मुख्य ग्रंथी भाई राजिंदरसिंघजी जीवन की जंग हार गए !
आत्महत्या या मौत?
गुत्थी कायम !
| भाई राजिंदर सिंघजी, दिवंगत, हेड ग्रंथी पटना. |
सिखों के पवित्र पावन तखत श्री हरमिंदर साहब, पटना में मुख्य ग्रंथी के रूप में कार्यरत ग्रंथी भाई राजिंदरसिंघ जी आखिर अपने जीवन की जंग हार गए. सोमवार, 17 जनवरी की सुबह 3 बजने के करीब उनका पटना के श्री गुरु गोबिंदसिंघजी अस्पताल में उपचार के चलते निधन हो गया. उनकी आयु 70 वर्ष थीं और उन्होंने लंबे अरसे तक तखत साहब में सेवा निभाई थीं. उनके परिवार के सूत्रों के मुताबिक पटना के खाजेकलां घाट पर उनके पार्थिव पर अंतिम संस्कार किया जायेगा.
भाई राजिंदरसिंघजी की मौत ने कईं सवाल खड़े कर दिए हैं. उनकी मौत को लेकर सिखों के एक गुट ने तो हत्या होने की साजिश का आरोप लगाया हैं. जिसके बाद तखत हरिमंदर साहब पटना प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार अवतारसिंघ हित की परेशानियां बढ़ गईं. उल्लेखनीय हैं कि तारीख 13 जनवरी, 2022 के दिन भाई राजिंदरसिंघजी उनके गुरुद्वारा स्थित निवास में गंभीर रूप से घायल हालात में पाए गए थे. उनकी गर्दन पर कृपाण का बना घाव पाया गया था. प्रथमदृष्टिया यह मामला आत्महत्या होने के संकेत दें रहा था.
भाई राजिंदरसिंघजी को घायल अवस्था में अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करवाया गया. ता. 16 जनवरी को उनकी तबियत में सुधार होने की चर्चा थीं. लेकिन रात बीतने के बाद अचानक से उनकी मौत हो गईं. उनकी मौत पर पटना स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से संबंधित दो गुटों में आरोप - प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए हैं. बहरहाल बुजुर्ग ग्रंथी भाई राजिंदरसिंघ जी को श्रद्धांजलि अर्पित हैं.
.....
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें