्ट्रेलिया के न्यू सॉउथ वेल्स स्टेट प्रशासन द्वारा वहाँ के सरकारी स्कूलों में सिख विद्यार्थियों के कृपाण धारण कर स्कूल आने पर पाबंदी के आदेश जारी किये गए. न्यू सॉउथ मिनिस्टर साराह मिशेल द्वारा ता. 18-05-2021 को आदेश जारी किया गया जिसकी अनुपालना ता. 19-05-2021 से अमल में लाई गई. ऑस्ट्रिलयन सरकार के निर्णय के बाद वहाँ के सिख समुदाय ने सरकार के प्रति नाराजी व्यक्त कर शासन आदेश पर पुनर्विचार करने की अपील की हैं.
न्यू सॉउथ वेल्स प्रांत के सिडनी स्थित ग्लेनवुड स्कूल में ता. 06-05-2021 को एक घटना घटित हुई थी जिसमें एक 14 वर्षीय सिख विद्यार्थी का स्कूल की कक्षा में वहाँ के अन्य विद्यार्थियों से किसी विषय को लेकर झगड़ा हो गया. तीन से चार विद्यार्थियों द्वारा जब उस सिख विद्यार्थी के साथ मारपीट की गई तब उस सिख विद्यार्थी द्वारा कृपाण निकाल कर अपना बचाव किया गया. इस समय एक सोलह वर्षीय विद्यार्थी कृपाण से घायल हो गया.
घटना के बाद पुलिस को मामला सौंपा गया. पश्च्यात में कुछ अभिभावकों द्वारा स्कूलों में कृपाण के उपयोग पर पाबंदी लगाने की मांग की. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने घटना की समीक्षा के पश्च्यात ता. 19 मई से स्कूलों में कृपाण के उपयोग पर पाबंदी लागु कर दी. सिखों के एक प्रतिनिधि मंडल ने सरकारी निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील सरकार से की. साथ ही कृपाण को धार्मिक अनुपालना सिद्धांत का प्रमुख आधार बताकर खालसा पंथ के अमृतपान का ऐतहासिक प्रसंग और उससे जुड़े सभी धार्मिक तथ्यों को प्रस्तुत किया हैं. पर अभी तक ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा निर्णय को लेकर कोई भी नई टिप्पणी या पुनर्विचार की तैयारी दर्शाई नहीं गई.
ऑस्ट्रेलिया सरकार के निर्णय का भारत में सिख संस्थाओं द्वारा विरोध प्रकट किया गया. इस घटना को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी बयान जारी किया हैं कि सिखों की धार्मिक स्वतंत्रता पर यह अगाध है. ऑस्ट्रेलिया सरकार को यह निर्णय रद्द करना चाहिए.
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