शेरसिंघ फौजी, गुरचरनसिंघ घड़ीसाज, सुरेंदरसिंघ मेंबर और सुरजीतसिंघ फौजी की बोर्ड में नियुक्ति !
सचखंड हजूरी खालसा दीवान द्वारा मनोनीत
सचखंड हजूरी खालसा दीवान सदस्यों के गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड में समावेश का बहुप्रतीक्षित एवं प्रलंबित निर्णय आखिरकार तारीख 20 जनवरी, 2022 को अमल में आया. महाराष्ट्र सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी गैजेट (आदेश परिपत्रक) अनुसार गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड कानून 1956 की बोर्ड संरचना कलम 6 (1)(8) अनुसार सचखंड हजूरी खालसा दीवान के बोर्ड सदस्य के रूप में सरदार गुरचरनसिंघ उत्तमसिंघ घड़ीसाज, स. शेरसिंघ हीरासिंघ फौजी, स. सुरजीतसिंघ शेरसिंघ फौजी और स. सुरेंदरसिंघ अजायबसिंघ फौजी की नियुक्ति की गईं. जिसके पश्च्यात अब बोर्ड सदस्य संख्या 13 पर पहूंच गईं है और अभी चार सदस्यों की नियुक्तियां प्रलंबित है. चारों सदस्यों के सदस्य के रूप में बोर्ड में आगमन करने पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनायें प्रेषित की हैं.
गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड में अब तीन अनुभवी और एक नये चेहरे का समावेश हुआ है. विगत एक से डेढ़ साल से दीवान सदस्यों की नियुक्ति का विषय प्रलंबित रखा गया था. अब जबकि एसजीपीसी सदस्य और महाराष्ट्र सरकार नियुक्त प्रधान स. भूपिंदर सिंघ मिनहास के सामने बोर्ड को लेकर कई तरह की कानूनी दिक्क़तें प्रस्तुत हुईं तो लगें हाथ राजस्व मंत्रालय द्वारा दीवान के सदस्य बढ़ाकर मिनहास को बड़ी राहत पहुंचाई गई है. वहीं महाराष्ट्र सरकार नियुक्त प्रतिनिधि का एक पद, हैदराबाद (तेलंगाना) के सिखों का एक प्रतिनिधी और दो सिख सांसद अथवा उनके स्थान पर दो लोगों की नियुक्ति का विषय राजस्व मंत्रालय द्वारा फिर से प्रलंबित रखा गया है. इन पदों को रिक्त रखकर राजस्व मंत्रालय द्वारा बोर्ड फार्मेशन प्रक्रिया को पूर्ण नहीं किया जा रहा है.
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