एसजीपीसी की उपलब्धि का हजुरसाहिब में ठंडा स्वागत !
शुभकामनायें भी नहीं दीं ?
रविंदरसिंह मोदी
अभी हाल ही में तारीख 15-11-2020 सिखों की सर्वोच्च प्रतिनिधिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संस्था गठन के एक सौ वर्ष पुरे कर लिए. सिख पंथ के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जानी चाहिए. लेकिन हजूर साहिब नांदेड़, महाराष्ट्र में एसजीपीसी की इस उपलब्धि का ठंडा स्वागत हुआ है. वो भी ऐसे समय, जब गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड पर एसजीपीसी के प्रतिनिधि प्रधान और मीत प्रधान के रूप में नियुक्त हैं. गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड औपचारिक रूप से एसजीपीसी की इस उपलब्धि पर शुभकामनायें भी प्रेषित नहीं की गईं ! हजूर साहब बोर्ड के किसी भी पदाधिकारी अथवा मेंबर द्वारा सोशल मीडिया पर भी शुभकामनायें जारी नहीं की गईं. इस हताशा के पीछे क्या कारण हो सकता हैं यह साधसंगत में चर्चा का विषय बना हुआ हैं. गुरुद्वारा बोर्ड कार्यालय द्वारा भी कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गईं.
गुरुद्वारा तखत सचखंड बोर्ड में एसजीपीसी के चार सदस्य प्रतिनिधित्व कर रहें हैं. चीफ खालसा दीवान संस्था का भी एक प्रतिनिधि यहाँ नियुक्त हैं. ऐसे में हजूर साहिब में एसजीपीसी की उपलब्धि को नजर अंदाज कर दिया गया. यूँ भी हुआ होगा कि शायद किसी को यह याद ही नहीं आया हो कि यह काम भी किया जा सकता हैं. एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंदसिंघजी लोंगोवाल भी इस बात से थोड़े चिंतित हुए ही होंगे. श्री लोंगोवाल हजूर साहिब की साधसंगत की भावनाएं इस ख़ामोशी में खूब महसूस कर सकते हैं. खैर, इस मौके पर एसजीपीसी संस्था की इस खास उपलब्धि पर हम एसजीपीसी के प्रधान, मीत प्रधान, सेक्रेटरी, पदाधिकारी और सदस्यों को शुभकामनायें और बधाई प्रेषित करते हुए अरदास करते हैं कि गुरु महाराज सभी को सद्धबुद्धि, विवेक और सच्ची सेवा का बल बक्शे.


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