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सोमवार, 14 अगस्त 2023

 डॉ विजय सतबीरसिंघ ने बोर्ड का प्रभार संभाला 

तखत साहब पर हुआ सम्मान 

डॉ विजय सतबीरसिंघ रविवार की शाम तखत सचखंड श्री हजूर साहिब में मत्था टेकने के बाद. 

रविंदरसिंघ मोदी 

पूर्व प्रशासनिक अधिकारी डॉ विजय सतबीरसिंघ ने आखिर सोमवार की सुबह गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड के प्रशासक पद का प्रभार स्वीकार कर लिया. तमाम विवादों और विरोध को नज़र अंदाज़ कर श्री विजय सतबीरसिंघ रविवार ता. 13 अगस्त के दिन नांदेड़ पहुँचे थे. उन्होंने कल शाम तखत सचखंड हजुरसाहिब दरबार साहिब पहुंचकर मत्था टेका. इस अवसर पर उनके साथ दो पारिवारिक सदस्य भी थे. 

तखत साहिब के जत्थेदार संतबाबा कुलवंतसिंघजी और पंजप्यारे साहिबान द्वारा उन्हें पारंपरिक रूप से चोला, दस्तार, हार और श्रीसाहब देकर सम्मानित किया गया. ऐसी जानकारी गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड के अधीक्षक सरदार ठानसिंघ बुंगाई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दीं गई. 

गुरुद्वारा बोर्ड प्रशासक का पदभार सँभालने के पश्च्यात डॉ विजय सतबीरसिंघ ने कहा कि वें गुरु घर की सेवा के लिए सदैव सेवक बनकर कार्य करने के इच्छुक हैं. डॉ विजय सतबीरसिंघ सेवानिवृत्ति से पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के ऊँचे ओहदे पर कार्यरत थे. महाराष्ट्र प्रदेश में वें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पद से सेवा निवृत्त हुए. उन्होंने नांदेड़, अमरावती, मुंबई में अनेक ओहदो पर पारदर्शिता के साथ सेवा निभाई थीं. 

गुरुद्वारा बोर्ड के सूत्र स्वीकारते हुए डॉ विजय सतबीरसिंघ. साथ है अधीक्षक स. ठानसिंघ बुंगाई. 

उच्च शिक्षित डॉ विजय सतबीरसिंघ ने अमृतसर से एमबीबीएस पूर्ण की थीं. पश्च्यात उच्च पढ़ाई के लिए अमरीका की हारवर्ड यूनिवर्सिटी और इंग्लैंड की मेनचेस्टर यूनिवर्सिटी से उच्च पदवी प्राप्त की थीं. डॉ विजय सतबीरसिंघ इससे पूर्व सन 2014 में गुरुद्वारा बोर्ड के प्रशासक रहें थे. इस बार उनकी नियुक्ति काफी नाटकीय रहीं है. अभी एक सप्ताह पूर्व ही महाराष्ट्र सरकार ने डॉ परविंदरसिंघ पसरीचा को प्रशासक पद से हटाकर गुरुद्वारा बोर्ड के नये प्रशासक के रूप में नांदेड़ के जिलाधीश डॉ अभिजीत राऊत को प्रशासक नियुक्त किया था. लेकिन गुरुद्वारा बोर्ड पर गैर सिख प्रशासक की नियुक्ती का पंजाब, दिल्ली और अन्य स्थानों से विरोध होने लगा था. जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने अभिजीत राऊत के स्थान पर सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ विजय सतबीरसिंघ को बोर्ड के प्रशासक के रूप में नियुक्त कर डाला. 

हजुरसाहिब के स्थानीय निवासियों में डॉ विजय सतबीरसिंघ की नियुक्ति को लेकर खासा विरोध जारी हैं. उन्होंने इससे पूर्व वर्ष 2014 से 2015 के कार्यकाल में गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कानून 1956 एक्ट को बदलने का काफी प्रयास किया था. उन्होंने नांदेड़ के स्थानीय निवासियों से बगैर चर्चा किए ही जस्टिस जगमोहन सिंघ भाटिया की रिपोर्ट लागु करने के समर्थन में भूमिका निभाई थीं. अभी भी उनके प्रति संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि वें गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड एक्ट में बदलाव करने की भूमिका में ना आ जाए. उनको लेकर हजुरसाहिब में असंतोष भी व्याप्त हैं. 

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