भावभीनी श्रद्धांजलि
हिंदी फिल्मों के नागमाकर, गीतकार और साहित्यिक आदरणीय गोपालदास नीरज साहब ने विचारों और सोंच के माध्यम से बहुत कुछ दिया हैं. उनके नगमें तो हम गुनगुनातें ही हैं लेकिन उनमें छुपे सन्देश का अहसास भी करते हैं. भले ही नीरज हमें छोड़कर चले गए हैं लेकिन उनका साहित्य और हिंदी गीत सदैव उनके होने का अहसास करते रहेंगे. मेरी भावमय श्रद्धांजलि अर्पित है. - रविंदर सिंह मोदी

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