श्री गुरु गोबिंदसिंघजी महाराज का प्रकाशपर्व मनाया !
नगरकीर्तन खेलकर मनाई खुशियाँ!
तखत सचखंड श्री हजूर साहब नांदेड़ के पावन स्थान पर रविवार, 9 जनवरी, 2022 की सुबह तड़के, तिथिनुसार, खालसा पंथ के संस्थापक, दशम पिता श्री गुरु गोबिंदसिंघजी महाराज का प्रकाश पर्व मनाया गया. आदरणीय जत्थेदार जी संतबाबा कुलवंतसिंघजी, मीत जत्थेदार संतबाबा ज्योतिंदरसिंघजी, सहायक जत्थेदार संतबाबा रामसिंघजी, हेड ग्रंथी सिंघसाहिब भाई कश्मीरसिंघजी, मीत ग्रंथी सिंघसाहब भाई गुरमीतसिंघजी ने गुरु महाराजजी के पावन प्रकाशपर्व दिहाड़े के सभी धार्मिक विधियों का संचालन किया. सुबह प्रकाश पर्व की अरदास की गईं. श्री गुरु ग्रंथसाहिब जी का हुकुमनामा पठन किया. साथ ही कीर्तन, श्री आसां-दी-वार साहब के पाठ, कथा, आरती, भोग और अरदास कार्यक्रम संपन्न हुए. संतबाबा कुलवंतसिंघजी ने साधसंगत जी को गुरु महाराज जी के प्रकाशपर्व के उपलक्ष्य में बधाई और शुभकामनायें प्रेषित की.
दोपहर 4 बजे के समय तखत सचखंड हजूर साहिब स्थान से प्रकाश पर्व दिहाड़े को समर्पित नगरकीर्तन यात्रा का आयोजन किया गया था. यह यात्रा पिछली यात्रा के मुताबिक पारंपरिक मार्ग पर निकाली गई. नगरकीर्तन यात्रा में विशेष पालकी वाहन में धन धन श्री गुरु ग्रंथसाहिब जी के पावन स्वरुप प्रकाशमान किये गए थे. श्री निशान साहब और गुरु महाराज जी के घोड़े (अश्व) यात्रा में शामिल थे. साथ ही कीर्तन जत्थे, गतका जत्थे, भजन मंडली और रागी जत्थे यात्रा में शामिल थे.
नगरकीर्तन यात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा गतका खेलकर खुशियाँ मनाई गईं. बड़ी संख्या में साधसंगत द्वारा पालकी वाहन के मार्ग की स्वछता कर मार्गपर फूलों का बिछौना तैयार करने की सेवाएं अर्पित की. बड़ी संख्या में सेवाभावी युवकों द्वारा मिठाइयां वितरण कर सेवाएं की गईं. दूध और पुरी-छोलों के लंगर का भी वितरण किया गया. तखत साहब में रात में विशेष कीर्तन भी संपन्न हुआ.
..........
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें