आज मेरा घर टूटा है,
कल तुम्हारा घमंड टूटेगा!
मुंबई बनीं राजनीति की युद्धभूमि
रविंदरसिंघ मोदी
फिल्म अभिनेत्री कंगना राणावत का मुंबई पहुँचने के बाद जारी किया गया बयान बहुत मार्मिक है. कंगना ने अपने बयान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर कहा, "आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा. जो हुआ अच्छा ही हुआ है मुझे कश्मीरी पड़ितों के दर्द का पता तो चला. मै, अब कश्मीर पर भी एक फिल्म बनाउंगी. "
जाहिर है कि जिसका मकान टूटता है, उसे तो दर्द होता ही है. शिवसेना सरकार द्वारा कंगना के खिलाफ उठाया गया कदम एक तरह से उसे सहानुभूति प्रदान कर गया. हालांकि बीएमसी ने मकान का कुछ हिस्सा ही ढाया है, लेकिन कंगना को उस करवाई से शोहरत और सहानुभूति मिल गईं. अब कंगना केवल फिल्म अभिनेत्री नहीं बल्कि एक नेता और एक्टिविस्ट के रूप जाने जानी लगी है. इस घटना से कंगना के दिल्ली (गुजरात) कनेक्शन मजबूत हो गए हैं.
कंगना विषय में शिवसेना पार्टी अब प्रदेश में भी अलग थलग होती नजर आ रही हैं. बीएमसी की करवाई से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो श्री शरद पवार भी नाराज दिखाई दे रहे हैं. वहीं कांग्रेस पार्टी मौन धारण किये हुए है. मुंबई में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया डेरा डाले हुए हैं. एक तरह से मुंबई युद्धभूमि बनीं हुई हैं. आगे क्या होगा इस बात की उत्कंठा सभी को हैं.
कंगना की बेछूट बयानबाजी ने शिवसेना को आहत कर रखा हैं. मुंबई पहुँचने के बाद पहले बयान में ही उसने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बगैर "घमंडी" करार दिया. साथ ही चुनौती भी पेश की कि, आनेवाला कल तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा. कंगना ने आज ही "बाबर " और "बाबर की सेना" जैसे शब्द प्रयोग किये थे. जिससे यदि कोई आहत हुआ होगा तो निश्चित ही श्री उद्धव ठाकरे और उनके निकटतम सहयोगी श्री संजय राउत का नाम अग्रणी हैं. अब कंगना मुंबई पहुँच चुकी हैं तो निश्चित ही मुंबई में उनकी सुरक्षा को लेकर सारी जिम्मेदारी भी महाराष्ट्र सरकार की ही होगी. इसलिए जब तक कंगना मुंबई में रहेगी, तब तक मुंबई राजनीति की युद्धभूमि बनीं रहेगी इसमें कोई दोराय नहीं हैं.



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें