मेरी ब्लॉग सूची

शनिवार, 12 जून 2021

सिख विद्यार्थियों का वजीफा ना रोका जाएं !

 गुरुद्वारा बोर्ड को सिख विद्यार्थियों का वजीफा रोकना नहीं चाहिए !

रविंदरसिंघ मोदी 


(Bhupinder singh manhas, president, GSB)

श्री हजूर साहिब नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड संस्था द्वारा सिख विद्यार्थियों के वजीफा (स्कॉलरशिप) के विषय में अनदेखी नहीं करनी चाहिए. गुरुद्वारा बोर्ड द्वारा पिछले आर्थिक वर्ष 2020-2021 में सिख विद्यार्थियों को वजीफा देने के लिए अर्थसंकल्प (बजट) प्रावधान किया गया था. लेकिन कोविड 19 संक्रमण का बहाना कर वजीफा वितरित नहीं किया गया जबकि सरकार ने शैक्षणिक वर्ष कानूनन पूर्ण कर लिया. 50% से ज्यादा बच्चों को फीस भरनी पड़ी वहीं 50% विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस भरना शेष है. बारहवीं के छात्रों ने भी अलग अलग परीक्षाओं की फीस भरी हुई हैं. कुछ परीक्षाएं रद्द हो गई लेकिन फीस तो अदा हो चूकी हैं. 

जिन विद्यार्थियों फरवरी 2020 में टूशन लगाया उनको भी फीस चुकानी पड़ी. कॉलेज में भी फीस भरनी पड़ गई. उच्च शिक्षा स्नातक और उच्च स्नातक वर्गों के विद्यार्थियों को भी फीस चुकानी पड़ी. इस वर्ष कोविड की विभीषिका के बावजूद सभी यूनिवर्सिटी द्वारा फीस में भारी बढ़ोतरी की गई हैं. अब वर्ष 2021-2022 शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों को प्रवेश लेना हैं और अकादमीक फीस भरना हैं. इस वर्ष जून में लॉकडाउन शिथिल हो जाने से स्कूल और कॉलेज के लिए प्रवेश शुरू हो रहें हैं. विद्यार्थियों को टूशन क्लास लगवाने. लॉकडाउन की विभीषिका के चलते आज बहुत से सिख परिवार हताहत हैं. बहुत से सिख परिवारों में कोविड संक्रमण का प्रादुर्भाव रहा हैं. समाज में पिछले साल भर में डेढ़ सौ के लगभग मौतें हुई हैं. बहुत से घरों ने कमानेवाले प्रमुख को खो दिया हैं. कोरोना के उपचार में बहुत से परिवारों को ब्याज से पैसे लेकर जरूरतें पूर्ण करनी पड़ रहीं हैं. ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई हैं. 

जाहीर हैं कि गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड द्वारा जारी वर्ष के अर्थसंकल्प में वजीफा फण्ड का एक करोड़ राशि का प्रावधान तो करेगा. पिछले वर्ष के फण्ड प्रावधान का शेष अनुशेष वितरित नहीं किया गया. यांनी वजीफा के फण्ड में दो करोड़ की राशि का समायोजन करने की संभावना और गुंजाईश हैं. लेकिन उदासीनता और राजनीतिक सोंच के कारण गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड सिख विद्यार्थियों के साथ न्याय नहीं कर पा रहा हैं. जिसके चलते सिख विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा हैं. बोर्ड को चाहिए कि कम से कम विद्या (शिक्षा) जैसे क्षेत्र में राजनीति ना करें. सिख समाज के नेता, खासकर गुरुद्वारा बोर्ड की राजनीति से जुड़े नेतागण इस संबंध में गुरुद्वारा बोर्ड के प्रधान साहब के सामने खुलकर चर्चा क्यों नहीं करते हैं? प्रधान साहब के करीब और खास कहलाने वाले नेतागण वजीफा नीति को लेकर खुलकर बहस क्यों नहीं करते? यदि गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड सिख विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रोत्साहित नहीं कर रहा हैं तो बहुत बड़ा दुर्भाग्य हैं. सिख विद्यार्थी अपना अधिकार लेने के लिए आंदोलन करें इससे पूर्व गुरुद्वारा बोर्ड के अर्थसंकल्प में वजीफा फण्ड का प्रावधान करने के साथ साथ जुलाई अथवा अगस्त माह में बच्चों को वजीफ़े का वितरण किया जाएं. ऐसी सभी से प्रार्थना हैं. 

........



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  होली हल्ला महल्ला यात्रा मार्ग की दुरुस्ती करें : मनबीरसिंघ ग्रंथी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार समूह) के युथ प्रदेश सचिव स. मनबीर...